
सीएम भगवंत मान और राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित।
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आपसी खींचतान को चलते सुप्रीम कोर्ट तक जाकर लौटे पंजाब के मुख्यमंत्री और राज्यपाल के व्यवहार में बड़ा बदलाव देखने को मिला। पहले दोनों पक्ष महीनों तक एक-दूसरे के पत्रों का जवाब नहीं देते थे लेकिन शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्यापाल को पत्र लिखा। इसमें पांच विधेयकों को मंजूरी देने की अपील की।
शाम को ही राज्यपाल ने पत्र का जवाब भेज दिया और कहा कि पांचों विधेयक विचाराधीन हैं और जल्द से जल्द इस पर फैसला लिया जाएगा। हालांकि राज्यपाल ने अपने जवाबी पत्र में विधानसभा सत्र का सत्रावसान किए बिना सत्र को बार-बार बुलाए जाने के अपने एतराज को सही ठहराते हुए लिखा कि मुझे यह जानकर खुशी हुई कि विधानसभा को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने और बिना सत्रावसान किए वापस बुलाने की प्रथा आखिरकार समाप्त हो गई।
भले ही यह सुप्रीम कोर्ट की कृपा से हुआ लेकिन मुझे खुशी है कि स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रथाएं पटरी पर आ गई हैं। मैं आपको बार-बार वही प्रक्रिया अपनाने की सलाह दे रहा था। इस पर सुप्रीम कोर्ट में आपने सहमति जताई।




























