
हरियाणा विधानसभा चुनाव
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हरियाणा में निर्दलीय प्रत्याशी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के समीकरण बनाते और बिगाड़ते रहे हैं। आज तक हरियाणा में एक भी ऐसा विधानसभा चुनाव नहीं हुआ है, जिसमें निर्दलीय न जीते हों। मतलब हर विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों ने विधानसभा में दस्तक दी है।
हरियाणा बनने के बाद से अब कुल 117 निर्दलीय विधायक विधानसभा में पहुंच चुके हैं। इस बार भी 90 सीटों पर 462 से अधिक निर्दलीय प्रत्याशी चुनावी रण में उतरे हैं। इनमें से 40 उम्मीदवार भाजपा और कांग्रेस के बागी हैं। इनमें से 17 कांग्रेस के और 23 नेता भाजपा छोड़कर निर्दलीय रण में उतरे हैं। हालांकि, सोमवार तक नाम वापस लिए जा सकते हैं। इसके बाद निर्दलीयों की स्थिति साफ हो जाएगी। प्रदेश में चार सीटें ऐसी हैं, जहां पर निर्दलीयों का वर्चस्व रहा है।
आज तक चुने गए 117 निर्दलीय विधायकों में से केवल एक महिला शारदा रानी बल्ल्भगढ़ से विधानसभा में पहुंची हैं। सबसे कम निर्दलीय 2014 और 1991 में 5-5 जीते हैं। खास बात ये है कि निर्दलीय के तौर पर विधानसभा पहुंचने वालों में बागी नेता ही शामिल रहे हैं, जिनकी टिकट गई और वो निर्दलीय चुनाव लड़े।




























