अभिनेता से राजनेता बने विजय की बहुप्रतीक्षित और आखिरी फिल्म ‘जन नायकन की रिलीज को लेकर दुविधा बनी हुई है। मामला अब मद्रास हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है और अब फिल्म की रिलीज पर बड़ा संकट मंडराने लगा है। आखिर क्या है पूरा मामला और अब तक सेंसर बोर्ड से प्रमाण क्यों नहीं मिल पाया है, चलिए जानते हैं।
मामले पर बुधवार को होगी सुनवाई
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को TVK प्रमुख विजय की फिल्म ‘जना नायकन’ के मेकर्स की याचिका पर आगे की सुनवाई 7 जनवरी तक के लिए टाल दी। मेकर्स की तरफ से दायर याचिका में सीबीएफसी को फिल्म के लिए सेंसर सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश देने की मांग की गई थी, ताकि इसे 9 जनवरी को रिलीज किया जा सके। याचिका जब सुनवाई के लिए आई, तो जस्टिस पी टी आशा ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन से मौखिक रूप से कहा कि वह कल मिली शिकायत की एक कॉपी पेश करे। जज ने मामले की अगली सुनवाई बुधवार के लिए तय की।
फिल्म को नहीं मिली हरी झंडी
9 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज के लिए तय इस फिल्म को अभी तक केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी सीबीएफसी से हरी झंडी नहीं मिली है, जिससे फिल्म की टीम और प्रशंसकों में बेचैनी बढ़ गई है। तमिलागा वेट्री कजगम (TVK) के उप महासचिव सीटीआर निर्मल कुमार ने इस देरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि फिल्म को 19 दिसंबर को ही सेंसर कमेटी दिखाया जा चुका था, लेकिन इसके बावजूद अब तक प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया।
The Censor Committee reportedly viewed #JanaNayagan on December 19. However, despite then, the censor certificate has still not been issued leads to a suspicion that the process is being deliberately delayed. Let us wait till today evening. – @CTR_Nirmalkumar pic.twitter.com/eOTZcIWFdS
— Actor Vijay Team (@ActorVijayTeam) January 5, 2026
उन्होंने इसे महज तकनीकी देरी मानने से इनकार करते हुए इशारों-इशारों में इसे जानबूझकर की गई कार्रवाई बताया। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि पार्टी इस मुद्दे को राजनीतिक रंग नहीं देना चाहती, लेकिन अगर देरी यूं ही बनी रही तो कानूनी रास्ता अपनाना मजबूरी होगा।
फिल्म के कारोबार पर भी पड़ा असर
सेंसर सर्टिफिकेट न मिलने का सीधा असर फिल्म के कारोबार पर भी पड़ रहा है। तमिलनाडु और तेलुगु राज्यों में अभी तक एडवांस बुकिंग शुरू नहीं हो सकी है। सिंगल स्क्रीन थिएटर मालिक खासतौर पर सतर्क हैं, क्योंकि बिना सर्टिफिकेट अंतिम समय में किसी तरह की दिक्कत का खतरा रहता है। वहीं कर्नाटक, केरल और विदेशों में जहां बुकिंग शुरू हुई है, वहां दर्शकों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। कुछ जगहों पर तो सुबह के शो के टिकट महंगे दामों पर भी बिक चुके हैं।
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निर्माता ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए फिल्म के निर्माता केवीएन प्रोडक्शंस अब मद्रास हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं। निर्माताओं ने कोर्ट से आग्रह किया है कि सेंसर प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया जाए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीबीएफसी ने कुछ बदलाव और कट्स सुझाए थे, जिन्हें मेकर्स ने लागू कर दिया है। बावजूद इसके प्रमाणन में हो रही देरी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जन नायकन की स्टारकास्ट
‘जन नायकन’ का निर्देशन एच विनोद ने किया है और इसमें थलापति विजय के साथ ममिता बैजू, पूजा हेगड़े और बॉबी देओल अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म की रिलीज ऐसे समय में तय है जब अगले ही दिन सिवकार्तिकेयन की ‘परासक्ति’ भी सिनेमाघरों में आने वाली है, जिससे बॉक्स ऑफिस पर टक्कर और दिलचस्प हो जाती है। अब सबकी निगाहें मद्रास हाईकोर्ट की सुनवाई और CBFC के अगले कदम पर टिकी हैं। सवाल यही है कि क्या ‘जना नायकन’ तय तारीख पर दर्शकों तक पहुंच पाएगी या सेंसर की यह देरी रिलीज की रफ्तार पर ब्रेक लगा देगी।

























