• Latest
  • Trending
  • All
इलावर्त, इलाबास, अल्लाहबाद और फिर इलाहाबाद… तीर्थराज प्रयाग के नाम बदलने की पूरी कहानी – mahakumbh 2025 prayagraj allahabad old name story mughal period akbar ntcpvp

इलावर्त, इलाबास, अल्लाहबाद और फिर इलाहाबाद… तीर्थराज प्रयाग के नाम बदलने की पूरी कहानी – mahakumbh 2025 prayagraj allahabad old name story mughal period akbar ntcpvp

2 years ago
Bhuvneshwar Kumar की भारतीय टीम में हुई शानदार वापसी

Bhuvneshwar Kumar की भारतीय टीम में हुई शानदार वापसी

21 minutes ago
PM Modi News Live Updates: PM Modi Marks 25 Years In Public Service, Says ‘My Duty Is My Dharma’

PM Modi News Live Updates: PM Modi Marks 25 Years In Public Service, Says ‘My Duty Is My Dharma’

1 hour ago
नशा, मुफ्त सफर या सीधी आर्थिक मदद:पंजाब में महिला वोट पर चलेगा किसका दांव? मावां-धियां को साधने में जुटे दल – Women Voter In Punjab 2027 Assembly Election

नशा, मुफ्त सफर या सीधी आर्थिक मदद:पंजाब में महिला वोट पर चलेगा किसका दांव? मावां-धियां को साधने में जुटे दल – Women Voter In Punjab 2027 Assembly Election

3 hours ago
The protests and polls in Spain

The protests and polls in Spain

4 hours ago
Cristiano Ronaldo reveals Jorge Jesus’ promised 8-point confession: ‘He’s of Pele-Maradona stature’ line that was never said

Cristiano Ronaldo reveals Jorge Jesus’ promised 8-point confession: ‘He’s of Pele-Maradona stature’ line that was never said

5 hours ago
Study Links Placenta Health to ADHD Risk in Children, ETHealthworld

Study Links Placenta Health to ADHD Risk in Children, ETHealthworld

5 hours ago
2026 के केमिस्ट्री नोबेल का ऐलान आज:भारतीय मूल के शंकर बालासुब्रमण्यम का नाम चर्चा में; DNA सीक्वेंसिंग के लिए इसी साल वुल्फ केमिस्ट्री पुरस्कार मिला

2026 के केमिस्ट्री नोबेल का ऐलान आज:भारतीय मूल के शंकर बालासुब्रमण्यम का नाम चर्चा में; DNA सीक्वेंसिंग के लिए इसी साल वुल्फ केमिस्ट्री पुरस्कार मिला

5 hours ago
IIT बॉम्बे- नकल करते पकड़े जाने पर सीधे कार्रवाई नहीं:पहले छात्र का पक्ष सुनेंगे; नया ड्राफ्ट तैयार, साहिल सुसाइड केस के बाद फैसला

IIT बॉम्बे- नकल करते पकड़े जाने पर सीधे कार्रवाई नहीं:पहले छात्र का पक्ष सुनेंगे; नया ड्राफ्ट तैयार, साहिल सुसाइड केस के बाद फैसला

6 hours ago
मीठा और हल्का खाने का मन हो तो बना लें सूजी की खीर, बच्चों को खूब पसंद आएगी, आसान है रेसिपी

मीठा और हल्का खाने का मन हो तो बना लें सूजी की खीर, बच्चों को खूब पसंद आएगी, आसान है रेसिपी

6 hours ago
आज का राशिफल:मेष, सिंह और मकर के बन रहे हैं लाभ के योग, करियर में मिल सकती है तरक्की – Today Prediction Horoscope Of 07 October 2026 Aaj Ka Rashifal Mesh Kark Singh Kanya Kumbh Makar

आज का राशिफल:मेष, सिंह और मकर के बन रहे हैं लाभ के योग, करियर में मिल सकती है तरक्की – Today Prediction Horoscope Of 07 October 2026 Aaj Ka Rashifal Mesh Kark Singh Kanya Kumbh Makar

7 hours ago
How Long Have Wireless Gaming Controllers Been Around For?

