Shardiya Navrartri 2024: शारदीय नवरात्रि के दौरान उत्तर प्रदेश के सभी शक्तिपीठों और देवी मंदिरों में भव्य आयोजन किए जाएंगे. एक तरफ यूपी सरकार मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रम, दुर्गा सप्तशती पाठ और रामायण का आयोजन करेगी. वहीं, दूसरी तरफ पूरे नवरात्रि में महिला सुरक्षा को केंद्र में रखते हुए ‘मिशन शक्ति’ अभियान के तहत भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसको लेकर सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं. हर जिले में होने वाले आयोजनों के लिए जिला स्तरीय समिति काम करेगी.
जिलाधिकारियों को दी गई जिम्मेदारी
योगी सरकार 3 से 12 अक्टूबर तक शारदीय नवरात्रि के दौरान उत्तर प्रदेश के देवी मंदिरों और शक्तिपीठों में धार्मिक आयोजन करेगी. इसके लिए यूपी के संस्कृति विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को अपने जिलों में पड़ने वाले शक्तिपीठों और चुनिंदा देवी मंदिरों में आयोजन करने के निर्देश जारी किए हैं. मंदिरों में दुर्गा सप्तशती पाठ, अखंड रामायण पाठ और भजन कीर्तन का आयोजन किया जाएगा.
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संस्कृति विभाग मुहैया कराएगा फंड
वहीं, अष्टमी और नवमी पर विशेष कार्यक्रम होंगे. इसके लिए संस्कृति विभाग फंड मुहैया कराएगा. जिलाधिकारियों को इन कार्यक्रमों के आयोजन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं. इन कार्यक्रमों के लिए लोक कलाकारों, भजन मंडलियों और कीर्तन मंडलियों का चयन डीएम की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी, जिसका समन्वय संस्कृति विभाग और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग करेंगे.
पिछले साल भी योगी सरकार ने चुनिंदा मंदिरों में कार्यक्रम आयोजित किए थे. देवी मंदिरों और शक्तिपीठों का पता, जीपीएस लोकेशन, प्रबंधक का संपर्क नंबर और कलाकारों का विवरण भी विभाग को बताना होगा.
मिशन शक्ति के तहत होंगे मंदिरों में महिला सुरक्षा के कार्यक्रम
नवरात्र के आयोजनों को सरकार के अभियान ‘मिशन शक्ति’ से जोड़ा जाएगा. इसके तहत महिला और बालिका सुरक्षा से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम और सेमिनार भी होंगे. यूपी सरकार के अभियान ‘मिशन शक्ति’ के तहत महिला सुरक्षा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. वहां आने वाली महिलाओं और बालिकाओं को महिला सुरक्षा से जुड़े सरकारी प्रयासों और कानूनों की जानकारी भी दी जाएगी. प्रमुख सचिव संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं मंदिरों में पहुंचती हैं. सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा मिशन शक्ति और महिला सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रमों में महिलाओं और बालिकाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं.




















