मोहाली। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में शनिवार को आयोजित चौथे एफएपी राष्ट्रीय पुरस्कार-2024 समारोह की शुरूआत की गई। इसमें फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्स एंड एसोसिएशन ऑफ पंजाब (एफएपी) ने देश में शिक्षा, खेल और संस्कृति की स्थिति को ऊपर उठाने में उनके अमूल्य योगदान के लिए 337 निजी स्कूल शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इस दौरान राज्यसभा सांसद एवं चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू मुख्य मेहमान थे। पुरस्कार समारोह के पहले दिन, शैक्षणिक, खेल, सांस्कृतिक और सामाजिक योगदान के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सर्वश्रेष्ठ स्कूल, सर्वश्रेष्ठ प्रिंसिपल, सर्वश्रेष्ठ शिक्षक और सर्वश्रेष्ठ स्कूल कोर्डिनेटर सहित चार श्रेणियों में एफएपी राष्ट्रीय पुरस्कार-2024 प्रदान किए गए। इनमें 21 शिक्षकों को सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार फॉर डायरेक्ट केटेगरी, स्कूल द्वारा नामित सर्वश्रेष्ठ शिक्षक केटेगरी में 208, खेल उपलब्धि पुरस्कार में 54 कोच और स्कूलों के लिए खेल उपलब्धि पुरस्कार की केटेगरी में 54 स्कूलों की सम्मानित किया गया।
राज्यसभा सदस्य सतनाम सिंह संधू ने कहा कि निजी क्षेत्र के स्कूल भारत में 37 फीसदी नौकरियां दे रहे हैं, जो 35.40 लाख शिक्षकों के बराबर है। इसके बावजूद, भारत के शिक्षा क्षेत्र में परिवर्तन में निजी स्कूलों के योगदान को नजरअंदाज कर दिया गया और निजी स्कूलों के शिक्षकों को अत्यंत समर्पण और कड़ी मेहनत के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए उचित मान्यता नहीं दी गई।
एफएपी राष्ट्रीय पुरस्कार-2024 के दूसरे दिन पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में पुरस्कार समारोह की अध्यक्षता करेंगे। समापन दिवस पर शैक्षणिक उपलब्धि पुरस्कार (स्कूल और प्रिंसिपल), लाइफटाइम प्रिंसिपल पुरस्कार, 102 सोशल अचीवमेंट पुरस्कार (प्रिंसिपल और स्कूल), एमओसी चैंपियन और अधिकतम भागीदारी पुरस्कार, लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार (शिक्षक) और सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार सहित 455 पुरस्कार दिए जाएंगे।




























