
संत सीचेवाल के प्रयासों से स्वदेश लौटे युवक
– फोटो : संवाद
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10 माह से मोरक्को में फंसे जालंधर के गांव मुरीदवाल के अर्शदीप सिंह समेत 10 पंजाबियों को ‘फेसबुक’ ने बचा लिया। जबकि वतन वापसी में राज्यसभा सदस्य व पद्मश्री संत बलबीर सिंह सीचेवाल ‘खेवनहार’ बने।
13 मार्च को पहली बार जब अर्शदीप सिंह के साथ सभी युवाओं ने फेसबुक पर संत बलबीर सिंह से वतन वापसी की गुहार लगाई तो उसी समय संत सीचेवाल ने युवाओं को भारत लाने के प्रयास तेज कर दिए। 19 मार्च को अर्शदीप सिंह के परिवार सुल्तानपुर लोधी में निर्मल कुटिया आकर संत बलबीर सिंह सीचेवाल मिलकर बेटे के हालात से अवगत करवाया और 28 मार्च के शुभ दिन अर्शदीप सिंह ने वतन की मिट्टी को चूमा। हालांकि इस दौरान अर्शदीप सिंह के लिए 20 लाख का कर्ज जरूर चढ़ गया, क्योंकि 13 लाख लेकर ट्रैवल एजेंट ने उसे स्पेन की बजाय मोरक्को में फंसा दिया। यही नहीं, मोरक्को के होटल में 10 माह तक रहने का सात लाख रुपये का खर्च अलग से अर्शदीप सिंह को झेलना पड़ा।
जिला जालंधर के गांव मुरीदवाल निवासी राजमिस्त्री निर्मल सिंह ने 12वीं पास बेटे अर्शदीप को स्पेन भेजने के लिए रिश्तेदारों से 13 लाख रुपये इकट्ठे करके गांव पम्मना के ट्रैवल एजेंट को दे दिए। बकौल, अर्शदीप वह खुशी-खुशी उज्जवल भविष्य व परिवार को गुरबत से बाहर निकालने के सपने संजोकर जून 2023 को जयपुर से स्पेन के लिए जहाज में बैठ गया, लेकिन उसके सपने उस समय हवा-हवाई हो गए, जब ट्रैवल एजेंट ने उसे मोरक्को ले जाकर फंसा दिया।
उसने बताया कि उसके पास जो पैसा था, वह होटल के किराये और खाने पर खर्च हो गया था। वह जिस होटल में रहता था, वहां रहने के लिए घर से हर हफ्ते 15 से 20 हजार रुपये मंगवाता था। जबकि ट्रैवल एजेंट उन्हें हर दिन स्पेन भेजने का लारा लगाता रहा। उसका मोरक्को में रहना मुश्किल हो गया था और 10 महीने का होटल खर्च ही करीब 7 लाख रुपये तक पहुंच गया। अर्शदीप ने बताया कि उसके साथ और भी लड़के थे, जिन्होंने 13 मार्च को फेसबुक के जरिये राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल से संपर्क किया और उन्हें अपनी सारी कहानी बताईं। जिसके बाद उसके पिता निर्मल सिंह गांव के गणमान्य लोगों के साथ 19 मार्च को निर्मल कुटिया सुल्तानपुर लोधी में संत सीचेवाल से मिले।
संत सीचेवाल ने तुरंत विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर पूरी स्थिति से अवगत कराया। मोरक्को में भारतीय दूतावास ने उनसे संपर्क किया और उनकी घर वापसी को अमलीजामा पहनाया। आखिरकर 28 मार्च के दिन वह सुरक्षित अपने घर पहुंच गए। पीड़ित परिवार ने संत बलबीर सिंह सीचेवाल को धन्यवाद करते हुए कहा कि बताया उनके प्रयासों से 10 और पंजाबी भी लौटने में कामयाब रहे। अर्शदीप ने दावा किया कि स्पेन जाने के लिए ट्रैवल एजेंटों के जाल में फंसे भारतीय युवाओं की संख्या 500 के करीब है।
पाउंड-डॉलर की चकाचौंध से बचें युवा
राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने ट्रैवल एजेंटों की तुलना जल्लादों से करते हुए कहा कि इन एजेंटों ने गरीबों तक को नहीं छोड़ा ऐसे ट्रैवल एजेंट गरीबों की मजबूरी का फायदा उठाकर युवाओं को विदेशी चमक-दमक का सब्जबाग दिखाकर धोखा दे रहे हैं। जिनसे बचने की जरूरत है। उन्होंने मुरीदवाल निवासी निर्मल सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि वह इतने गरीब हैं कि राजमिस्त्री होने के बावजूद अपने घर में बाथरूम तक नहीं बना सके। उन्होंने पंजाब के युवाओं से अपील की कि वे विदेशी पाउंड और डॉलर की चमक के पीछे न भागें, बल्कि इस पैसे से वे भारत में ही अपना कारोबार शुरू करें।
तीन बहनों का इकलौता भाई अर्शदीप
अर्शदीप के पिता निर्मल सिंह ने बताया कि उनकी तीन बेटियों की शादी होने वाली है। ये तीनों अर्शदीप से बड़ी हैं। वह खुद राजमिस्त्री का काम करता है। उन्होंने इस इरादे से कर्ज लिया था कि घर की गरीबी दूर हो जाएगी। बेटा विदेश से कमाकर भेजेगा तो वह बेटियों की शादी अच्छे कर पाएगा। जिसके बाद वह घर की हालत सुधारेगा। लेकिन ट्रैवल एजेंट के धोखे ने उनके सपनों पर पानी फेर दिया और उल्टा सिर पर 20 लाख का कर्ज चढ़ गया। उन्होंने पंजाब सरकार से अपील की कि राज्य के ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जिससे उसके पैसे वापस मिल सके।



























