हमास से लेकर ईरान, लेबनान तक लाख दावे करें कि जमीनी जंग में इजरायल को धूल चटा देंगे लेकिन हकीकत ये है कि इजरायली सेना ने हमास को काफी नुकसान पहुंचाया है. बस अब निर्णायक चोट बाकी है. इजरायली सेना के निशाने पर अब वो सुरंगे और सीक्रेट हमास हेडक्वाटर्र हैं, जहां से हमलों को अंजाम दिया जा रहा है. हालांकि 200 से ज्यादा बंधकों को सही सलामत छुड़ाना इजरायल के सामने अब भी बड़ी चुनौती है.
इस बीच बंधकों और लापता व्यक्तियों के परिवारों द्वारा बनाए गए संगठन की तरफ से इजरायली राष्ट्रपति को कहा गया कि सभी बंधकों और लापता लोगों को घर लाए बिना इजरायल की जीत नहीं है. दरअसल, राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग और बंधकों व लापता व्यक्तियों पर सरकार के नियुक्त दूत गैल हिर्श ने यरूशलेम में राष्ट्रपति के आवास पर पीड़ित परिवारों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की. इस दौरान पीड़ितों ने राष्ट्रपति और हिर्श को स्पष्ट किया कि युद्ध में जीत उनके प्रियजनों के गाजा से लौटने के बाद ही हासिल की जाएगी.
बंधकों को वापस लाना हमारी प्राथमिकता: राष्ट्रपति
राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग ने लोगों से मिलकर कहा कि मैं आपकी एकजुटता के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं और हम आपकी चिंताओं और समस्याओं की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं. आपके लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि बंधकों को वापस लेकर आना हमारी और पूरी दुनिया की सर्वोच्च प्राथमिकता है. हमें सभी को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए आईडीएफ पर भरोसा करने की जरूरत है. हमास एक सनकी संस्था है, जिसे गाजा के निवासियों के भूखे मरने की कोई परवाह नहीं है.
‘बंधकों तक पहुंचने के लिए सबकुछ कर रहे हैं’
वहीं सरकार द्वारा नियुक्त दूत गैल हिर्श ने कहा कि बातचीत में ऐसा कोई ताला नहीं है, जिसे हम बंधकों तक पहुंचने और जानकारी प्राप्त करने के लिए तोड़ने की कोशिश न कर रहे हो. इस क्रम में पहले दो बंधकों को छुड़ाया गया, फिर मिस्र की मदद से दो और बंधकों को रिहा कर दिया गया. हम हर किसी तक पहुंचने के लिए सब कुछ कर रहे हैं. यह हमारी प्राथमिकता है. किसी भी संभावित जानकारी को प्राप्त करने के लिए जबरदस्त खुफिया और परिचालन प्रयास है, जो इतिहास ने पहले नहीं देखा है. हम वास्तव में चाहते हैं इसमें सफल हों और सभी परिवारों को स्वस्थ और संपूर्ण घर वापस लाएं.
‘सरकार से नहीं मिली कोई मदद’
इस दौरान काल्डेरन परिवार (उनमें से तीन गाजा में बंधक हैं) के चाचा जैकी लेवी ने साझा किया, “हमारे परिवार के दो सदस्यों की भयानक नरसंहार में हत्या कर दी गई और तीन अन्य को गाजा में अपहरण कर लिया गया. हम अपना दर्द बयां नहीं कर सकते हैं. हमें नहीं लगता कि यह मुद्दा सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है. सरकार को इसमें शामिल होने में काफी समय लगा और फिर भी कई चीजें खराब तरीके से की गईं. 3 हफ्ते से हमारा परिवार गंभीर स्थिति में रह रहा है, किसी तरह की कोई सहायता सरकार की तरफ से नहीं मिली.




























