हैदराबाद25 मिनट पहले
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तेलंगाना के मंचेरियाल में पोनक्कल के प्राइमरी स्कूल टीचर का ट्रांसफर हुआ, लेकिन यह बात उनके स्टूडेंट्स को बर्दाश्त नहीं हुई। इसलिए 133 स्टूडेंट्स ने वह स्कूल ही छोड़ दिया और सभी ने अक्कापेल्ली गुडा के उसी स्कूल में एडमिशन ले लिया है, जहां उनके टीचर का ट्रांसफर किया गया था।
बच्चों के चहेते ये टीचर जाजला श्रीनिवास हैं। वे 2012 से पोनक्कल प्राइमरी स्कूल में पढ़ा रहे थे। 1 जुलाई को ही श्रीनिवास का ट्रांसफर हुआ है।
अक्कापेली स्कूल में 30 जून को महज 21 छात्र थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 154 हो गई है। हालांकि, श्रीनिवास यहां अकेले टीचर हैं।

53 साल के श्रीनिवास पढ़ाई के लिए कल्चरल एक्टिविटीज पर ज्यादा फोकस रखते हैं।
12 साल पहले पोनक्कल आए थे श्रीनिवास
जाजला श्रीनिवास जुलाई 2012 में जन्नाराम मंडल के इस स्कूल आए थे। तब यहां केवल 5 कक्षाएं, 2 टीचर और केवल 32 स्टूडेंट्स थे। श्रीनिवास के खेल-खेल में पढ़ाने के पैटर्न के चलते गांव के लोगों ने अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाने का फैसला किया। 133 बच्चों के स्कूल छोड़ने से पहले यहां 250 बच्चे थे।
टीजीपल्ली, गोडगुडा, कामनपल्ली, किश्तपुर, इंदनपल्ली, गांधीनगर, जुविगुडा और जन्नाराम गांवों से छात्र ऑटो में स्कूल में पढ़ने जा रहे हैं। यह स्कूल उनके पिछले स्कूल से 3 किमी दूर है।
जून में लग जाता था नो एडमिशन का बोर्ड
जाजला ने इस स्कूल में बच्चों पर बहुत मेहनत की। उन्होंने अपने बाकी टीचर्स के साथ मिलकर बेस्ट रिजल्ट दिए। पिछले पांच साल से स्कूल के बाहर जून के आखिर में ही ‘नो एडमिशन’ का बोर्ड लग जाता था। मंडल के करीब 10 गांवों से बच्चे यहां पढ़ने के लिए आते थे। इस स्कूल से गुरुकुल एवं नवोदय परीक्षाओं में सबसे ज्यादा स्टूडेंट्स सिलेक्ट होते रहे हैं।
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