10 मिनट पहले
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हज के दौरान पूरे रास्ते पर जगह-जगह सड़क किनारे लोग बेहोश पड़े थे।
सऊदी अरब में हज यात्रा के दौरान अब तक 1,301 हज यात्रियों की मौत हो गई है। इनमें सबसे ज्यादा मिस्र के 658 हैं। इसके बाद इंडोनेशिया के 199 और भारत के 98 हैं। वहीं जॉर्डन से 75, ट्यूनीशिया से 49 पाकिस्तान से 35 और ईरान से 11 हज यात्रियों की मौत की खबर है।
सऊदी अरब ने भी अब ये आंकड़ा जारी है। मिस्र के मारे गए 658 हज यात्रियों में से 630 बिना वीजा के हज के लिए गए थे। इस समस्या से निपटने के लिए मिस्र ने क्राइसिस सेंटर का गठन किया है।
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, हज यात्रा के दौरान मारे गए यात्रियों के शव सड़कों पर पड़े हुए थे। इन्हीं के बीच से बाकी यात्री हज करने जा रहे थे। इस साल बड़ी संख्या में हज यात्रियों के मरने के पीछे की बड़ी वजह भीषण गर्मी का होना है।

पैरामेडिकल टीम ने कई बीमार हज यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया।
टूर ऑपरेटरों ने गलत पैकेज का वादा किया, मौके पर सुविधा नहीं
हज पर जाने के लिए हज यात्री टूर ऑपरेटर का भी सहारा लेते हैं। इसके लिए ऑपरेटर पैकेज लेकर उचित सुविधा जैसे रहने, खाने और ट्रांसपोर्ट जैसी तमाम जरूरी चीजें मुहैया कराने का वादा करते हैं।
हालांकि मिस्र के सांसद महमूद कासिम ने टूर ऑपरेटरों पर हज यात्रियों के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कई हज यात्रियों को टूर ऑपरेटरों ने उचित सुविधाएं नहीं दी, जिससे उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और इससे उनकी मौत हो गई।
मिस्र में 16 कंपनियों के लाइसेंस रद्द तो ट्यूनीशिया में मंत्री बर्खास्त
मिस्र ने हज यात्रियों से धोखाधड़ी करने वाली टूर ऑपरेटर कंपनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पीएम मुस्तफा ने 16 कंपनियों के लाइसेंस रद्द करने का आदेश दिया है। इसके अलावा इन कंपनियों पर मुकदमा चलाने और जुर्माना लगाने का भी आदेश दिया है।
जुर्माने से जब्त राशि को हज यात्रा के दौरान हादसे का शिकार हुए लोगों में बांटने काे कहा गया है। दूसरी तरफ, बड़ी संख्या में मौतों के कारण ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति ने धार्मिक मामलों के मंत्री को बर्खास्त कर दिया।

हज यात्रा के दौरान कई लोग गर्मी की वजह से बेहोश हो गए।
बिना रजिस्ट्रेशन के हज पर आने से समस्या ज्यादा बढ़ गई
हज यात्रा के लिए विशेष हज वीजा की जरूरत होती है। हालांकि कुछ लोग इसके बजाय टूरिस्ट वीजा लेकर सऊदी आते हैं और हज पर चले जाते हैं। सऊदी अधिकारी के मुताबिक बिना रजिस्ट्रेशन के हज पर आने से इस बार भीड़ बढ़ गई।
दूसरी तरफ, बिना वीजा हज के लिए आने वाले लोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने पर भी प्रशासन से बचने की कोशिश करते हैं। इन कारणों से भी इस साल मौत की संख्या में इजाफा हुआ है। दरअसल, हज यात्रियों की पहचान के लिए नुसुक कार्ड जारी होता है। हालांकि, इनकी संख्या ज्यादा होने के कारण बिना हज वीजा के आए लोगों की पहचान करना मुश्किल होता है, जिस कारण टूरिस्ट भी हज करने में सफल हो जाते हैं।

हज क्या है…
इस्लाम धर्म में 5 फर्ज में से एक फर्ज हज है। मान्यताओं के मुताबिक, हर मुस्लिम व्यक्ति को जीवन में कम से कम एक बार इस फर्ज को पूरा करना होता है। BBC न्यूज के मुताबिक साल 628 में पैगंबर मोहम्मद ने अपने 1400 शिष्यों के साथ एक यात्रा शुरू की थी। ये इस्लाम की पहली तीर्थयात्रा बनी और इसी यात्रा में पैगंबर इब्राहिम की धार्मिक परंपरा को फिर से स्थापित किया गया। इसी को हज कहा जाता है।
हर साल दुनियाभर के मुस्लिम सऊदी अरब के मक्का में हज के लिए पहुंचते हैं। हज में पांच दिन लगते हैं और ये ईद उल अजहा यानी बकरीद के साथ पूरी होती है। सऊदी अरब हर देश के हिसाब से हज का कोटा तैयार करता है।
इनमें इंडोनेशिया का कोटा सबसे ज्यादा है। इसके बाद पाकिस्तान, भारत, बांग्लादेश, नाइजीरिया का नंबर आता है। इसके अलावा ईरान, तुर्किये, मिस्र, इथियोपिया समेत कई देशों से हज यात्री आते हैं। हज यात्री पहले सऊदी अरब के जेद्दाह शहर पहुंचते हैं। वहां से वो बस के जरिए मक्का शहर जाते हैं।



























