• Latest
  • Trending
  • All
संघ के 100 साल: जब RSS के तीसरे सरसंघचालक ने संघ से ले ली थी 7 साल की छुट्टी – Madhukar Dattatraya Deoras rss third Sarsanghchalak life profile sangh 100 years story ntcppl

संघ के 100 साल: जब RSS के तीसरे सरसंघचालक ने संघ से ले ली थी 7 साल की छुट्टी – Madhukar Dattatraya Deoras rss third Sarsanghchalak life profile sangh 100 years story ntcppl

7 months ago
SETL Expands Into AI Datacenter Engineering With Strategic GScale Energy Acquisition

SETL Expands Into AI Datacenter Engineering With Strategic GScale Energy Acquisition

56 mins ago
Venezuela earthquake LIVE: At least 32 dead, more than 700 injured in quakes, says Interim President Rodríguez

Venezuela earthquake LIVE: At least 32 dead, more than 700 injured in quakes, says Interim President Rodríguez

2 hours ago
Key Insights and Future Steps, ETHealthworld

Key Insights and Future Steps, ETHealthworld

2 hours ago
Iran-linked wallets, including those tied to Iran’s central bank, have moved over .84B in transactions through the crypto exchange CoinEx since 2019 (Wall Street Journal)

Iran-linked wallets, including those tied to Iran’s central bank, have moved over $3.84B in transactions through the crypto exchange CoinEx since 2019 (Wall Street Journal)

3 hours ago
Bodhi Tree Multimedia bags Assam government mandate to build state OTT platform

Bodhi Tree Multimedia bags Assam government mandate to build state OTT platform

3 hours ago
Deadly ‘Omega’ heatwave grips Europe, shatters records; which countries are most affected?

Deadly ‘Omega’ heatwave grips Europe, shatters records; which countries are most affected?

3 hours ago
Three Picks, Three Wins: Why Zohran Mamdani Is Being Called New York’s Kingmaker | World News

Three Picks, Three Wins: Why Zohran Mamdani Is Being Called New York’s Kingmaker | World News

5 hours ago
Amid Ram temple donation row, VHP pitches for FIR

Amid Ram temple donation row, VHP pitches for FIR

6 hours ago
Ahead of India T20Is, Ireland assistant coach Gary Wilson reveals long-term goal and looks to emulate Kenya

Ahead of India T20Is, Ireland assistant coach Gary Wilson reveals long-term goal and looks to emulate Kenya

7 hours ago
“She knows she’s lying”: Candace Owens draws backlash after linking Erika Kirk’s behavior to mental health claims

“She knows she’s lying”: Candace Owens draws backlash after linking Erika Kirk’s behavior to mental health claims

9 hours ago
nancy guthrie update today: Nancy Guthrie case mystery deepens as investigators focus on anonymous tipster linked to ransom messages-here’s what you need to know

nancy guthrie update today: Nancy Guthrie case mystery deepens as investigators focus on anonymous tipster linked to ransom messages-here’s what you need to know

12 hours ago
IRCTC fines Tejas Express food vendor Rs 1 lakh after fly found in meal

IRCTC fines Tejas Express food vendor Rs 1 lakh after fly found in meal

13 hours ago
Thursday, June 25, 2026
  • PRESS RELEASE
  • ADVERTISE
  • CONTACT
  • Game
India News Online
  • Home
  • News
    • India
    • Punjab
    • International
    • Entertainment
  • Hindi News
  • Politics
  • Health
  • Business
  • Sports
  • Technology
  • Lifestyle
  • Video
    • All
    • Hindi Songs
    • Punjabi Songs
    4×4 | Gulab Sidhu | Mandy Takhar | Latest Punjabi Songs 2026 | New Punjabi Songs 2026

    4×4 | Gulab Sidhu | Mandy Takhar | Latest Punjabi Songs 2026 | New Punjabi Songs 2026

    पियवा किसनवा 90’S Old Hindi Songs🥰 90s Love Song😍 Udit Narayan, Alka Yagnik, Kumar Sanu songs Hindi

    पियवा किसनवा 90’S Old Hindi Songs🥰 90s Love Song😍 Udit Narayan, Alka Yagnik, Kumar Sanu songs Hindi

    Sadabahar Hindi Songs Collection | 90s Hits Hindi Song |90s Evergreen Hindi Love Songs Audio Jukebox

