चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी के सवाल पर मनोहर ने दिया जवाब
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। संसद के बजट सत्र में रोचक बहस व तीखी नोकझोंक देखने को मिल रही है। कई बार तो स्पीकर को भी हस्तक्षेप करना पड़ता है। संसद सत्र के दौरान वीरवार को भी ऐसा एक वाकया देखने को मिला जब करनाल के सांसद व ऊर्जा मंत्री के जवाब पर ओम बिरला को टोकना पड़ा। दरअसल चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में कहा, रियो डी जेनेरियो में हुए वैश्विक सम्मेलन में यह आम सहमति बनी थी कि ग्लोबल वार्मिंग का स्तर 1.5 डिग्री तक कम किया जाएगा, जो कि औद्योगिक क्रांति के पहले दौर के बराबर होगा। उन्होंने कहा- मौजूदा आर्थिक सर्वे में एनर्जी ट्रांजिशन को लेकर दो चैप्टर हैं, जिसमें 1.5 डिग्री वाले इस आंकड़े पर सवाल उठाया गया है। मेरा सवाल यह है कि क्या सरकार आर्थिक सर्वे में लिखी गई इस बात से सहमत है। यदि सहमत है, तो फिर क्या वह वैश्विक समुदाय के बीच बनी सहमति के खिलाफ जाएगी।
इसका जवाब देते हुए ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने कहा- मैं तो एक महीने से ही मंत्री हूं, मगर मनीष तिवारी पहले भी मंत्री रह चुके हैं। यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि यह एक वैश्विक चिंता का विषय है। इससे पहले, 1992 और 1997 में भी इसे लेकर चिंता जताई गई थी। हमने इसे लेकर वैश्विक समुदाय के सामने कुछ कमिटमेंट किए हैं, जिसमें कार्बन उत्सर्जन को 33 से 35 फीसद करने का लक्ष्य भी था। इस लक्ष्य को अब हमने पूरा कर लिया है। अब हम उत्सर्जन कम करेंगे और ग्लोबल वार्मिंग को कम करने की दिशा में भी उचित कदम उठाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह विषय बड़ा ही गंभीर है और वैश्विक चिंता का मसला है, इस पर चर्चा करने के लिए कभी चाय पर बैठेंगे और चर्चा करेंगे। मनोहर लाल की इस बात पर स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें टोकते हुए कहा, प्रश्न काल में यह नहीं होता कि चाय पीकर जवाब देंगे, जो जवाब आपने दे दिया, वह ठीक है।




























