हमास ने ऐसे भयानक हमले को कैसे दिया अंजाम?

इजरायली सेना और खुफिया एजेंसी को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है. लेकिन यह धारणा 7 अक्टूबर को हवा हो गई जब हमास ने 2200 रॉकेटों की बौछार कर उसकी आड़ में 3,000 लड़ाकों को इजरायल में दाखिल करा दिया. ताकि पिछले 50 सालों में सबसे भयानक हमले को अंजाम दिया जा सके.
इंडिया टुडे ओपन सोर्स इंटेलिजेंस टीम (OSINT) ने हमास के प्रोपेगैंडा फुटेज के जियोलोकेशन की स्टडी की, जिससे गाजा में ट्रेनिंग का पता चला. ऐसी भी रिपोर्ट आईं जहां ईरानी समर्थन का जिक्र था, तेल अवीव ने अपनी खुफिया नाकामी भी स्वीकार की.
रिपोर्ट में इजरायल की इस धारणा का भी जिक्र था कि वह हमास के साथ एक व्यावहारिक संतुलन बना सकता है. हमास भी इजरायल के साथ सीधे सशस्त्र संघर्ष को अंजाम देने के पक्ष में नहीं है. कई एक्सपर्ट्स का यह मानना है कि हमास बड़े पैमाने पर संघर्ष नहीं करना चाहता.
कुछ लोगों का तो यह भी कहना है कि हमास ने इजरायल की तकनीक से संचालित इंटेलिजेंस से बचने के तरीके ढूंढ लिए हैं. इसलिए इजरायल को हमास के इरादों की आधी-अधूरी जानकारी ही मिल पा रही है.



