    Sadabahar Hindi Songs Collection | 90s Hits Hindi Song |90s Evergreen Hindi Love Songs Audio Jukebox

    90s Bollywood Wedding Songs | Evergreen Bollywood Hits | Shadi Song | Sadabahar Hindi Songs Jukebox

    90s Bollywood Wedding Songs | Evergreen Bollywood Hits | Shadi Song | Sadabahar Hindi Songs Jukebox

    आज तो बाल बाल बच गया😄90’S Old Hindi Songs🥰 90s Love Song😍 Udit Narayan, Alka Yagnik, Kumar Sanu song

    आज तो बाल बाल बच गया😄90’S Old Hindi Songs🥰 90s Love Song😍 Udit Narayan, Alka Yagnik, Kumar Sanu song

    मां से होशियारी🙏90’S Old Hindi Songs🥺90s Love Song😍Udit Narayan, Alka Yagnik, Kumar Sanu songs Hindi

    मां से होशियारी🙏90’S Old Hindi Songs🥺90s Love Song😍Udit Narayan, Alka Yagnik, Kumar Sanu songs Hindi

    भाभी ने बचाई ननद की जान 😆 90’S Old Hindi Songs 🥺90s Love Song 😍Udit Narayan, Alka Yagnik, Kumar

    भाभी ने बचाई ननद की जान 😆 90’S Old Hindi Songs 🥺90s Love Song 😍Udit Narayan, Alka Yagnik, Kumar

    When Online Love Becomes Real💞Chinese mix Hindi Songs💞Cin Klip💞Chinese Drama💞Korean Mix Hindi Songs

    When Online Love Becomes Real💞Chinese mix Hindi Songs💞Cin Klip💞Chinese Drama💞Korean Mix Hindi Songs

    Cold Rude boy falling for cute girl 💕 korean mix hindi songs 💞 Chinese mix hindi songs

    Cold Rude boy falling for cute girl 💕 korean mix hindi songs 💞 Chinese mix hindi songs

  • Travel
  • Game
No Result
View All Result
India News
No Result
View All Result
Home Hindi News

संघ के 100 साल: जब RSS के तीसरे सरसंघचालक ने संघ से ले ली थी 7 साल की छुट्टी – Madhukar Dattatraya Deoras rss third Sarsanghchalak life profile sangh 100 years story ntcppl

by India News Online Team
November 18, 2025
in Hindi News
0
संघ के 100 साल: जब RSS के तीसरे सरसंघचालक ने संघ से ले ली थी 7 साल की छुट्टी – Madhukar Dattatraya Deoras rss third Sarsanghchalak life profile sangh 100 years story ntcppl
Share on FacebookShare on TwitterShare on Email


आमतौर पर राजनीतिक पार्टियों में ये देखने में आता रहा है कि नेताओं में आपसी मतभेद हों तो पार्टियां या तो टूट जाती हैं, या कोई नेता इस्तीफा दे देता है या ले लिया जाता है. कांग्रेस अब तक 66 बार से भी अधिक बार टूट चुकी है, लेकिन कोई भी ऐसी पहली घटना यानी कांग्रेस के 1907 के सूरत अधिवेशन को नहीं भूलता. ना ही गांधीजी से मतभेद के बाद नेताजी बोस का 1939 के त्रिपुरी अधिवेशन में अध्यक्ष पद से इस्तीफा. हालिया राजनीति में केजरीवाल के साथियों का एक एक करके छोड़ना या उन्हें निकाल देना आज की पीढ़ी ने देखा है. मंत्री पद जाने के बाद जिस तरह आर के सिंह ने बीजेपी के खिलाफ बिहार चुनाव में मोर्चा खोला, उसके चलते उनका इस्तीफा हो गया. ऐसे में सरसंघचालक जैसे सर्वोच्च पद की जिम्मेदारी लेने से पहले बाला साहब देवरस अचानक संघ से दूर चले गए तो सबका चौंकना स्वाभाविक था.

