Highlights
- शिवमोगा में ईद मिलाद के कटआउट पर फिलिस्तीनी झंडा लहराने पर तीन लोगों पर केस दर्ज।
- पुलिस ने कहा, घटना से समुदायों के बीच तनाव और सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने की आशंका थी।
- ईद मिलाद समारोह को लेकर 25 से 28 अगस्त तक डीजे और पटाखों पर पहले ही रोक थी।
बेंगलुरु: कर्नाटक के शिवमोगा में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी समारोह में फिलिस्तीनी झंडा लहराने के आरोप में पुलिस ने 3 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि 24 अगस्त को आरएमएल नगर में ईद मिलाद के लिए लगाए जा रहे एक कटआउट के ऊपर चढ़कर आरोपियों ने फिलिस्तीनी झंडा लहराया और इसका वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर शेयर किया। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में निहाल उर्फ बेक्कू, उमर और अब्राहर को आरोपी बनाया गया है। FIR के मुताबिक, तीनों ने उस ढांचे के ऊपर चढ़कर फिलिस्तीनी झंडा दिखाया और इस पूरी घटना को रिकॉर्ड किया। बाद में इसका वीडियो इंस्टाग्राम पर प्रसारित किया गया।
तीनों आरोपियों पर विभिन्न धाराओं में केस
पुलिस का कहना है कि इस तरह की हरकत से 2 समुदायों के बीच तनाव पैदा होने, दुश्मनी बढ़ने और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी। तीनों आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 353(2), 196(1) और 197 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। ईद मिलाद-उन-नबी देशभर में बुधवार को मनाया गया। इसे ईद-ए-मिलाद-उन-नबी या मावलीद के नाम से भी जाना जाता है। यह पैगंबर मोहम्मद की जयंती के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन को इस्लामी कैलेंडर के तीसरे महीने रबी उल अव्वल की 12वीं तारीख को मनाया जाता है।
डीजे बजाने, पटाखे जलाने पर लगी थी रोक
शिवमोगा में ईद मिलाद-उन-नबी के जुलूस और समारोह को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। शिवमोगा के डिप्टी कमिश्नर प्रभुलिंग कवलीकट्टी ने 25 से 28 अगस्त तक समारोह के दौरान डीजे बजाने, कलर पेपर ब्लास्टिंग और पटाखे चलाने पर रोक लगाने के आदेश जारी किए थे। अधिकारियों ने बताया कि समारोह के दौरान कलर पेपर ब्लास्टिंग और डीजे म्यूजिक से धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंच सकता है। साथ ही बुजुर्गों, आम लोगों और अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीजों को परेशानी हो सकती है।
डिप्टी कमिश्नर ने उठाया था एहतियाती कदम
अधिकारियों द्वारा जताई गई इन चिंताओं और पुलिस अधीक्षक की ओर से दी गई सिफारिशों के आधार पर डिप्टी कमिश्नर ने एहतियाती कदम उठाया था। इसके लिए उन्होंने कर्नाटक पुलिस एक्ट, 1963 की धारा 35 और 36 के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल किया। फिलहाल फिलिस्तीनी झंडा लहराने के मामले में तीनों आरोपियों पर केस दर्ज किए जाने के बाद पुलिस की जांच जारी है। बता दें कि मुंबई के परेल इलाके में ईद-मिलाद-उन-नबी के मौके पर दो गुटों के बीच झड़प के बाद तनाव फैल गया था।
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