09:29 AM, 02-Aug-2024
वायनाड में जारी है बचाव अभियान
वायनाड के भूस्खलन प्रभावित चूरलमाला में खोज और बचाव अभियान जारी है। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज के अनुसार, वर्तमान में मरने वालों की संख्या 308 है। केरल के एडीजीपी (कानून व्यवस्था) एम. आर. अजीत कुमार ने वायनाड भूस्खलन पर कहा, “भारतीय सेना, वायुसेना, स्थानीय पुलिस, विशेष अभियान समूह, अग्निशमन बल, एनडीआरएफ की संयुक्त टीम यहां काम कर रही है। आज भारी मशीनरी के साथ हम ज्यादा से ज्यादा इलाकों में तलाशी कर पाएंगे। दूसरे राज्यों के भी काफी लोग हैं, हर विभाग डेटा इकट्ठा कर रहा है और पता लगा रहा है कि कितने लोग लापता हैं। हमने अब तक 200 से ज्यादा शव और उनके अंग बरामद किए हैं। जब तक पूरे क्षेत्र की गहन तलाशी नहीं हो जाती, हम तलाशी नहीं रोकेंगे।”
#WATCH केरल: वायनाड के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में खोज और बचाव अभियान जारी है।
वीडियो मुंडक्कई क्षेत्र से ड्रोन से लिया गया है। pic.twitter.com/MREoAZmawa
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 2, 2024
08:51 AM, 02-Aug-2024
मलवे में शवों को तलाशने में जुटे बचावकर्मी
ये 40 टीमें भूस्खलन से प्रभावित छह क्षेत्रों अट्टामाला और अरनमाला, मुंडक्कई, पुंचिरीमट्टम, वेल्लारीमाला गांव, जीवीएचएसएस वेल्लारीमाला और नदी तट पर तलाशी अभियान चलाएंगी। इन टीमों में सेना, एनडीआरएफ, डीएसजी, तटरक्षक बल, नौसेना और एमईजी के साथ तीन स्थानीय लोग और एक वन विभाग का कर्मचारी शामिल है। चालियार नदी पर तीन खोज अभियान शुरू किया जाएगा। इसके अलावा पुलिस हेलीकॉप्टर का उपयोग करके एक और तलाशी अभियान चलाया जाएगा। राज्य के राजस्व मंत्री के राजन ने बताया कि मलबे में दबे शवों का पता लगाने के लिए दिल्ली से एक ड्रोन-आधारित रडार शनिवार को आएगा। उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल तलाशी अभियान में छह कुत्तों को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा चार अन्य कुत्तों को तमिलनाडु से वायनाड भेजा जाएगा।
08:41 AM, 02-Aug-2024
Wayanad Landslide Live: बचाव कर्मी मलबे में जीवित लोगों और शवों को तलाशने में जुटे; पुल निर्माण के बाद आई तेजी
केरल के वायनाड में मंगलवार को हुए भूस्यकलन ने तबाही मचा दी। अबतक इस भूस्खलन के कारण मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 276 पर पहुंच चुका है। अभी भी करीब 250 लोग लापता है और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने के लिए बचाव कार्य जारी है। बारिश और विपरित परिस्थियों का सामना करते हुए बचावकर्मियों की 40 टीमों ने शुक्रवार को यानी की तौथे दिन भी तलाशी अभियान शुरू किया। 190 फुट बेली ब्रिज के पूरा होने कारण सुबह से जारी राहत और बचाव अभियान में गति मिली। यह ब्रिज अब सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र मुंडक्कई और चूरलमाला तक एंबुलेंस की सुविधा पहुंचाने में मदद करेगा।




