इससे पहले गुरु गोलवलकर तो बिना डॉ हेडगेवार को बताए ही स्वामी अखंडानंद जी के आश्रम में रहने चले गए थे. लेकिन हेडगेवार को अंदाजा था कि गोलवलकर विचारों के किस तूफान से गुजर रहे हैं, सो उन्होंने ना उन्हें वापस बुलाने के लिए दबाव बनाया और ना ही उन पर नाराजगी जताई, सब इंतजार करते रहे और एक दिन गुरु गोलवलकर खुद ही वापस आ गए. नाराज तो डॉ हेडगेवार बालाजी हुद्दार से भी नहीं हुए जो सरकार्यवाह जैसे दूसरी सर्वोच्च जिम्मेदारी संभालते हुए भी क्रांतिकारियों के एक जत्थे के साथ ट्रेन डकैती करने पहुंच गए. ऐसे में अंग्रेज सरकार मौका देखकर संघ के सभी नेताओं को गिरफ्तार कर सकती थी या फिर संघ पर प्रतिबंध लगा सकती थी. वो उनसे नाराज तब भी नहीं हुए जब वो लंदन जाकर कम्युनिस्टों के सहयोगी बन गए थे.
 
डॉ हेडगेवार बड़े ही दूरदर्शी व्यक्तित्व थे, अपने रहते हुए ही ना केवल गुरु गोलवलकर जैसा प्रखर व्यक्तित्व का स्वामी अपने उत्तराधिकारी के तौर पर ढूंढ लिया था, बल्कि साथ में बाला साहब देवरस को भी अगली पीढ़ी के नेतृत्व के तौर पर ढालना शुरू कर दिया था. उसकी वजह भी थी, जिस बाल शाखा को उन्होंने सबसे पहले आरएसएस से जोड़ा था, उन बच्चों के अगुवा थे 11-12 साल के बाला साहब देवरस. जब कलकत्ता में संघ का काम शुरू करने के लिए भेजा तो उनके साथ बाला साहब देवरस को भी भेजा. मानो उन्हें हनुमान की तरह देख रहे हों. लेकिन डॉ हेडगेवार के बाद वाकई में देवरस ने हनुमान की तरह ही काम किया, चाहे वो उनके जेल जाने के वक्त संविधान तैयार करना हो, पूरे देश में स्वयंसेवकों का उत्साह बनाए रखना हो, सरकार पर दबाव बनाना हो, या उनकी गिरफ्तारी से पहले उनके घर आए हमलावरों के सामने डट कर खड़े रहना हो.
 
‘बाला साहब देवरस को देखोगे तो डॉ हेडगेवार दिखेंगे’

बाला साहब देवरस शुरु से ही संगठन की बारीकियों को समझ रहे थे. गुरु गोलवलकर शुरूआत में बाहरी समझे जाते थे, वो संघ की स्थापना के समय से नहीं जुड़े थे. ऐसे में गुरु गोलवलकर ने तय किया कि जैसे देवरस को पहले कलकत्ता भेजा गया था, अब प्रचारक के तौर पर कही नहीं भेजा जाएगा, बल्कि वो नागपुर में रहकर ही सारा कार्य संभालेंगे. आप उनकी महत्ता 1943 के पुणे अधिवेशन में दिए गए गुरु गोलवलकर के बयान से ही समझ सकते हैं, वर्ग में आए स्वयंसेवकों को बाला साहब से परिचय करवाते वक्त गुरु गोलवलकर ने कहा था कि, “आपमें से अनेक स्वयंसेवकों ने डॉ हेडगेवारजी को नहीं देखा होगा, श्री बाला साहब देवरस को देखो, तो आपको डॉ हेडगेवारजी दिखेंगे”.

सम्बंधित ख़बरें

RSS के सौ साल से जुड़ी इस विशेष सीरीज की हर कहानी 

यानी गोलवलकर मानते थे कि बाला साहब उतनी ही गंभीरता से संघ के काम में जुटे रहते हैं, जैसे डॉ हेडगेवार. ये बहुत बड़ा बयान था, इससे साफ लगता है कि कहीं ना कहीं गुरु गोलवलकर को अहसास था कि हेडगेवारजी ने उनके उत्तराधिकारी के तौर पर ही बाला साहब देवरस को तैयार किया था. 1930 में जब देवरस ने संघ शिक्षा वर्ग का तीसरा साल भी पूरा कर लिया तो उनको नई जिम्मेदारी मिली, मोहित ए वाड़ा की शाखा के अलावा नागपुर की इतवारी शाखा शुरू करवाई.
 