How Long Have Wireless Gaming Controllers Been Around For?

7 hours ago
Goa First alliance faces strain as AAP seeks clarity from GFP

Goa First alliance faces strain as AAP seeks clarity from GFP

7 hours ago
Wednesday, October 7, 2026
  • PRESS RELEASE
  • ADVERTISE
  • CONTACT
  • Game
India News Online
  • Home
  • News
    • India
    • Punjab
    • International
    • Entertainment
  • Hindi News
  • Politics
  • Health
  • Business
  • Sports
  • Technology
  • Lifestyle
  • Video
    • All
    • Hindi Songs
    • Punjabi Songs
    JMA – Ninja & Deep Jandu [Official MV] Kaptaan

    JMA – Ninja & Deep Jandu [Official MV] Kaptaan

    New Punjabi Songs | Shareek (Official Video) Korala Maan | R Nait | Latest Punjabi Songs 2026

    New Punjabi Songs | Shareek (Official Video) Korala Maan | R Nait | Latest Punjabi Songs 2026

    Built Different (Official Music Video) Saabi Bhinder | Cheetah | New Punjabi Songs 2026

    Built Different (Official Music Video) Saabi Bhinder | Cheetah | New Punjabi Songs 2026

    Wapaar 2 (Official Video) Gaggu Sajjan Ft. Jashnmeet | AS Digital | New Punjabi Song 2026

    Wapaar 2 (Official Video) Gaggu Sajjan Ft. Jashnmeet | AS Digital | New Punjabi Song 2026

    Bankiye Naarey – The Graceful Maiden (Official Video) | Satinder Sartaaj | J Sandeep |  Punjabi Song

    Bankiye Naarey – The Graceful Maiden (Official Video) | Satinder Sartaaj | J Sandeep | Punjabi Song

    DEKHI JA – Parmish Verma Ft. Kiran Bajwa | Victory Lap (Official Music Video)

    DEKHI JA – Parmish Verma Ft. Kiran Bajwa | Victory Lap (Official Music Video)

    NAWA NAWA ISHQ | Ricky Khan | Yaar Jigree Kasooti Degree | In Cinemas on 7 Aug | SVF Punjabi

    NAWA NAWA ISHQ | Ricky Khan | Yaar Jigree Kasooti Degree | In Cinemas on 7 Aug | SVF Punjabi

    Gori Gori Veeni (Remix) : Harbhajan Shera Ft.Sudesh Kumari | Punjabi Song 2026 |  @FinetouchMusic

    Gori Gori Veeni (Remix) : Harbhajan Shera Ft.Sudesh Kumari | Punjabi Song 2026 | @FinetouchMusic

    TERA PIND (Official Video) | Davinder Kohinoor | Jind Bains | Latest Punjabi Song 2026

    TERA PIND (Official Video) | Davinder Kohinoor | Jind Bains | Latest Punjabi Song 2026

  • Travel
  • Game
No Result
View All Result
India News
No Result
View All Result
Home Hindi News

इलावर्त, इलाबास, अल्लाहबाद और फिर इलाहाबाद… तीर्थराज प्रयाग के नाम बदलने की पूरी कहानी – mahakumbh 2025 prayagraj allahabad old name story mughal period akbar ntcpvp

by India News Online Team
January 11, 2025
in Hindi News
0
इलावर्त, इलाबास, अल्लाहबाद और फिर इलाहाबाद… तीर्थराज प्रयाग के नाम बदलने की पूरी कहानी – mahakumbh 2025 prayagraj allahabad old name story mughal period akbar ntcpvp
Share on FacebookShare on TwitterShare on Email


महाकुंभ-2025 के आयोजन की अद्भुत छटा से प्रयागराज की जमीन से लेकर आकाश तक चकाचौंध हो रहा है. यह अब सिर्फ गंगा-यमुना और सरस्वती का ही पौराणिक संगम नहीं रह गया है, बल्कि यह आस्था-विश्वास और परंपरा का भी संगम तट है. युगों से चली आ रही एक सुरक्षित विरासत की जमीन है, जिसने वैदिक युग को पोषण दिया, जिसने पुराणों को उनकी महिमा दी है और  दुष्यंत पुत्र भरत के नाम पर भारत कहलाने वाले इस देश को संस्कृति से समृद्ध इतिहास दिया है.

