बीजेपी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस पर एक कथित वीडियो को लेकर हमला बोला जिसमें राज्य के एक मंत्री वन विभाग की महिला अधिकारी को गाली और धमकी दे रहे हैं. भाजपा के हैंडल पर शेयर किए गए वीडियो में बंगाल के मंत्री अखिल गिरि अतिक्रमण हटाने को लेकर अधिकारी को धमकाते और गाली देते नजर आ रहे हैं. बीजेपी ने इसको लेकर राज्यपाल को भी पत्र भेजकर कार्रवाई करने की मांग की है.
जिला वन अधिकारी मनीषा शॉ और उनकी टीम के सदस्य पूर्व मेदिनीपुर जिले के ताजपुर समुद्र तट के पास विभाग की जमीन से अतिक्रमण हटा रहे थे. अभियान के दौरान, मंत्री मौके पर पहुंचे और महिला अधिकारी से बहस करने लगे. इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है. जिसे लेकर बीजेपी ने मंत्री की हरकतों पर सवाल उठाए हैं.
बीजेपी द्वारा व्यापक रूप से शेयर किए गए वीडियो में तृणमूल के वरिष्ठ नेता को अधिकारी को धमकाते हुए और उसे मामले से दूर रहने के लिए कहते हुए सुना जा सकता है. वीडियो में टीएमसी नेता एक महिला अधिकारी पर चिल्लाते हुए कह रहे हैं, “तुम एक सरकारी कर्मचारी हो. बोलते समय अपना सिर (मेरे सामने) झुकाओ. देखना एक हफ्ते के भीतर तुम्हारे साथ क्या होता है. अगर तुम फिर से इस मुद्दे में हस्तक्षेप करते हो, तो मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि तुम वापस नहीं आ पाओगी. ये गुंडे यह सुनिश्चित करेंगे कि तुम रात में घर नहीं जा पाओ.”
सुधार प्रशासन (जेल) मंत्री ने बंगाली में कहा, “अपने तरीके सुधारो, नहीं तो मैं तुम्हे डंडे से पीटूंगा.”
इस घटना की भाजपा ने तीखी आलोचना की है. भगवा पार्टी ने मंत्री के तर्क का वीडियो शेयर करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मामले पर कार्रवाई करने का आह्वान किया.
बीजेपी ने सोशल मीडिया पर टीएमसी को घेरा
राज्य भाजपा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा, “क्या ममता बनर्जी इस मंत्री को बाहर निकालकर सलाखों के पीछे डालने की हिम्मत करेंगी? क्या उनके खिलाफ सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने और एक महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोप दर्ज किए जाएंगे?” पार्टी ने आगे कहा, “देखते हैं कि इस गुंडे को अप्रत्यक्ष रूप से जान से मारने और एक महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने की धमकी देने के लिए जेल भेजा जाता है या नहीं.”
हम इसका विरोध करते हैं: कुणाल घोष
वहीं तृणमूल कांग्रेस के नेता कुणाल घोष ने कहा कि मुख्यमंत्री और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी मामले से अवगत हैं और इस पर नजर रख रहे हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई ने घोष के हवाले से कहा, “हम गिरी के शब्दों और व्यवहार का विरोध करते हैं. यह अवांछनीय है. अगर उन्हें वन विभाग के बारे में कुछ कहना था, तो वे बीरबाहा हंसदा से बात कर सकते थे. इसके बजाय, महिला अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है.”
उन्होंने कहा कि तृणमूल इस तरह के व्यवहार का समर्थन नहीं करती है और कहा, “पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी और महासचिव अभिषेक बनर्जी मामले पर कड़ी नजर रख रहे हैं.” हालांकि, मंत्री गिरी ने आरोप लगाया कि वन विभाग केवल उन गरीब लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, जिन्होंने छोटी-छोटी दुकानें खोल रखी हैं, जबकि वन भूमि पर कई निर्माण कार्य हुए हैं. उन्होंने कहा, “वन विभाग इन गरीब लोगों को परेशान कर रहा है.” वहीं घटना के बाद अधिकारी ने कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है.
बीजेपी ने राज्यपाल को लिखा पत्र
भाजपा ने बंगाल के राज्यपाल को पत्र लिखकर अखिल गिरि को उनके बयानों के लिए पद से हटाने की मांग की है. राज्यपाल सीवी आनंद बोस को लिखे पत्र में भाजपा नेता कौस्तव बागची ने पश्चिम बंगाल राज्य के मंत्रिपरिषद से सुधार प्रशासन (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री अखिल गिरि को निष्कासित करने की मांग की है. बागची ने इस पत्र में कहा, “इससे पहले गिरि ने ही भारत की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर महिला विरोधी और अपमानजनक टिप्पणी की थी और इस टिप्पणी ने दुनिया भर में विवाद खड़ा कर दिया था, जिसके लिए उन्हें अंततः माफ़ी मांगनी पड़ी थी. लेकिन ऐसा लगता है कि उन्होंने इससे कोई सबक नहीं सीखा है.”



