सामाजिक समरसता के ध्वज वाहक थे देवरस

इस शाखा के जरिए बाला साहब देवरस ने समाज की एक और समस्या को दूर करने के लिए एक बड़ा प्रयोग किया. चूंकि ये शाखा पुराने नागपुर में उनके घर के पास थी, जहां ज्यादातर मकान दलितों, पिछड़ों के थे. उसमें उन्होंने दलितों, पिछड़ों के बच्चो को जोड़ लिया. धीरे धीरे बाला साहब ने सभी परिवारों को जोड़ लिया. यूं संघ कभी जाति आधारित भेदभाव के शुरूआत से ही विरोध में था, लेकिन इस दिशा में जो काम बाला साहब देवरस ने किया, वो उदाहरण बन गया. बाद में सरसंघचालक बनने के बाद 8 मई 1974 को वसंत व्याख्यान माला के दौरान उन्होंने एक वाक्य को अपना मर्म वाक्य बनाया था, वो वाक्य था, “हमें स्वीकार करना चाहिए कि अस्पृश्यता एक भयंकर भूल है और उसका पूर्णतया उन्मूलन आवश्यक है”. जब भी संघ के सामाजिक समरसता और दलित पिछड़ों के लिए कार्यक्रमों की चर्चा होती है, बाला साहब देवरस के इस बयन की चर्चा जरुरू होती है.

बाला साहब देवरस के एक लेख पर विवाद हुआ था. (Photo: AI generated)

बालासाहब की तारीफ में कभी इतिहासकार देवेन्द्र स्वरूप ने लिखा था कि, “बाला साहब को डॉ हेडगेवार ने मनोयोग से ना गढ़ा होता, तो वो या तो क्रांतिकारी होते या आईसीएस”.  तो संघ के बड़े चेहरे औऱ मजदूर संघ जैसे संघटन को खड़ा करने वाले दत्तोपंत ठेंगड़ी ने अपने संस्मरण में लिखा है कि, “विनोवा भावे विनोद में कहा करते थे कि सभी देवताओं का जो रस निकालकर तैयार हुआ है, वह देवरस”. इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि कितने भले व्यक्ति रहे होंगे बाला साहब देवरस. हालांकि ‘देवरस’ नाम ‘देवराजू’ का अपभ्रंश था, आंध्र से नागपुर आकर बसे उनके परिवार का उपनाम ‘देवराजू’ था.

वैसा ही भाव गुरु गोलवलकर भी बाला साहब देवरस के लिए रखा करते थे, दिसंबर 1946 में नागपुर के पास बरदवारी में विदर्भ के 1300 स्वयंसेवकों के वर्ग के समापन सत्र में गुरु गोलवलकर को सम्बोधन देना था. लेकिन अचानक उन्होंने जो कहा, उससे लोग चौंक गए, उन्होंने कहा कि “बाला साहब, जिनकी वजह से लोग मुझे सरसंघचालक के रूप में मुझे सम्मान देते हैं, तथा जिनके अथक प्रयत्नों तथा मार्गदर्शन के फलस्वरूप यह शिविर इतने सफल रूप में सम्पन्न हो सका है, अब समापन भाषण प्रस्तुत करेंगे”,

जब गुरु गोलवलकर गांधीजी हत्या के आरोप में लम्बे समय तक जेल में थे, तब सारी जिम्मेदारी एक तरह से बाला साहब के कंधों पर ही थी. लेकिन दोनों का सामंजस्य ऐसा था कि बाला साहब भैयाजी दाणी के साथ मिलकर जो भी फैसला बाहर कर लेते, गुरु गोलवलकर उस पर अपनी सहज स्वीकृति दे देते. सरदार पटेल की ओर से द्रवारका प्रसाद मिश्र बाला साहब से मिले और नेहरू के नाम गुरु गोलवलकर से एक पत्र लिखवाने को कहा, बिना गुरु गोलवलकर से चर्चा किए बाला साहब ने मना कर दिया था. गुरु गोलवलकर ने भी ऐतराज नहीं किया. जब संघ का संविधान बनाने की बात थी, गुरु गोलवलकर ने बाला साहब आदि के बनाए संविधान को बिना देखे मंजूरी दे दी थी. साफ था कि अगर किसी बात में मतभेद भी है तो उस पर विवाद नहीं खड़ा किया जाएगा. क्योंकि हर किसी को व्यक्तिगत इच्छाओं, अहम से ऊपर उठकर काम करना सिखाया गया था.
 