प्रयागराज नदियों के साथ-साथ सभ्यताओं के भी संगम की भूमि रहा है, जिसे कभी इलावर्त, कभी इलाबास, कभी कड़ा तो कभी झूंसी कहा गया. यही इलावास आगे चलकर इलाहावास बना फिर अल्लाहबाद में तब्दील हुआ और इलाहाबाद के नाम से भी जाना गया.

प्रयाग की महिमा पुराणों में गाई गई है, बल्कि इसका पहला वर्णन ऋग्वेद के एक सूक्त में मिलता है. संगम स्नान के विषय में ऋग्वेद के दशम मंडल की एक ऋचा में कहा गया है कि ‘जो लोग श्वेत तथा श्याम सरिताओं के संगम पर स्नान करते हैं, वे स्वर्ग को प्राप्त होते हैं और जो धीर प्राणी उस स्थल पर अपने नश्वर शरीर का त्याग करते हैं उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है.’

सम्बंधित ख़बरें

सितासिते सरिते यत्र सङ्गते तत्राप्लुतासो दिवमुत्पतन्ति,
ये वै तन्वं विसृजन्ति धीरास्ते जनासो अमृतत्वं भजन्ते ।।
– ऋग्वेद, खिलसूक्त

यहां श्वेत जल गंगा का और श्याम जल यमुना का बताया गया है और इन दोनों जलों का संगम प्रयाग में ही होता है.

पौराणिक काल में इलावास नाम से भी जाना गया प्रयागराज 
प्राचीन काल में इस क्षेत्र पर ‘इलावंशीय’ राजाओं का आधिपत्य था. अतः इसे इलावास के नाम से भी जाना जाता था. इतिहास कारों का मानना है कि इक्ष्वाकु के समकालीन ‘ऐल’ जाति के लोग मध्य हिमालय क्षेत्र से अल्मोड़ा होते हुए प्रयाग आये थे, उनके राजा ‘इला’ ने प्रतिष्ठानपुर (झूंसी) को अपने राज्य में मिला लिया था. जल्दी ही अयोध्या, विदेह और वैशाली के राज्यों को छोड़कर पूरे उत्तर भारत में तथा दक्षिण में विदर्भ तक ‘इलावंशीय’ सम्राटों की सत्ता काबिज रही.

महाकुंभ

किसी जमाने में ‘कड़ा’ नाम से भी पहचाना गया था प्रयाग
प्रयाग और संगम भूमि के इतिहास को अपने लेखन का विषय बनाते हुए लेखक डॉ. राजेंद्र त्रिपाठी ‘रसराज’ ने अपनी किताब ‘प्रयागराज- कुंभ कथा’ में इसके मुगलकालीन इतिहास को विस्तार से लिखा है. वह लिखते हैं कि, ‘प्रयाग की महिमा को सुनकर मुगलकालीन सम्राट् अकबर ने ‘कड़ा’ को अपना सूबा बनाया, उसी समय उसे प्रयाग के गंगा-यमुना के संगम का माहात्म्य सुनने को मिला.’ यह स्पष्ट है इलाहाबाद से पहले एक समय में इस तीर्थस्थल का नाम ‘कड़ा’ भी रहा है.  

