भारतीय मूल के एक दंपत्ति ने टेक्सास में अपनी पुरानी यूनिवर्सिटी अल्मा मेटर को 20 मिलियन डॉलर का दान दिया है। इससे संस्थान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस्ड एनालिटिक्स की पढ़ाई को बढ़ावा मिलेगा और ‘अमेरिकन ड्रीम’ को साकार करने में अप्रवासियों के योगदान को भी रेखांकित किया जाएगा। एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अनुराधा और विकास सिन्हा ने यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ टेक्सास को 20 मिलियन डॉलर यानी कि भारतीय रुपयों में 191 करोड़ से ज्यादा का दान दिया है।
अनुराधा और विकास सिन्हा के नाम पर बनेगा नया कॉलेज
इस तोहफे के सम्मान में, यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ टेक्सास ‘अनुराधा और विकास सिन्हा कॉलेज ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड एडवांस्ड एनालिटिक्स’ की स्थापना करेगा। यह कॉलेज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटेलिजेंट सिस्टम और डेटा एनालिटिक्स पर केंद्रित एक एकेडमिक और रिसर्च हब के तौर पर काम करेगा। यह एआई, साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस, एडवांस्ड एनालिटिक्स, हेल्थ इंफॉर्मेटिक्स, इंफॉर्मेशन साइंस, लाइब्रेरी साइंस और लर्निंग टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता को एक साथ लाएगा।
यूएनटी से सिन्हा परिवार का पुराना जुड़ाव
यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ टेक्सास में सिन्हा परिवार का निवेश यूनिवर्सिटी के साथ उनके जुड़ाव के साथ-साथ बढ़ता गया है। 2024 में, उन्होंने ‘अनुराधा और विकास सिन्हा डिपार्टमेंट ऑफ डेटा साइंस’ की स्थापना के लिए तोहफा दिया, साथ ही स्कॉलरशिप, फैकल्टी, रिसर्च और विशेष पहलों को सपोर्ट करने के लिए एंडोमेंट भी दिए। एक साल बाद, उन्होंने एक और बड़ा तोहफा दिया और ‘सिन्हा इनोवेशन लैब फॉर डेटा साइंस’ की स्थापना की।
‘शिक्षा ने हमारे लिए दरवाजे खोले हैं’
दान के बाद मीडिया से बात करते विकास सिन्हा ने कहा, ‘शिक्षा ने हमारे जीवन भर हमारे लिए दरवाजे खोले हैं, और हम दूसरों के लिए भी उन दरवाजों को खुला रखना चाहते हैं।’ यही एक बड़ी वजह है कि अनु और मुझे इस बात पर इतना पक्का भरोसा है कि यूएनटी छात्रों के लिए क्या कुछ मुमकिन बना सकता है, जिसमें वे छात्र भी शामिल हैं जो शायद किसी दूसरे देश से वही महत्वाकांक्षा और शिक्षा में वही विश्वास लेकर यहां आते हैं, जो कभी हमारे पास हुआ करता था।’ हमारे लिए, यह तोहफा उस अवसर को आगे बढ़ाने और यह मानने के बारे में है कि अप्रवासी सिर्फ ‘अमेरिकन ड्रीम’ में हिस्सा ही नहीं लेते, वे इसे बनाने में मदद भी करते हैं।’
एआई के भविष्य को आकार देने वालों को तैयार करेगा यूएनटी
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारी पीढ़ी की अहम टेक्नोलॉजी में से एक होगी, और इसके भविष्य को आकार देने वाले लोगों को तैयार करने में यूनिवर्सिटी की अहम भूमिका है। यूएनटी के विजन के बारे में जो बात हमें उत्साहित करती है, वह यह है कि यह छात्रों को सिर्फ एआई का इस्तेमाल करना सिखाने से कहीं आगे जाएगा। यह उन्हें इंटेलिजेंट सिस्टम बनाने, समझने, उन पर सवाल उठाने, उन्हें चलाने और जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने के लिए तैयार करेगा। इससे इंटेलिजेंट सिस्टम बनाने वाले और उनकी देखभाल करने वाले, दोनों तरह के लोग तैयार होंगे।
छह स्थायी फंड बनाए जाएंगे
20 मिलियन डॉलर का यह दान छह स्थायी फंड (एंडोमेंट) बनाएगा, जो कॉलेज की लीडरशिप, छात्रों की स्कॉलरशिप, एंडोव्ड प्रोफेसरशिप, एंटरप्रेन्योरशिप और इनक्यूबेशन, एडवांस्ड रिसर्च और नई टेक्नोलॉजी को सपोर्ट करेंगे।
दो एकेडमिक डिवीजन में बांटा जाएगा कॉलेज
