राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज पंजाब दाैरे पर हैं। वे अमृतसर में गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (जीएनडीयू) की 50वीं गोल्डन जुबली कान्वोकेशन में हिस्सा लेने पहुंचीं हैं।
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि ‘विकसित भारत’ बनाने में अगले दो दशक बहुत महत्वपूर्ण हैं, और कहा कि भारत का भविष्य उन युवाओं पर निर्भर करता है जिनमें वैज्ञानिक सोच हो, जो जिम्मेदारी से काम करें और निस्वार्थ भाव से सेवा करें। उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों से आग्रह किया कि वे अपने छात्रों में ये मूल्य पैदा करें।
उन्होंने युवा स्टूडेंट्स से यह भी अपील की कि वे जो भी प्रोफेशन चुनें, उसमें उनका योगदान देश को मज़बूत करे और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा दे। अपने संबोधन के दौरान, राष्ट्रपति ने ड्रग्स की समस्या पर भी बात की और कहा कि हाल के वर्षों में पंजाब के युवा इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह समस्या न सिर्फ सेहत पर, बल्कि समाज के सामाजिक, आर्थिक और नैतिक ताने-बाने पर भी असर डाल रही है।
उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ समाज के लिए इस समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है। इस संदर्भ में गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी जैसे एजुकेशनल संस्थानों की भूमिका बहुत अहम है। इस यूनिवर्सिटी के सभी स्टेकहोल्डर्स को युवाओं को सही दिशा दिखाने के लिए हर संभव कोशिश करनी चाहिए।
कार्यक्रम में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया भी माैजूद थे।
कन्वोकेशन में कुल 463 विद्यार्थियों को डिग्री और मेडल दिए गए, जिनमें 74 अंडरग्रेजुएट, 102 पोस्टग्रेजुएट, 270 पीएचडी डिग्री और 7 मेमोरियल मेडल शामिल हैं। इसके अलावा, यूनिवर्सिटी दो मशहूर हस्तियों को ऑनरेरी डॉक्टरेट प्रदान किया गया।




