मुगल सम्राट अकबर को पसंद आई थी प्रयाग की भौगोलिक सीमा
अकबर जब तीर्थस्थल को देखने की इच्छा से यहां आया तो यहां की भौगोलिक सीमा से बहुत प्रभावित हुआ और सबसे अधिक उसे जो बात पसंद आई कि यह गंगा और यमुना का दोआब क्षेत्र था. हर तरीके से संपन्न. न यहां अनाज की कमी थी, न खेती सूखती थी और न ही बाजार मंदा पड़ता था. इस लिहाज से वह शासन सत्ता की उपयुक्त जगह देखकर बहुत प्रभावित हुआ. अकबर के समकालीन इतिहासकार बदायूंनी के लिखते हैं कि ‘ 1575 में बादशाह ने प्रयाग की यात्रा की और उन्होंने ‘गंगा और यमुना के संगम स्थल पर एक शाही नगर की नींव डाली और उसका नाम ‘इलाहाबास’ रखा’.
‘
बदायूंनी ने प्रयाग को ‘पियाग’ कहा था
उसने लिखा है कि ‘‘काफिर लोग इसे पवित्र स्थान मानते हैं और अपने धर्म मत में, जिसकी एक सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण विशेषता पुनर्जन्म है, बताए गए पुण्यों की प्राप्ति की इच्छा से सभी प्रकार के कष्ट सहने के लिए तैयार रहते हैं.’’ वहीं, अकबर का इतिहासकार अबुल फजल लिखता है, ‘‘बहुत दिनों से बादशाह की इच्छा थी कि ‘गंगा और यमुना नदियों के संगमस्थल पर, जिसमें भारतवासियों की बड़ी श्रद्धा है तथा जो देश के साधु-संन्यासियों के लिए तीर्थस्थान है, पियाग (प्रयाग) नामक कस्बे में एक बड़े शहर की स्थापना की जाए तथा वहां अपनी पसंद का एक बड़ा किला बनवाया जाए.’

प्रयागराज

अबुल फजल ने ‘पयाग’ नाम से किया है जिक्र
एक और लेखक कुमार निर्मलेंदु ने भी प्रयाग से संबंधित अपनी किताब (प्रयागराज और कुंभ) में इसी इतिहास को और अधिक विस्तार दिया है. वह भी लिखते हैं कि अबुल फजल ने 1589 से 1596 के बीच  अकबरनामा लिखा था, जिसमें वह प्रयाग का जिक्र ‘पयाग’ नाम से करता है. इसी किताब में दर्ज है कि ‘1567 में अकबर पयाग पहुंचा था. वह हिंदू लोगों के बीच मशहूर बड़े आयोजनों के प्रति आकर्षित था और उसे देखने पहुंचा था.’ अबुल फ़ज़ल लिखता है कि ‘यह स्थान प्राचीन काल से पयाग (प्रयाग) के तौर पर जाना जाता था. बादशाह को यह खयाल पसंद आया कि गंगा-जमुना के मिलने वाली इस पाक जमीन पर दुर्ग बनाया जाए.’

11वीं शताब्दी से प्रयाग पर भी होने लगे थे हमले
प्रयाग बहुत पहले से पौराणिक और धार्मिक स्थल के रूप में पहचाना जाने वाला एक स्थान तो था ही, लेकिन सत्ता के केंद्र के बजाय यह हमेशा धार्मिक केंद्र अधिक रहा. 11वीं सदी के उत्तरार्ध में इस स्थली पर हमले की आंच आने लगी थी. इतिहास पर नजर डालें तो सामने आता है कि, 11वीं शताब्दी में उत्तर भारत में राजपूतों का राज्य स्थापित हुआ और प्रयाग सहित कन्नौज पर चन्द्रवंशीय राठौर राजा चन्द्रदेव गहरवार की सत्ता स्थापित हो गई.

