अहमदाबाद नगर निगम द्वारा अगस्त में आयोजित की गई टेक्निकल सुपरवाइजर के 93 पदों के लिए भर्ती परीक्षा में घोटाले को लेकर पुलिस ने एक महिला और एक पुरुष कैंडिडेट के साथ पुरुष कैंडिडेट के पिता को गिरफ्तार किया है. इस मामले में पुलिस ने पहले ही अहमदबाद नगर निगम की सेंट्रल ऑफिस के हेड क्लर्क को गिरफ्तार किया है. भर्ती परीक्षा में घोटाले को लेकर अबतक पुलिस ने 4 लोगो की गिरफ्तारी की है.
उम्मीदवारों से वसूले 17 लाख रुपये
पुलिस का कहना है कि, कैंडिडेट्स के अंक बढ़ाकर उन्हें मेरिट में शामिल करने के घोटाले में मुख्य आरोपी नगर निगम की सेंट्रल ऑफिस का हेड क्लर्क पुलकित सथवारा है. पुलकित ने चार उम्मीदवारों को नौकरी दिलाने के लिए उनके मार्क्स बढ़वाए थे ताकि उनका फाइनल मेरिट लिस्ट में नाम आ सके. इसके लिए पुलकित ने उम्मीदवारों से 17 लाख रुपए वसूले थे.
डीसीपी भरत राठौड़ ने कहा, परीक्षा के संबंध में कम्प्यूटर और वेबसाइट का काम पुलकित देखता था. इसी बात का फायदा उठाकर पुलकित ने पैसों के लिए मेरिट में शामिल नही होने वाले कैंडिडेट्स तमन्ना कुमारी पटेल, मोनाल लिंबाचिया और जय पटेल के अंक बढ़ाए थे. तमन्ना के अंक 18.50 जिन्हें बढ़ाकर 77 कर दिया गया था. वहीं, मोनाल लिंबाचिया के 18.25 मार्क्स जिन्हें 85 दे दिए गए और जय पटेल के 19.25 मार्क्स थे उसके 85.25 मार्क कर दिए थे.
इस पूरे मामले में जांच कर रही पुलिस ने पुलकित सथवारा को सबसे पहले गिरफ्तार करके सेंट्रल ऑफिस में एफएसएल की टीम की मदद से 6 हार्ड डिस्क, 3 डीवीडी हासिल करके एफएसएल में भेजी हैं. रिमांड के बाद पुलकित अब पुलिस कस्टडी में है.
एक और भर्ती परीक्षा में किया घोटाला
डीसीपी भरत राठौड़ का कहना है कि टेक्निकल सुपरवाइजर की भर्ती के अलावा अहमदाबाद नगर निगम द्वारा एक और भर्ती परीक्षा में आरोपी कैंडिडेट तमन्ना के भाई मृगेश पटेल का फॉर्म भरा गया था, जिसके मार्क्स भी आरोपी पुलकित ने बढ़ा दिए थे. इस काम के लिए मृगेश के पिता दिनेशभाई के साथ पुलकित ने सात लाख की डील की थी. दिनेशभाई के पास से पुलकित को 7 लाख लेने का बाकी हैं. पूछताछ के दौरान पता चला है कि उम्मीदवार जय पटेल और मोनाल लिंबाचिया के पास से पांच-पांच लाख मिलाकर कुल 10 लाख रुपए की डील की गई है.
आरोपियों के बैंक अकाउंट को खंगाला गया
पुलिस ने हेड क्लर्क पुलकित और अन्य आरोपियों समेत उनके परिवार के लोगों के बैंक अकाउंट और प्रॉपर्टी की जांच भी शुरू की है. परीक्षा में अंक बढ़ाने के इस पूरे घोटाले में और भी कोई शामिल हैं कि नहीं उसकी जांच जारी है. मुख्य आरोपी पुलकित के 7 बैंक अकाउंट सीज कर दिए गए हैं. पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी पुलकित भागीदारों के साथ मिलकर नलसरोवर सरोवर में फिशिंग के धंधे में पार्टनर भी था.
इस घंधे में इन्वेस्ट करने के लिए कुछ परिचितों के पास से पुलकित ने 95 लाख रुपए लेकर धंधा शुरू किया था लेकिन धंधे में नुकसान जाने पर पुलकित कर्जदार हो गया और कहीं से भी पैसा इकट्ठा करने की मानसिकता की वजह से अहमदाबाद नगर निगम की भर्ती परीक्षा में जो उम्मीदवार मेरिट में शामिल नहीं हो पाए थे उनसे पैसा लेकर उन्हें मेरिट में शामिल करने के घोटाले को अंजाम दिया.
बता दें कि, अहमदाबाद नगर निगम द्वारा 15 मार्च के दिन 93 टेक्निकल सुपरवाइजर की भर्ती के लिए एडवर्टाइजमेंट दी गई थी और 18 अगस्त के दिन परीक्षा का आयोजन किया गया था. परीक्षा में 5,000 कैंडिडेट्स उपस्थित रहे थे. परीक्षा के बाद प्रोविजनल आंसर शीट अपलोड की गई थी. परीक्षा के रिजल्ट के बाद 359 लोगो को डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन के लिए बुलाया गया था. जिसके बाद 93 लोगो को सिलेक्ट किया गया था. लेकिन इस बीच एक कैंडिडेट को अपलोड मार्क और डिक्लेअर मार्क में फर्क दिखा, जिसकी शिकायत की गई थी. जांच करने पर पता चला की एक नहीं बल्कि तीन लोगो के अपलोड हुए मार्क में छेड़छाड़ की गई थी.






















