Israel-Hamas War: इजरायली सेना जल्द से जल्द गाजा पट्टी से हमास का सफाया करने में जुटी है. उसकी अलग-अलग ब्रिगेड, गाजा के अलग-अलग इलाकों में युद्ध को आगे बढ़ा रही है. इजरायली सेना मध्य-पूर्व की सबसे शक्तिशाली सेना मानी जाती है. उसी सेना ने गाजा में हमास की दो इमारतों को जोरदार धमाके से उड़ा दिया है. गाजा पर जमीनी आक्रमण करने के बाद इजरायली सेना हमास लड़ाकों के हमले के बीच आगे बढ़ रही है. इजरायल की फौज अब हमास को पूरी तरह से खत्म कर देना चाहती है, लेकिन इस दौरान गाजा के अस्पतालों को लेकर इजरायल भी सवालों के घेरे में है.
हारेल ब्रिगेड ने मचाई तबाही
इजरायली सेना की हारेल ब्रिगेड गाजा पट्टी के एक्लकरमेन इलाके में हमास के ठिकानों को तबाह करती हुई आगे बढ़ रही है. इजरायली सेना ने एक वीडियो जारी कर दिखाया है कि उसके सैनिक गाजा में कितनी भीषण जंग लड़ रहे हैं. इजरायली सेना की हारेल ब्रिगेड रिजर्व ब्रिगेड है, जो दक्षिण इजरायल में तैनात थी और अब गाजा पट्टी में हमास का सफाया करने में जुटी है.
एंटी टैंक मिसाइल पॉजिशन को उड़ाया
इस कार्रवाई के दौरान हारेल ब्रिगेड ने लंबी दूरी का रॉकेट लॉन्चर तबाह किया, जिससे इजरायल को निशाना बनाया जाता था. इसी से एंटी टैंक मिसाइल पॉजिशन को उड़ाया गया है, जहां से इजरायली टैंकों को निशाना बनाया जा रहा था. हमास की सुरंग, निगरानी पोस्ट बर्बाद कर दी गई हैं, जहां से हमास इजरायली सेना की निगरानी और उन पर हमले कर रहा था.
इस जंगी कार्रवाई के दौरान इजरायली सेना ने जमीनी लड़ाई में हमास के 100 आतंकियों को मार डाला है, वहीं 30 फाइटर्स को अपने कब्जे में ले लिया है.
दो हिस्सों में बंटी गाजा पट्टी
गाजा पट्टी को दो हिस्सों में बांट चुकी इजरायली सेना के सामने अब मैदान खुला है. ज्यादातर फिलिस्तीनी दक्षिण गाजा में शिफ्ट हो चुके हैं और उत्तरी गाजा में इजरायली सैनिकों के सिवाय अब जो नजर आता है, वो हैं हमास के आतंकी. और इजरायली सेना ये प्रण कर चुकी है कि गाजा से हमास को नामोनिशान मिटाकर रहेगी.
हमास के पास है देसी एंटी-टैंक रॉकेट
हमास का दावा है कि ये रॉकेट उसने इसी साल यानी 2023 में तैयार किया है. इसकी मारक रेंज 150 मीटर है. इसका वजह साढे 4 किलो है. इसमें 1 किलो 400 ग्राम विस्फोटक रहता है. इसका वॉरहेड गर्मी से चार्ज होता है. ये रिएक्टिव आर्मर को 600 मिलीमीटर तक और बिना रिएक्टिव वाले आर्मर को 750 एमएम तक भेद सकता है. इसे कंधे से फायर किया जाता है और ये रॉकेट दो हिस्सों में होता है. अगला हिस्सा नुकीला होता है जो कवच के भेदता है और दूसरे हिस्से में विस्फोटक होता है, जो धमाका कर टैंक को तबाह कर देता है.