1094 ईस्वी में प्रयाग पर हुआ था पहला हमला
इस वंश के राजा जयचन्द्र के शासन काल से इस क्षेत्र पर मुस्लिम आक्रमणों की शुरुआत हो गई थी. ऐतिहासिक दस्तावेज बताते हैं कि 1094 ई0 में प्रयाग पर पहला हमला शहाबुद्दीन गौरी ने किया था. इसके तकरीबन तीन सौ साल बाद 1394 ई0 में प्रयाग पर जौनपुर के बादशाह का शासन हो गया. सन् 1500 ई0 में बंगाल के महान संत चैतन्य महाप्रभु भी प्रयाग आए थे, स्पष्ट तो नहीं है, लेकिन उनका आगमन एक बड़ी धार्मिक घटना थी, क्योंकि उनके साथ गौड़ीय वैष्णव संप्रदाय के बड़े हुजूम ने संगम में डुबकी लगाई थी. संभवतः वे सन् 1514 के महाकुंभ में भी मौजूद थे. इस समय भी प्रयाग को कड़ा के नाम से ही जाना जाता था.

अबुल फजल
इसी सदी की एक प्रमुख घटना थी, जलालुद्दीन लोहानी और बाबर के बीच संधि. कड़ा में हुई इस संधि का ही नतीजा हुआ कि गंगा-यमुना के जल से सिंचित यह दोआबा क्षेत्र मुगलों के अधीन हो गया. अब्दुल कादिर बदायूंनी ने अपनी किताब ‘मुन्तख़ाब- अल- तवारीख’ में इसका जिक्र किया है. यही किताब एक बार फिर मुगल सम्राट के अकबर की प्रयाग में दिलचस्पी को एक बार और सामने रखती है.

अकबर ने रखी थी ‘इलाहवा’ नाम के नगर की नींव
इसके अनुसार ‘सन् 1574 ई0 में अकबर प्रयाग आकर ठहरा और हिजरी संवत् 982 में सकर महीने की 23 तारीख को उसने ‘इलाहावा’ के नाम इस नगर की नींव रखी.’ अकबर ने सनातनी परंपरा के संतों से इसके इलावर्त और इलावास होने की कथाएं सुनी थीं और संभवतः इसी आधार पर उसने इसे ‘इलाहावा’ नाम दिया होगा. कुमार निर्मलेंदु इतिहास के हवाले से अपनी  किताब में यह भी जिक्र करते हैं कि, ‘सन् 1583 ईस्वी में अकबर ने प्रयाग को सूबे की राजधानी घोषित किया. सोने और चांदी के सिक्के ढालने के लिए किले में एक टकसाल भी स्थापित की. इस टकसाल में ढले हुए सिक्के आज भी मौजूद हैं.’

‘इलाहावास’ और ‘अल्लाहबाद’ भी रहे हैं प्रयाग के नाम
‘आइने अकबरी’ के अनुसार अकबर के शासन काल में इलाहाबाद 573: 312 बीघे क्षेत्र वाला एक बड़ा सूबा था. इसमें 11 परगने थे. इस सूबे का महत्व इस इस बात से स्पष्ट हो जाता है कि यहां का सूबेदार मुगल सम्राट के परिवार का ही सदस्य होता था. जहांगीर भी प्रयाग का सूबेदार रहा और यहीं से उसने अपने पिता के खिलाफ उसने विद्रोह की भी शुरुआत की थी. यहीं सन् 1601 में खुसरो बाग की स्थापना की गई. आगे चलकर 1622 ई. में जहांगीर के पुत्र खुसरो का शव इसी बागीचे में दफनाया गया.

शाहजहां ने दिया था इलाहाबाद नाम
अब वो वक्त आया, जब इस प्राचीन तीर्थ स्थल का नाम इलाहाबाद किया गया. यह शाहजहां का शासन काल था. इस काल में नगर का नाम ‘इलाहावास’ अथवा ‘अल्लाहबाद’ से बदलकर ‘इलाहाबाद’ कर दिया गया. आज जो गंगा के तट की ओर दारागंज मुहल्ला है, उसका नाम भी शाहजहां के पुत्र दारा के नाम पर ही है. औरंगज़ेब ने सन् 1658 ई में अपने भाई शाहशुजा को यहीं के किले में हराया था. कहते हैं कि सन् 1666 ई0 में आगरा के किले से चुपके से निकलने के बाद क्षत्रपति शिवाजी महाराज अपने पुत्र शंभाजी के साथ प्रयाग आए थे. वह दारागंज में ही किसी पंडे के घर पर रुके और यहां से गंगा स्नान करके महाराष्ट्र लौट गये.

