
पीजीआई चंडीगढ़।
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पीजीआई चंडीगढ़ में शिक्षकों व डॉक्टरों के रिक्त पदों की बढ़ती संख्या का स्वत: संज्ञान लेने के बाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान पीजीआई ने बताया कि संस्थान में डॉक्टरों के 732 स्वीकृत पद हैं। इनमें से 566 पदों पर डॉक्टर कार्य कर रहे हैं और 166 पद अभी खाली पड़े हैं। हाईकोर्ट ने अब इन पदों को भरने को लेकर पीजीआई चंडीगढ़ के निदेशक को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट ने रिक्त पदों को लेकर संज्ञान लेते हुए सुनवाई शुरू की थी। पिछली सुनवाई पर पीजीआई ने हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट सौंपते हुए बताया था कि संस्थान में शिक्षकों के 76 रिक्त पदों पर नियुक्ति कर दी गई है। हालांकि, इन नियुक्तियों के बाद भी अभी पीजीआई में शिक्षकों के 117 पद खाली पड़े हैं।
पीजीआई ने हाईकोर्ट को विश्वास दिलाया था कि इन रिक्त पदों को भी जल्द से जल्द भर दिया जाएगा। हाईकोर्ट को यह भी बताया गया था कि पीजीआई में बढ़ते मरीजों के कारण यहां पार्किंग एक बड़ी समस्या बन गई है। पीजीआई में वाहनों की बढ़ती संख्या के चलते नई ओपीडी के सामने पांच मंजिला पार्किंग बनाई जानी है। यह पार्किंग पीजीआई की पार्किंग की समस्या काफी हद तक सुलझा देगी।
हाईकोर्ट को बताया गया कि पीजीआई में न सिर्फ चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा बल्कि हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश तक से मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में पीजीआई चंडीगढ़ पर मरीजों का बोझ काफी बढ़ गया है। हाईकोर्ट ने बढ़ते मरीजों और डॉक्टरों की कमी के चलते इस मामले का संज्ञान लेकर सुनवाई आरंभ की है।
हाईकोर्ट ने पीजीआई चंडीगढ़ से डॉक्टरों व शिक्षकों के रिक्त पदों की वर्तमान स्थिति के बारे में स्टेटस रिपोर्ट तलब कर ली थी। अब पीजीआई ने जवाब दाखिल करते हुए बताया कि डॉक्टरों के 732 पदों में से 166 पद रिक्त हैं, जिन्हें भरने की प्रक्रिया जल्द आरंभ की जाएगी।
























