क्राइम ब्रांच ने एक साल में 10 करोड़ की प्रॉपर्टी फ्रीज कीचंडीगढ़ में पहली बार पीआईटी एनडीपीएस एक्ट में ड्रग्स तस्करों के खिलाफ हुई कारवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। चंडीगढ़ पुलिस का नशे के विरुद्ध अभियान जारी है। पुलिस ने साढ़े पांच माह में 62 मामलों में 76 नशा तस्करों को गिरफ्तार कर 33 किलो ड्रग्स और 15 लाख रुपये ड्रग मनी बरामद की है। क्राइम ब्रांच ने एक साल में नशा तस्करों की 10 करोड़ की प्रॉपर्टी भी फ्रीज की है, जिसमें लाखों की ड्रग मनी भी शामिल है। इसके अलावा चंडीगढ़ में क्राइम ब्रांच ने इस साल पीआईटी एनडीपीएस एक्ट में नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कारवाई की गई है। हर साल 26 जून को अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस मनाया जाता है। जिसका मकसद लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करना है।
21 जनवरी को 58 किलो नशीले पदार्थ किए गए नष्ट
क्राइम ब्रांच के एसपी जसबीर सिंह के नेतृत्व में 21 जनवरी को 58 किलो ड्रग्स नष्ट किया था। जिसमें 5 किलो चूरापोस्त, 4.762 किलो से अधिक हेरोइन, 5.823 किलोग्राम चरस, 33.224 किलो गांजा व अन्य भारी मात्रा में नशीला पदार्थ शामिल था।
2025 में बरामद नशा
हेरोइन – 1.155 किलो
गांजा – 30.474 किलो
भुक्की / चूरा पोस्त – 1.815 किलो
चरस – 522.77 ग्राम
कोकीन – 56.45 ग्राम
अफीम – 224 ग्राम
इंजेक्शन: 35
क्रैक बॉल 171
(अन्य पदार्थ) – 25.11 ग्राम
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क्या है पीआईटी एनडीपीएस एक्ट
क्राइम ब्रांच ने मई में सेक्टर-38 निवासी महिला ड्रग्स तस्कर बाला, सेक्टर-45 के दीपक मित्तल और चंडीगढ़ के दिशांत गोयल के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ इलिसिट ट्रैफिक इन नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (पीआईटी एनडीपीएस) के तहत कार्रवाई की थी। तीनों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। पीआईटी एनडीपीए एक्ट उन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए बनाया है जो कई मामलों में शामिल हैं और समाज के लिए खतरा हैं। बाला के खिलाफ 36 मामले दर्ज हैं, जिसमें 10 केस एनडीपीएस एक्ट के तहत हैं। वह अपने घर से ही ड्रग्स बेचने का धंधा चलाती थी और इस काम के लिए छोटे बच्चों का इस्तेमाल करती थी। बाला जेल से बाहर आने के बाद फिर से ड्रग्स का कारोबार शुरू कर देती थी। उसे दो बार अदालत से सजा भी हो चुकी है।




