कॉलेज को दो एकेडमिक डिवीजन में बांटा जाएगा: ‘डिवीजन ऑफ एप्लाइड इंटेलिजेंस एंड इंफॉर्मेटिक्स’, जो इंटेलिजेंट सिस्टम बनाने और उन्हें लागू करने पर केंद्रित होगा; और ‘डिवीजन ऑफ इंफॉर्मेशन एंड लर्निंग एप्लीकेशन’, जो इस बात पर केंद्रित होगा कि जानकारी और इंटेलिजेंट सिस्टम इंसानी और संस्थागत संदर्भों में कैसे काम करते हैं।
एआई और डेटा साइंस रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा
बयान में कहा गया है कि कॉलेज में ‘एप्लाइड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस इंस्टीट्यूट’ भी होगा, जो यूएनटी में एआई और एनालिटिक्स रिसर्च और एजुकेशन को जोड़ेगा और इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च, साझा इंफ्रास्ट्रक्चर, बाहरी रिसर्च फंडिंग और इंडस्ट्री पार्टनरशिप के लिए मौके पैदा करेगा।
आंध्र प्रदेश से अमेरिका तक का सफर
आंध्र प्रदेश के कुरनूल में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी और जी पुल्ला रेड्डी इंजीनियरिंग कॉलेज में सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद, विकास और अनुराधा आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका आए और फ्लोरिडा अटलांटिक यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट डिग्री हासिल की। बाद में विकास ने नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी में अपनी पढ़ाई जारी रखी और 2023 में यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ टेक्सास से पीएचडी पूरी की। विकास अभी ब्रॉडकॉम में मेनफ्रेम सॉफ्टवेयर डिवीजन के वाइस प्रेसिडेंट हैं और 2023 से यूएनटी कॉलेज ऑफ इंफॉर्मेशन लीडरशिप बोर्ड में काम कर रहे हैं।
एआई के बदलते दौर में यूनिवर्सिटी की भूमिका अहम: यूएनटी प्रेसिडेंट
यूएनटी के प्रेसिडेंट हैरिसन केलर ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से बदल रहा है कि ‘हम कैसे काम करते हैं, रिसर्च करते हैं और समस्याओं को हल करते हैं, और यूनिवर्सिटीज की एक अहम जिम्मेदारी है कि वे भविष्य को आकार देने में मदद करें’। ‘अनुराधा और विकास सिन्हा कॉलेज ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड एडवांस्ड एनालिटिक्स, यूएनटी को उस काम में आगे रहने की स्थिति में लाता है।’
छात्रों और फैकल्टी के लिए खुलेंगे नए अवसर
केलर ने कहा, ‘विकास और अनुराधा का कमिटमेंट हमारे छात्रों और फैकल्टी के लिए इन टेक्नोलॉजी को बनाने, पढ़ने और इस्तेमाल करने के नए मौके पैदा करेगा, साथ ही हमारे ‘लुक नॉर्थ: यूएनटी 2030′ स्ट्रैटेजिक प्लान की मुख्य प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाएगा- जैसे कि बदलते लेबर मार्केट के लिए छात्रों को तैयार करने के तरीके को बदलना, इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देना और नॉर्थ टेक्सास और राज्य के लिए स्थायी मूल्य बनाना।’
एआई और डेटा आधारित वर्कफोर्स के लिए छात्रों को तैयार करेगा
यह तोहफा यूएनटी के स्टूडेंट की सफलता, रिसर्च और इनोवेशन से जुड़े लक्ष्यों को आगे बढ़ाएगा। साथ ही, यह ग्रेजुएट छात्रों को ऐसे वर्कफोर्स के लिए तैयार करने में मदद करेगा, जो तेजी से एआई और डेटा से प्रभावित हो रहा है। बयान में कहा गया है कि यूएनटी इस साल के आखिर में एक यूनिवर्सिटी इवेंट के जरिए कॉलेज का नामकरण समारोह आयोजित करेगा।
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44,000 छात्रों को पढ़ाती है यूएनटी
यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ टेक्सास एक पब्लिक रिसर्च यूनिवर्सिटी है और डलास-फोर्ट वर्थ की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी है। टेक्सास के डेंटन और फ्रिस्को में अपने कैंपस के जरिए, यूएनटी लगभग 44,000 छात्रों को 230 डिग्री प्रोग्राम की सुविधा देता है। पिछले साल इसने 13,000 से ज्यादा डिग्रियां दी थीं।