जिहाद संगठन ने जारी किया वीडियो
उस वीडियो में इस्लामिक जिहाद ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने गाजा में घुसे इजरायली टैंक को यासीन एंटी-टैंक रॉकेट से तबाह किया है. उस वीडियो में एक आतंकी रॉकेट लॉन्चर के साथ इजरायली टैंक की ओर बढ़ता दिख रहा है. उसने निशाना साध कर रॉकेट दागा जिससे इजरायली टैंक को तबाह होते दिखाया गया है. हमास का दावा है कि उसका ये रॉकेट इजरायल के खिलाफ अचूक हथियार साबित हो रहा है.
इजरायली सेना के खिलाफ जारी वीडियो की खास बात
इजरायल पर हमला करने वाले सारे आतंकी सिविल कपड़ों यानी नागरिकों जैसे कपड़ों में हैं. जबकि हमास के पास अपना यूनिफॉर्म है. और जब इजरायली सेना इन लड़ाकों को मारती है, तब हमास शोर मचाता है कि इजरायल बेकसूर नागरिकों को मार रहा है. उसके इसी दोहरे रवैये को बेनकाब करने के लिए इजरायली सेना ने ये वीडियो जारी किया है. उसने कहा है कि ये वीडियो हमास के लड़ाकों के कैमरे से ही बने हैं. इनमें आप एंटी-टैंक ग्रेनेड लॉन्चर देखते हैं. टी-शर्ट, जीन्स और टेनिस शू पहने आतंकी को देखते हैं.
दो हिस्सों में बंटी गाजा पट्टी
गाजा पट्टी को दो हिस्सों में बांट चुकी इजरायली सेना के सामने अब मैदान खुला है. ज्यादातर फिलिस्तीनी दक्षिण गाजा में शिफ्ट हो चुके हैं और उत्तरी गाजा में इजरायली सैनिकों के सिवाय अब जो नजर आता है, वो हैं हमास के आतंकी. और इजरायली सेना ये प्रण कर चुकी है कि गाजा से हमास को नामोनिशान मिटाकर रहेगी.
वर्दी न पहनना रणनीतिक चाल
अब सवाल ये कि हमास नागरिकों के कपड़ों में जंग क्यों लड़ रहा है? ऐसा नहीं है कि उनके पास वर्दी नहीं है. ये उनकी रणनीतिक चाल है. इजरायली सेना नागरिकों को सुरक्षित रास्तों से अपनी जान पर खेलकर निकाल रही है. लेकिन हमास दुनिया को गुमराह करना चाहता है कि इजरायल नागरिकों को मार रहा है. इसमें हमास के नियंत्रण वाली हेल्थ मिनिस्ट्री भी शामिल है जो आतंकियों के मरने के बाद उन्हें नागरिक होने का सर्टिफिकेट देती है. जबकि सच यही है कि हमास नागरिकों की आड़ में खुद को बचाता है और उन्हें मरवाता है. ये हमास का एक और घिनौना हथकंडा है. इजरायली सेना का दावा है कि हमास के पास वर्दी है, लेकिन लड़ाके सिविल कपड़ों में लड़ रहे हैं.
अस्पतालों पर हमले और बच्चों की मौत का विरोध
गाजा में हमास संचालित हेल्थ मिनिस्ट्री ने दावा किया है कि बिजली चली जाने से अल-शिफा अस्पताल में इनक्यूबेटर में रखे गए शिशुओं ने दम तोड़ दिया है. वहीं डॉक्टरों ने अपने मोबाइल के टॉर्च की रोशनी में मरीजों का ऑपरेशन किया. इस खबर पर अमेरिका ने भी चिंता जताई है. फ्रांस के राष्ट्रपति पहले ही कह चुके हैं कि इजरायल को अस्पतालों को इस लड़ाई से दूर रखना चाहिए.
