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नई दिल्ली5 मिनट पहले
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कर्तव्य पथ पर परेड सुबह 10:30 बजे से शुरू होगी और लगभग 90 मिनट तक चलेगी।
देशभर में आज 75वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दूसरी बार राजपथ पर तिरंगा फहराएंगी। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन चीफ गेस्ट हैं। 13 हजार स्पेशल गेस्ट भी आएंगे।इस बार गणतंत्र दिवस की थीम ‘विकसित भारत’ और भारत-लोकतंत्र की मातृका (जननी) है।
परेड सुबह 10:30 बजे से शुरू होगी और लगभग 90 मिनट तक चलेगी। परेड का आगाज 100 महिला म्यूजिशियन शंख, नगाड़े और दूसरे पारंपरिक वाद्य-यंत्रों के साथ करने वाली है। 1500 महिलाएं अपने पारंपरिक पहनावे में परेड में लोक नृत्य करेंगी। रक्षा मंत्रालय समारोह के दौरान एक स्मारक सिक्का और स्मारक टिकट जारी करेगा।
पहली बार तीनों सेनाओं, पारा-मिलिट्री ग्रुप्स और पुलिस की टुकड़ियां को इस बार महिलाएं लीड करेंगी। तीनों सेनाओं के कंटिजेंट का नेतृत्व भारतीय सेना की कैप्टन शरण्या राव करेंगी। केंद्रीय सशस्त्र बलों की टुकड़ियों में महिलाकर्मी भी हिस्सा लेंगी। BSF, CRPF और SSB की महिलाकर्मी 350CC रॉयल एनफील्ड बुलेट्स पर सवार होकर डेयरडेविल स्टंट दिखाएंगीं।
फ्लाईपास्ट में एयरफोर्स के 51 एयरक्राफ्ट हिस्सा लेंगे। इनमें 29 फाइटर प्लेन, 7 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, 9 हेलिकॉप्टर और एक हेरिटेज एयरक्राफ्ट शामिल होगा। फ्लाईपास्ट में पहली बार फ्रांसीसी सेना के राफेल भी शामिल हो रहे हैं।
इस बार थीम, परेड और झांकी हर जगह महिलाएं…
‘अनंत सूत्र’ के तहत 18 राज्यों से लाई गईं 1900 साड़ियां प्रदर्शित की जाएंगीं।
इस साल झांकियों की थीम- ‘भारत-लोकतंत्र की मातृका’ रखी गई है। इस साल 16 राज्यों के साथ 9 मंत्रालयों/विभागों की झांकियां प्रदर्शित की जाएंगीं। देश की टेक्सटाइल संस्कृति को सबके सामने लाने और बढ़ावा देने के मकसद से अनंत सूत्र नाम की साड़ियों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
इस बार कर्तव्यपथ पर ‘अनंत सूत्र’ नाम से एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। प्रदर्शन में 18 राज्यों से लाई गईं 1900 साड़ियां होंगी, जो विभिन्न भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाएंगी। कर्तव्य पथ के दोनों किनारों पर लकड़ी के फ्रेम में ऊंचाई से प्रदर्शित की जाएंगीं। इस प्रदर्शनी के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र नोडल एजेंसी है।
इन साड़ियों पर एक ‘क्यूआर कोड’ लगाया जाएगा, जिसे स्कैन करने पर, सीधे इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र की वेबसाइट पर पहुंचा जा सकता है और साड़ी के बारे में जानकारी हासिल की जा सकेगी। कश्मीर और पंजाब की कोटा पंथी कला को प्रदर्शित करने वाली 150 साल पुरानी साड़ी भी इस प्रदर्शनी का हिस्सा होगी।
झांकियों में भी महिलाओं पर फोकस
