बचपन में किसी को ड्रॉइंग पसंद होती है, तो किसी को संगीत. बिहार के एक दूरदराज गांव में पले-बढ़े मोहन कुमार की दिलचस्पी भी शुरुआत में इन्हीं चीजों में थी. उन्होंने कला के लिए जिला और राज्य स्तर पर पुरस्कार जीते और स्कूल में कांगो बजाने के लिए भी पहचान बनाई. लेकिन 10वीं के बाद उन्होंने गणित पर ध्यान देना शुरू किया. यही फैसला उन्हें IIT गुवाहाटी तक ले गया.
आज वही मोहन अपने दो कॉलेज दोस्तों के साथ एक ऐसा स्टार्टअप चला रहे हैं, जिसका मकसद गणित को किताबों और परीक्षाओं से निकालकर मोबाइल गेम की तरह मजेदार बनाना है. उनके स्टार्टअप Matiks ने हाल ही में 10 मिलियन डॉलर की नई फंडिंग जुटाई है. तीनों दोस्तों की यह कंपनी अब दुनिया भर के लोगों को मैथ्स, पजल और मेमोरी गेम्स के जरिए दिमागी चुनौतियां देने की तैयारी कर रही है.
IIT गुवाहाटी में मिले तीन दोस्त, एक आइडिया ने बदली राह
Matiks की शुरुआत 2024 में सुधांशु भाटिया, मोहन कुमार और सुशांत टिम्मापुर ने की थी. तीनों ने IIT गुवाहाटी से 2022 में ग्रेजुएशन किया. अलग-अलग विषयों में पढ़ाई करने के बावजूद उनकी सोच एक जगह मिली, लोगों के लिए गणित और दिमागी कसरत को मनोरंजक बनाना. सुधांशु ने मैथेमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग की पढ़ाई की थी और प्रोडक्ट डिजाइन में माइनर भी किया. वह मेंटल मैथ्स में रिकॉर्ड बना चुके हैं और 2016 में जूनियर मेंटल कैलकुलेशन वर्ल्ड कप भी जीत चुके हैं. वहीं, सुशांत ने इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशंस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और मेंटल मैथ्स में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई.
बिहार के गांव से IIT तक पहुंचे मोहन कुमार
तीनों फाउंडर्स में मोहन कुमार की कहानी खास है. वह बिहार के एक दूरदराज गांव में पैदा हुए, जहां पढ़ाई की सुविधाएं सीमित थीं. इसी वजह से उनका बचपन बोर्डिंग स्कूलों और रिश्तेदारों के यहां बीता. शुरुआत में मोहन का मन ड्रॉइंग और संगीत में लगता था. उन्होंने अपनी कला के लिए जिला और राज्य स्तर पर कई पुरस्कार भी जीते. लेकिन दसवीं के बाद उन्होंने गणित पर ध्यान केंद्रित किया और IIT-JEE की तैयारी शुरू कर दी.
साल 2018 में उन्हें IIT गुवाहाटी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग प्रोग्राम में दाखिला मिला. पढ़ाई के दौरान 2021 में उन्होंने Sprinklr में इंटर्नशिप की. इसके बाद उन्हें प्री-प्लेसमेंट ऑफर मिला और 2022 में वह कंपनी में प्रोडक्ट इंजीनियर बन गए. 2024 तक वह लीड प्रोडक्ट इंजीनियर के पद पर पहुंच चुके थे.
हालांकि, कॉर्पोरेट करियर में आगे बढ़ने के बजाय उन्होंने अपना स्टार्टअप बनाने का फैसला किया. इसके बाद वह अपने कॉलेज दोस्तों के साथ Matiks बनाने में जुट गए. फिलहाल वह कंपनी के को-फाउंडर और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर हैं.
गणित को गेम बनाने का आया आइडिया
Matiks के पीछे सोच यह थी कि गणित को सिर्फ परीक्षा, होमवर्क और किताबों से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए. इसे मोबाइल गेम की तरह भी मजेदार बनाया जा सकता है. सुधांशु भाटिया ने इस आइडिया पर काम तब शुरू किया था, जब वह American Express में एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग स्ट्रैटेजी से जुड़े काम कर रहे थे.
वह चाहते थे कि लोग मोबाइल पर सिर्फ वीडियो स्क्रॉल करने के बजाय ऐसे गेम खेलें, जिनमें दिमाग का इस्तेमाल करना पड़े. Matiks पर यूजर्स मैथ्स, पजल, मेमोरी और लॉजिक से जुड़े गेम खेल सकते हैं. शुरुआत में वे कंप्यूटर से मुकाबला कर सकते हैं और फिर दूसरे खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं.
इसमें डेली चैलेंज, रिवॉर्ड और स्ट्रीक जैसे फीचर भी हैं. कंपनी का बड़ा लक्ष्य गणित को एक तरह का खेल बनाना है. मोहन कुमार के मुताबिक, उनका विजन मैथ्स को एक स्पोर्ट की तरह लोकप्रिय बनाना है.
3 लाख से ज्यादा डेली यूजर्स, अब 10 मिलियन डॉलर की फंडिंग
Matiks का दावा है कि सितंबर 2026 तक उसके प्लेटफॉर्म पर हर महीने 22 लाख एक्टिव यूजर्स थे. इसी महीने यूजर्स ने कुल 4.8 करोड़ गेम खेले. कंपनी के डेली एक्टिव यूजर्स भी साल की शुरुआत के करीब 22 हजार से बढ़कर सितंबर तक 3 लाख से ज्यादा हो गए.
कंपनी ने अब प्री-सीरीज A राउंड में 10 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई है. इस राउंड का नेतृत्व General Catalyst ने किया. इसमें उद्यमी रॉनी स्क्रूवाला और मौजूदा निवेशकों Info Edge Ventures, Tanglin Venture Partners तथा Untitled Ventures ने भी हिस्सा लिया. इस निवेश के साथ कंपनी की कुल फंडिंग 13.5 मिलियन डॉलर से ज्यादा हो गई है.
अब Matiks इस रकम का इस्तेमाल दूसरे देशों में विस्तार, नए गेम और सोशल फीचर विकसित करने तथा AI आधारित गेम बनाने के प्लेटफॉर्म पर काम करने के लिए करेगी. तीन दोस्तों का यह सफर दिखाता है कि कॉलेज में साझा हुई एक सोच आगे चलकर कारोबार का रूप ले सकती है. खास बात यह है कि उन्होंने गणित जैसे विषय को गेमिंग से जोड़कर एक ऐसा प्रोडक्ट तैयार किया, जिसे भारत के अलावा दूसरे देशों के लोग भी पसंद कर रहे हैं.
—- समाप्त —-





