बाला साहब देवरस का लेख बना विवाद की वजह

बावजूद इतने अच्छे समन्वय के एक ऐसी घटना हो गई, जो काफी बड़ी बन गई. हुआ यूं कि गुरु गोलवलकर के जेल से बाहर आने और संघ से प्रतिबंध हटने के बाद पूरे देश में स्वयंसेवको के बीच उल्लास का माहौल था. जबकि बाहर रहकर इस दौरान घटी घटनाओं को देखकर बाला साहब को लगने लगा था कि अब संघ को अगला कदम उठाना ही होगा, ऐसे कैसे कोई भी सरकार बिना सुबूत के प्रतिबंध लगा सकती है, ऐसे तो आगे भी लगा सकती है. बाला साहब ने ‘युगधर्म’  पत्रिका में एक लेख लिखा, ‘संघ का अगला कदम’. इसे लेख में मौटे तौर पर ये लिखा था कि संघ अब समाज के हर क्षेत्र में काम करेगा’. युगधर्म पत्रिका के सम्पादक गंगाधर इंदूरकर ने अपनी किताब राष्टीय स्वयंसेवक संघ: वर्तमान और अतीत’ में लिखा है कि,  जब ये लेख गुरु गोलवलकर ने देखा तो केवल शीर्षक पढकर उन्होंने कहा कि, “वाह भाई ये भी खूब है. संघ का अगला कदम निश्चित हो गया और मुझे उसका पता भी नहीं है’’.

संघ में बड़े मुद्दों पर निर्णय लेने से पहले बैठकें तो होती ही थीं, 1945 में ‘खुला मंच’ जैसा एक नया प्रयोग भी हुआ था. दत्तोपंत ठेंगड़ी ने अपने संस्मरण में  लिखा है कि, “नागपुर के राजबागशा मारुति मंदिर के प्रांगण में दिन भर के खुला मंच कार्यक्रम में सबको पद, मर्यादा, की चिंता किए बिना अपने अपने विचार रखने को कहा गया. अगली बार नागपुर संघचालक घटाटे के घर भी ऐसा ही कार्यक्रम रखा गया था’.
 
जाहिर है बाला साहब देवरस का लेख बाकी प्रचारकों के बीच भी चर्चा का विषय था, सो खुलकर प्रांत प्रचारकों ने भी एक बैठक में इस पत्र पर चर्चा की. ये विषय आसानी से खत्म होने वाला नहीं था. संघ को नई दिशा लेनी थी और ऐसे में जनसंघ के रूप में नया प्रयोग तो हुआ था, लेकिन संघ प्रमुख के नाते गुरु गोलवलकर चुनाव से दूर रहना चाहते थे. सो चुनावों के दौरान वो कुछ प्रचारकों के साथ सिंहगढ़ किले में लोकमान्य तिलक के बंगले पर चले गए थे. जबकि बाला साहब देवरस नागपुर में ही रुककर राष्ट्रवादी दलों को सहायता पहुंचाने के उपायों में लगे रहे.

चुनावों तक बाला साहब के लेख वाला मामला टल गया था. चुनावों के बाद गाडरवाड़ा में संघ की समीक्षा बैठक हुई. वहां बाला साहब देवरस ने अपने लेख के विषय को विस्तार से, अच्छे तर्कों के साथ सबके समक्ष रखा कि संघ को समाज के सभी क्षेत्रों में प्रवेश करना चाहिए. ऐसे में किसी को ये उम्मीद नहीं थी कि वो गुरु गोलवलकर के कहने पर ‘संघ कार्य की प्राथमिकता’ विषय पर भी बोलेंगे. लेकिन संघ का अनुशासन ही तो उसे बाकी संभी संगठनों से कहीं ऊपर रख देता है. उस विषय पर भी वो करीब ढाई घंटे बोले, ये एक तरह से उनके अपने नए विचारों का विरोध था, लेकिन उन्होंने इस सम्बोधन में अपने विचारों का समावेश नहीं किया और बोलते रहे.