आरोप का जवाब देने के लिए इजरायली सेना का वीडियो
उस वीडियो में इजरायली सेना के जवान डीजल के कैन लेकर आनन-फानन में भागते नजर आ रहे हैं. इजरायली सेना ने दावा किया कि अपनी जान जोखिम में डालकर इजरायली सैनिक 300 लीटर डीजल लेकर अल-शिफा अस्पताल पहुंचे. उन्होंने एक सुरक्षित दूरी पर इन्हें रखा और लौट आए. इस डीजल से जेनरेटर को चलाए रखा जा सकता था और अस्पताल ठप नहीं होता. लेकिन इजरायली सेना का दावा है कि हमास ने अस्पताल को इस डीजल को लेने से रोक दिया. गाजा में स्वास्थ्य मंत्रालय को हमास ही चलाता है. इजरायली सेना ने सवाल किया कि जब वो कई हफ्ते से कह रहा था कि ईंधन की कमी है तो जब ईंधन पहुंचा तो उसे लेने से उसने इनकार क्यों कर दिया?
हमास ने किया अस्पताल पर कब्जा!
अल-शिफा अस्पताल की एक डॉक्टर का वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें वो कह रही है कि हमास ने अल-शिफा अस्पताल पर कब्जा जमा लिया है और यहां से ईंधन, दवा, खाना सबकुछ ले जा रहा है. डॉक्टर ने जब ये वीडियो रिकॉर्ड किया, तब पीछे से धमाके की आवाज सुनी जा सकती है. इजरायल ने गाजा के अस्पतालों से मरीजों को सुरक्षित निकालने के लिए कॉरिडोर बना रखा है. यहां से लोग दक्षिण गाजा जा सकते हैं और वहां अपना इलाज करा सकते हैं. लेकिन हमास लोगों को निकलने नहीं दे रहा है
इजरायली सेना ने घेरे चारों अस्पताल
इजरायल ने बहुत पहले ही इन अस्पतालों को खाली करने की चेतावनी दी थी और अब उसने इन चार अस्पतालों को घेर लिया है. जिनमें गाजा का सबसे बड़ा अस्पताल अल-शिफा, दूसरा है अल-रंतीसी, तीसरा है अल-नस्र और चौथा है अल-कुद्स अस्पताल. इन अस्पतालों को इजरायली टैंकों ने घेर रखा है और इनके आसपास इस वक्त भीषण लड़ाई चल रही है.
हमास का प्रोपेगेंडा
अस्पताल में ICU में एक फिलिस्तीनी मां अपने बेटो को बुरी तरह घायल स्थिति में देखकर हैरान रह जाती है. दरअसल, उसने अपने बेटे की तस्वीर किसी के मोबाइल फोन पर देखी थी. वो भागती हुई अस्पताल पहुंची तो यहां माजरा कुछ और ही था. उसके बेटे ने कहा कि वो एकदम ठीक है. उसने बताया कि वो घायल होने की एक्टिंग कर रहा है ताकि दुनिया भर के मुसलमानों को बेवकूफ बनाया जा सके. उन्हें ये झूठ परोसा जा सके कि इजरायल किस तरह नागरिकों को मार रहा है. बेशक जंग में नागरिकों की मौत हो रही है लेकिन इस वीडियो ने हमास के दुष्प्रचार और उसकी सोच को फिर बेनकाब किया है.
गाजा के अस्पतालों का गलत इस्तेमाल
अल-शिफा अस्पताल को हमास ने अपने हेडक्वार्टर बना रखा है. इसके नीचे हमास नेताओं के दफ्तर और लड़ाकों के बैरक हैं. अल-रंतीसी अस्पताल में हमास ने एक हजार लोगों को अपनी ढाल बना रखा है. वो उन्हें यहां से निकलने नहीं दे रहा है. अल-नस्र अस्पताल में हमास के वो लड़ाके छिपे हैं, जो इजरायली सेना का सामना करने से डर गए हैं. वहीं अल-कुद्स अस्पताल को हमास ने अपना कमांड-कंट्रोल सेंटर बना रखा है. अगर इजरायल इन्हें खाली कराने के लिए अभियान चला रहा है, तो यहां फंसे लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन है?















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