{“_id”:”67294d3b966a4d8c190c6be5″,”slug”:”al-cabo-de-una-semana-los-equipos-empezaron-a-desaparecer-del-parque-sensorial-chandigarh-news-c-16-pkl1043-554472-2024-11-05″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Chandigarh News: हफ्ते में ही सेंसरी पार्क से उपकरण होने लगे गायब”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}

चंडीगढ़। सेक्टर-22डी स्थित सेंसरी पार्क के उद्घाटन के एक हफ्ते के अंदर ही उपकरण गायब होने लगे हैं। यहां पर न्यूटन क्रेडल लगाया गया था, जो अब गायब हो चुका है। हालांकि, पार्क के उद्घाटन के समय ही आयुक्त अमित कुमार ने न्यूटन क्रेडल पर सवाल उठाए थे, क्योंकि यह गति और ऊर्जा के सिद्धांत को प्रदर्शित नहीं कर रहा था। सेक्टर-22डी में गुरुद्वारे के सामने 0.65 एकड़ में बने पार्क में दिव्यांगों व अन्य के लिए कई तरह के उपकरण लगाए गए हैं। इस पर एक करोड़ 24 लाख रुपये खर्चे गए हैं। न्यूटन क्रेडल काफी खास होता है। इसमें न्यूटन के लॉ के अनुसार जब एक गेंद को उठाकर छोड़ते हैं, तो वह दूसरी गेंद से टकराती है और अपनी सारी ऊर्जा पास की गेंदों को हस्तांतरित कर देती है। ये ऊर्जा और मोमेंटम बीच की गेंदों से होते हुए अंत की गेंद तक पहुंचता है, जिससे अंतिम गेंद ऊपर की ओर उठती है और फिर वापस आकर वही प्रक्रिया दोहराती है। जब एक गेंद को छोड़ते हैं तो केवल अंत में मौजूद गेंद ही उतनी ही ऊंचाई तक उठती है जितनी पहली गेंद उठाई गई थी। अगर दो गेंदें एक साथ उठाई जाती हैं और छोड़ी जाती हैं तो दूसरी तरफ भी दो गेंदें उतनी ही ऊंचाई तक उठती हैं। हालांकि, उद्घाटन के दिन आयुक्त ने देखा कि निगम की तरफ से लगाए गए न्यूटन क्रेडल वैसे काम नहीं कर रहे थे। इस पर मेयर कुलदीप कुमार ने कहा कि सेंसरी पार्क काफी खास है और उसमें महंगे उपकरण लगाए गए हैं। वह जल्द ही विभाग को निर्देश देंगे कि पार्क की अच्छे से देखभाल सुनिश्चित किया जाए ताकि जिस उद्देश्य के साथ सेंसरी पार्क बना है, उसका बच्चे लाभ उठा सके।



