लेकिन उस बैठक के बाद वो संघ से निष्क्रिय हो गए, वो चाहते तो बाला साहब हुद्दार की तरह किसी और विचारधारा या संगठन से जुड़ जाते, चाहते तो संघ से काटकर एक नया संगठन खड़ा कर देते. लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया, बल्कि उस दौर में भी वो संघ की बेहतरी के लिए कुछ ऐसा करते रहे, जो बाद में संघ के काम आया. ‘नरकेसरी’ के जरिए उन्होंने पत्रकारिता में एक नया प्रयोग किया, प्रचार से दूर रहने वाले संघ को एक नया रास्था दिखाया. हालांकि इससे पहले भी वो ‘तरुण भारत’ के अधिग्रहण में प्रमुख भूमिका निभा चुके थे. साथ में वो खेती बाड़ी में भी नए नए प्रयोग करते रहे. संघ के कार्यकर्ता उनके पास बीच बीच में आते रहे तो वो उन्हें समझाते थे कि “दो संघ नहीं बनेंगे”. गुरु गोलवलकर भी बातचीत में कहते थे कि संघ के सूत्रधार तो बाला साहब ही हैं”.,
 
7 साल बाद गुरु गोलवलकर के पत्र से हुई वापसी

इस तरह कुल 7 साल तक वो संघ से दूर रहे. 1960 में वापस आए. म. ना. काले के हाथों गुरु गोलवलकर ने उन्हें एक संदेश भिजवाया, जिसमें उनसे वापस आने का आग्रह किया था. ये विवरण राम बहादुर राय और संजीव गुप्ता द्वारा सम्पादित प्रभात प्रकाशन की पुस्तक ‘हमारे बालासाहब देवरस’ से मिलता है. इस पुस्तक के मुताबिक, “गुरु गोलवलकर के संदेश में तर्क दिया गया था कि बाला साहब देवरस जैसे कार्यकर्ता अगर संघ से दूर हो जाएंगे तो स्वयंसेवक क्या सोचेंगे. इसलिए एक आदर्श परम्परा स्थापित करने के लिए उन्हें वापस आना चाहिए. बाला साहब देवरस ने भी सकारात्मक उत्तर दिया था कि दो-तीन महीने बाद वापस आता हूं.

वापसी पर उन्हें नागपुर का कार्यवाह बनाया. इसी दौरान डॉ हेडगेवार का समाधि स्थल बनाया गया था. उसका निर्माण कार्य पूरा होने के बाद उन्हें सह सरकार्यवाह बनाया गया. भैयाजी दाणी के निधन के बाद उनको सरकार्यवाह की जिम्मेदारी दे दी गई. ये पद एक तरह से दूसरे नंबर का दिखता है, लेकिन सारी कार्यकारी शक्तियां इन्हीं के अधीन होती हैं. संघ में सरसंघचालक को तो मार्गदर्शक माना जाता है.

इस उदाहरण से समझा जा सकता है कि कैसे मतभेद होते हुए भी दोनों ने एक दूसरे को लेकर मन में कुछ भी गांठ नहीं बांधी, जितना गुरु गोलवलकर ने उनकी कमी महसूस की, उतना ही कमी संघ से दूर रहकर बाला साहब देवरस भी महसूस कर रहे थे. वैसे भी दोनों ये मान चुके थे कि विचार भले ही अलग अलग हों, लक्ष्य तो एक ही है. आने के बाद देवरस ने पहला ‘अगला कदम’ भी जल्दी उठाया. जिस तरह आज केन्दीय विश्वविद्यालयों और आईआईटी जैसे संस्थानों से सरकार अपील करती है कि अपने आस पांस के गांवों को गोद लेकर उनकी जिंदगी बेहतर बनाएं, यही काम दशकों पहले बाला साहब देवरस ने शुरू कर दिया था. सभी शाखाओं को निर्देश भेजे कि हर शाखा अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन करे. आज संघ के 2 लाख से अधिक सेवा प्रोजेक्ट चल रहे हैं, सेवा भारती जैसा विशाल संगठन भी खड़ा हो चुका है और बाला साहब की दूरदर्शी सोच के चलते आज संघ लगभग हर क्षेत्र में अपनी जड़ें भी जमा चुका है.