अवध के नवाब ने संभाली थी प्रयाग की सूबेदारी
अब वक्त आया 18वीं सदी का. अठारहवीं शताब्दी में मुगल सत्ता अपने सबसे कमजोर दौर में आ गई थी. इलाहाबाद के किलेदार बार-बार विद्रोही तेवर दिखाने लगे. सन् 1739 में नागपुर के राधोजी भोंसले ने प्रयाग पर आक्रमण कर दिया और सूबेदार आलिमशुजा का कत्ल कर किले का सारा खजाना लूट लिया. इस समय तक अवध के नवाब वजीरों का भी प्रभाव बढ़ चुका था और सन् 1743 में अवध के नवाब वजीर सफदरजंग ने प्रयाग की सूबेदारी संभाल ली.

11 नवंबर, 1801 में अंग्रेजों के अधीन हो गया इलाहाबाद
सन् 1764 में मुगल सम्राट शाह आलम ने इलाहाबाद में रहना शुरू किया और दो साल बाद ही उसने यहीं पर अंग्रेजों के साथ एक संधि करके बंगाल, उड़ीसा और बिहार की दीवानी की सनद उन्हें दे दी. पांच वर्ष बाद सन् 1771 में मराठों ने प्रयाग पर हमला बोला. इसके बाद शाह आलम तो इलाहाबाद से दिल्ली चला गया लेकिन अंग्रेजों ने इस शहर को अपनी महत्वकांक्षा के लिए बचाया और 50 लाख रुपये लेकर उसे अवध के नवाब वजीर शुजाउद्दौला के हाथ बेच दिया था. आखिर में 11 नवंबर, 1801 को अंग्रेज गर्वनर जनरल लार्ड वेलेजली ने नवाब सआदत अली खां को बेदखल करके इलाहाबाद को स्थायी रूप से अंग्रेजों के अधिकार में कर लिया.

इस तरह वैदिक युगों की एक नगरी और तीर्थ स्थली कई हाथों और शासकों से होते हुए 19वीं सदी के पहले साल में अंग्रेजों के हाथों में चला गया.



Source link

Tags: AkbarAllahabadMahakumbhmughalntcpvpperiodPrayagrajStoryअललहबदइलबसइलवरतइलहबदऔरककहनतरथरजनमपरपरयगफरबदलन
Share198Tweet124Send

Related Posts

Bhuvneshwar Kumar की भारतीय टीम में हुई शानदार वापसी
Hindi News

Bhuvneshwar Kumar की भारतीय टीम में हुई शानदार वापसी

October 7, 2026
नशा, मुफ्त सफर या सीधी आर्थिक मदद:पंजाब में महिला वोट पर चलेगा किसका दांव? मावां-धियां को साधने में जुटे दल – Women Voter In Punjab 2027 Assembly Election
Hindi News

नशा, मुफ्त सफर या सीधी आर्थिक मदद:पंजाब में महिला वोट पर चलेगा किसका दांव? मावां-धियां को साधने में जुटे दल – Women Voter In Punjab 2027 Assembly Election

October 7, 2026
2026 के केमिस्ट्री नोबेल का ऐलान आज:भारतीय मूल के शंकर बालासुब्रमण्यम का नाम चर्चा में; DNA सीक्वेंसिंग के लिए इसी साल वुल्फ केमिस्ट्री पुरस्कार मिला
Hindi News

2026 के केमिस्ट्री नोबेल का ऐलान आज:भारतीय मूल के शंकर बालासुब्रमण्यम का नाम चर्चा में; DNA सीक्वेंसिंग के लिए इसी साल वुल्फ केमिस्ट्री पुरस्कार मिला

