मोहाली। नाईपर में दवाओं और फार्मास्यूटिकल्स की गुणवत्ता से जुड़ा दो सप्ताह का अंतरराष्ट्रीय आईटीईसी प्रशिक्षण कार्यक्रम का वीरवार को समापन हो गया। 10 से 21 नवंबर तक चले इस कार्यक्रम में 17 देशों के 25 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान वैज्ञानिक व्याख्यान, हैंड्स-ऑन सत्र और आधुनिक प्रयोगशाला तकनीकों की गहन समझ दी गई। प्रशिक्षण अवधि में 19 वैज्ञानिक व्याख्यान कराए गए।
इसमें ड्रग क्वालिटी असेसमेंट, एक्सपोर्ट स्टैंडर्ड्स और एडवांस्ड एनालिटिकल टेक्निक्स पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ प्रतिभागियों को उन्नत उपकरणों पर 10 हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण सत्र दिए गए। प्रतिभागियों के लिए नाबी मोहाली और नाईपर की नैचुरल प्रोडक्ट्स फील्ड लेबोरेटरी का शैक्षणिक भ्रमण भी कार्यक्रम का हिस्सा रहा। कार्यक्रम में बांग्लादेश, कोस्टा रिका, मिस्र, इथियोपिया, इराक, जॉर्डन, मालदीव, रवांडा, श्रीलंका, सिएरा लियोन, थाईलैंड, ताजिकिस्तान, तंजानिया, युगांडा, उज्बेकिस्तान, वियतनाम और जाम्बिया के प्रतिनिधि शामिल हुए।
प्रतिभागियों में दवा नियामक अधिकारी, उद्योग विशेषज्ञ, फार्मासिस्ट और शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञ मौजूद थे। समारोह का समापन विंग कमांडर पीजेपी सिंह वरेच, रजिस्ट्रार नाईपर मोहाली ने धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। उन्होंने विदेश मंत्रालय के आईटीईसी प्रभाग, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय, निदेशक नाईपर, प्रो. जाचक और आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।



























