पटियाला पुलिस की कथित वायरल आडियो रिकार्डिंग के मामले में एसएसपी वरुण शर्मा को अचानक छुट्टी पर भेज दिया गया है। उनकी जगह पर संगरूर के एसएसपी सरताज सिंह चहल पटियाला के एसएसपी का अतिरिक्त कार्यभार देखेंगे।
दरअसल बीते वीरवार को शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने कान्फ्रेंस काल पर हुई एक बैठक की आडियो रिकार्डिंग जारी करके आरोप लगाया था कि यह बैठक पटियाला जिले के पुलिस अधिकारियों के बीच हो रही है। इसमें एसएसपी अपने अफसरों से बात कर रहे हैं। इसमें सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लेते हुए विरोधी दलों के उम्मीदवारों खास तौर से अकाली दल के प्रत्याशियों से नामांकन दाखिल करने के समय धक्केशाही करने की योजना बनाई जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की ओर से कहा जा रहा है कि विरोधी उम्मीदवारों को उनके घर व गांव से लेकर नामांमन केंद्र के बाहर ही रोका जाए। जारी किए जाने के कुछ घंटों के अंदर यह आडियो रिकार्डिंग वायरल हो गई थी। हालांकि पटियाला पुलिस ने सुखबीर बादल के दावे को सिरे से खारिज करते इस आडियो रिकार्डिंग को झूठा बताया था। इसे एआई के जरिये बनाए जाने की बात कही थी।
वायरल आडियो रिकार्डिंग में क्या बातचीत
पुलिस अधिकारी-जहां कहीं भी अकाली मिलें, उनके नामांकन पत्र फाड़ दें। वहीं दूसरा अधिकारी कहता है कि आज पुलिस आर्ब्जवर आए थे, उसके बाद हम डिवीजनल कमिश्नर के पास गए। डीआईजी, डीसी भी थे और मैं भी वहीं था व दो एसपी भी मेरे साथ थे। प्रशासन बल प्रयोग पर रोक नहीं लगाता। वे स्पष्ट हैं कि स्थानीय निकायों में ऐसा होना ही चाहिए, लेकिन उनकी नीति यह है कि जिसे निशाना बनाना है, रोकना है, उसे बाहर से ही रोक लिया जाए। उसके गांव, घर या रास्ते में ही रोक लिया जाए। नामांकन दाखिल केंद्र पर पहुंचकर कागज न फाड़े जाएं। वह अधिकारी आगे कहता है कि कल हमारे लिए सबसे जरूरी दिन है, क्योंकि सुखबीर बादल घनौर हलके में आ सकते हैं।
तीसरा अधिकारी कहता है कि हम राजनीतिक नेतृत्व से निर्देश ले रहे हैं। इसके बाद दूसरा अधिकारी फिर से बोलता है कि नीति यह है कि जिसे भी नामांकन पत्र दाखिल करने से रोकना है, उसे गांव में, घर पर या रास्ते में रोको। जैसे पहले के चुनावों में सेंटरों के अंदर कागज फाड़े थे, वह नहीं होना चाहिए। सब कुछ बाहर से ही होना चाहिए। चौथा अधिकारी कहता है कि हम एमएलए व उनकी टीम के लगातार संपर्क में हैं। सब कुछ उसी तरह से प्लान किया गया है। पांचवां अफसर कहता है कि एमएलए के लोगों को सुबह 9 बजे का समय देंगे और पहले उनसे पर्चा दाखिल कराएंगे। दूसरा अफसर दोबारा बोलता है कि निजी तौर पर या खुद हमें जो भी पाबंदियां लगानी हैं, वह बाहर से लगानी होंगी। एमएलए को भी बताएं। जिस पर भी पाबंदी लगानी है, उसे गांव या घर में ही लगाने को कहें। जो भी धक्का-मुक्की करनी है, गांव, घर या रास्ते में करो। अगर कागज छीनने हैं, तो पांच किलोमीटर पहले छीने जाएं। अगर कोई अंदर घुसने की हिम्मत करता है, तो आरओ उसका नामांकन रद करें।




