October 7, 2026
IIT बॉम्बे- नकल करते पकड़े जाने पर सीधे कार्रवाई नहीं:पहले छात्र का पक्ष सुनेंगे; नया ड्राफ्ट तैयार, साहिल सुसाइड केस के बाद फैसला
Hindi News

IIT बॉम्बे- नकल करते पकड़े जाने पर सीधे कार्रवाई नहीं:पहले छात्र का पक्ष सुनेंगे; नया ड्राफ्ट तैयार, साहिल सुसाइड केस के बाद फैसला

October 7, 2026
Load More
  • Trending
  • Comments
  • Latest
9 Festivals to Celebratein August in India

9 Festivals to Celebratein August in India

August 8, 2025
Corruption cases against govt officials: SC bats for striking balance | Latest News India

Corruption cases against govt officials: SC bats for striking balance | Latest News India

August 5, 2025
Guru Randhawa – SIRRA ( Official Video )

Guru Randhawa – SIRRA ( Official Video )

July 1, 2025
Bhuvneshwar Kumar की भारतीय टीम में हुई शानदार वापसी

Bhuvneshwar Kumar की भारतीय टीम में हुई शानदार वापसी

0
COVID-19: Delhi govt-run medical colleges to re-open; students to join in phased manner

COVID-19: Delhi govt-run medical colleges to re-open; students to join in phased manner

0
WhatsApp updates terms of service, privacy policy for user data processing and Facebook integration- The New Indian Express

WhatsApp updates terms of service, privacy policy for user data processing and Facebook integration- The New Indian Express

0
Bhuvneshwar Kumar की भारतीय टीम में हुई शानदार वापसी

Bhuvneshwar Kumar की भारतीय टीम में हुई शानदार वापसी

October 7, 2026
PM Modi News Live Updates: PM Modi Marks 25 Years In Public Service, Says ‘My Duty Is My Dharma’

PM Modi News Live Updates: PM Modi Marks 25 Years In Public Service, Says ‘My Duty Is My Dharma’

October 7, 2026
नशा, मुफ्त सफर या सीधी आर्थिक मदद:पंजाब में महिला वोट पर चलेगा किसका दांव? मावां-धियां को साधने में जुटे दल – Women Voter In Punjab 2027 Assembly Election

नशा, मुफ्त सफर या सीधी आर्थिक मदद:पंजाब में महिला वोट पर चलेगा किसका दांव? मावां-धियां को साधने में जुटे दल – Women Voter In Punjab 2027 Assembly Election

October 7, 2026
India News Online

24x7 Online News From India
India News Online is your news, entertainment, music fashion website. We provide you with the latest breaking news and videos straight from the entertainment industry.

Categories

  • Business
  • Entertainment
  • Health
  • Hindi News
  • Hindi Songs
  • India
  • International
  • Lifestyle
  • Panjab
  • Politics
  • Punjabi Songs
  • Sports
  • Technology
  • Travel
  • Uncategorized
No Result
View All Result

Recent Posts

  • Bhuvneshwar Kumar की भारतीय टीम में हुई शानदार वापसी
  • PM Modi News Live Updates: PM Modi Marks 25 Years In Public Service, Says ‘My Duty Is My Dharma’
  • नशा, मुफ्त सफर या सीधी आर्थिक मदद:पंजाब में महिला वोट पर चलेगा किसका दांव? मावां-धियां को साधने में जुटे दल – Women Voter In Punjab 2027 Assembly Election
  • Home
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Privacy Policy
  • Cookie Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Contact

Copyright © 2021 - India News Online.

No Result
View All Result
  • Home
  • News
    • India
    • Punjab
    • International
    • Entertainment
  • Hindi News
  • Politics
  • Health
  • Business
  • Sports
  • Technology
  • Lifestyle
  • Video
  • Travel
  • Game

Copyright © 2021 - India News Online.