पिछली कहानी: जब नेहरू के समर्थन में गुरु गोलवलकर ने घर-घर भिजवाई थी अपनी चिट्ठी

—- समाप्त —-



Source link

Tags: DattatrayaDeorasLifeMadhukarntcpplprofileRSSSanghsarsanghchalakStoryyearsकछटटजबतसरथनलससघसरसघचलकसल
Share198Tweet124Send

Related Posts

Aaj Ka Shabd Pash Mahadevi Verma Poem Rupasi Tera Ghan Kesh – Amar Ujala Kavya – आज का शब्द:पाश और महादेवी वर्मा की कविता
Hindi News

Aaj Ka Shabd Pash Mahadevi Verma Poem Rupasi Tera Ghan Kesh – Amar Ujala Kavya – आज का शब्द:पाश और महादेवी वर्मा की कविता

January 27, 2026
IMD Weather Update Today snowfall Uttarakhand himachal jammu kashmir cold Wave Alert Rajasthan UP MP rain
Hindi News

IMD Weather Update Today snowfall Uttarakhand himachal jammu kashmir cold Wave Alert Rajasthan UP MP rain

January 26, 2026
Aaj Ka Meen Rashifal 27 January 2026: अपने खर्चों को कंट्रोल करें, मन में नेगेटिव विचारों को बढ़ाने ना दें
Hindi News

Aaj Ka Meen Rashifal 27 January 2026: अपने खर्चों को कंट्रोल करें, मन में नेगेटिव विचारों को बढ़ाने ना दें

January 26, 2026
गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के माता-पिता श्री मुक्तसर साहिब से गिरफ्तार, 2024 के मामले में हुई कार्रवाई
Hindi News

गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के माता-पिता श्री मुक्तसर साहिब से गिरफ्तार, 2024 के मामले में हुई कार्रवाई

January 26, 2026
Load More
  • Trending
  • Comments
  • Latest
9 Festivals to Celebratein August in India

9 Festivals to Celebratein August in India

August 8, 2025
Corruption cases against govt officials: SC bats for striking balance | Latest News India

Corruption cases against govt officials: SC bats for striking balance | Latest News India

August 5, 2025
Guru Randhawa – SIRRA ( Official Video )

Guru Randhawa – SIRRA ( Official Video )

July 1, 2025
Baharon Phool Barsao – Suraj – Rajendra Kumar, Vyjayanthimala – Old Hindi Songs

Baharon Phool Barsao – Suraj – Rajendra Kumar, Vyjayanthimala – Old Hindi Songs

0
Phool Maangu Na Bahaar Maangu – Video Song | Raja | Madhuri Dixit & Sanjay Kapoor

Phool Maangu Na Bahaar Maangu – Video Song | Raja | Madhuri Dixit & Sanjay Kapoor

0
Dil Ka Rishta Song – Aishwarya Rai,Arjun Rampal, Alka Yagnik,Udit Narayan,Kumar Sanu, Nadeem-Shravan

Dil Ka Rishta Song – Aishwarya Rai,Arjun Rampal, Alka Yagnik,Udit Narayan,Kumar Sanu, Nadeem-Shravan

0
SETL Expands Into AI Datacenter Engineering With Strategic GScale Energy Acquisition

SETL Expands Into AI Datacenter Engineering With Strategic GScale Energy Acquisition

June 25, 2026
Venezuela earthquake LIVE: At least 32 dead, more than 700 injured in quakes, says Interim President Rodríguez

Venezuela earthquake LIVE: At least 32 dead, more than 700 injured in quakes, says Interim President Rodríguez

June 25, 2026
Key Insights and Future Steps, ETHealthworld

Key Insights and Future Steps, ETHealthworld

June 25, 2026
India News Online

24x7 Online News From India
India News Online is your news, entertainment, music fashion website. We provide you with the latest breaking news and videos straight from the entertainment industry.

Categories

  • Business
  • Entertainment
  • Health
  • Hindi News
  • Hindi Songs
  • India
  • International
  • Lifestyle
  • Panjab
  • Politics
  • Punjabi Songs
  • Sports
  • Technology
  • Travel
  • Uncategorized
No Result
View All Result

Recent Posts

  • SETL Expands Into AI Datacenter Engineering With Strategic GScale Energy Acquisition
  • Venezuela earthquake LIVE: At least 32 dead, more than 700 injured in quakes, says Interim President Rodríguez
  • Key Insights and Future Steps, ETHealthworld
  • Home
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Privacy Policy
  • Cookie Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Contact

Copyright © 2021 - India News Online.

No Result
View All Result
  • Home
  • News
    • India
    • Punjab
    • International
    • Entertainment
  • Hindi News
  • Politics
  • Health
  • Business
  • Sports
  • Technology
  • Lifestyle
  • Video
  • Travel
  • Game

Copyright © 2021 - India News Online.