इस बार के परेड में केंद्र सरकार और राज्य सरकार की 25 झांकियां शामिल होंगी। इन झांकियों में भी महिलाओं पर फोकस किया गया है। मध्य प्रदेश की झांकी में राज्य की पहली महिला फाइटर पायलट अवनी चतुर्वेदी का स्टैच्यू है। साथ में एक फाइटर प्लेन का मॉडल है। वहीं हरियाणा की झांकी महिला सशक्तिकरण पर है। जिसमें हरियाणवी छात्राएं डिजिटल गैजेट पकड़े हुए नजर आईं।लद्दाख की झांकी में भारतीय महिला आइस हॉकी टीम को दिखाया गया। मणिपुर में महिलाओं की 500 साल पुरानी इमा कीथल मार्केट दिखाई गई है।
परेड में तीनों सेनाओं की महिला टुकड़ी, नेतृत्व भी महिला अफसर को

ट्राई-सर्विस ऑल मार्चिंग कंटिजेंट में 60 महिला अफसर शामिल होंगी।
गणतंत्र दिवस पर पहली बार ट्राई-सर्विस ऑल मार्चिंग कंटिजेंट में 60 महिला अफसर शामिल होंगी। कंटिजेंट का नेतृत्व भारतीय सेना की कैप्टन शरण्या राव करेंगी। पहली बार सीमा सुरक्षा बल (BSF), सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) का भी ऑल वुमन मार्चिंग और ब्रास बैंड गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हो रहा है। BSF, CRPF और SSB की महिलाकर्मी 350CC रॉयल एनफील्ड बुलेट्स पर सवार होकर डेयरडेविल स्टंट दिखाएंगीं।
स्क्वाड्रन लीडर रश्मि ठाकुर मार्चिंग दस्ते का नेतृत्व करेंगी
भारतीय वायुसेना के 144 सदस्यों वाले मार्चिंग दस्ते का नेतृत्व स्क्वाड्रन लीडर रश्मि ठाकुर करेंगी। स्क्वाड्रन लीडर सुमिता यादव, स्क्वाड्रन लीडर प्रतीति अहलूवालिया और फ्लाइट लेफ्टिनेंट कीर्ति रोहिल भी इस दस्ते का हिस्सा होंगी। सुमिता यादव फ्रांस के परेड में भी शामिल हो चुकी हैं।
वायुसेना के फ्लाईपास्ट में 15 महिला पायलट हिस्सा लेंगी
फ्लाईपास्ट में 29 लड़ाकू जेट समेत 51 सैन्य विमान शामिल होंगे, जिनमें से कुछ को महिला पायलट ऑपरेट करेंगी। 6 लड़ाकू पायलटों समेत पंद्रह महिला पायलट फ्लाईपास्ट में हिस्सा लेंगी। वे राफेल, सुखोई-30 और मिग-29 उड़ाएंगी। पहली बार आर्मी, एयरफोर्स और नेवी की महिला अग्निवीरों का जॉइंट दस्ता भी परेड में शामिल हो रहा है।
गणतंत्र दिवस परेड में दूसरी बार फ्रांस की सेना
इस बार गणतंत्र दिवस पर फ्रांस की 95 जवानों वाली मार्चिंग कंटीजेंट, 33 जवानों का बैंड, फ्रांसीसी वायुसेना के राफेल जेट और मल्टीरोल टैंकर ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट भी परेड में शामिल होंगे। यह पहली बार होगा, जब गणतंत्र दिवस के फ्लाईपास्ट में विदेशी सेना के विमान शामिल हो रहे हैं।

फ्लाईपास्ट में तंगैल फॉर्मेशन दिखाया जाएगा
फ्लाईपास्ट में एयरफोर्स के 51 एयरक्राफ्ट हिस्सा लेंगे। इनमें 29 फाइटर प्लेन, 7 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, 9 हेलिकॉप्टर और एक हेरिटेज एयरक्राफ्ट शामिल होगा। एयरफोर्स की तरफ से फ्लाईपास्ट में तंगैल फॉर्मेशन दिखाई जाएंगे। इसमें तीन विमान उड़ान भरेंगे। वायुसेना का हेरिटेज विमान डाकोटा आगे चलेगा। उसके पीछे एक लाइन में दो डॉर्नियर डीओ-228 विमान उड़ान भरेंगे।
तंगैल फॉर्मेशन 1971 की लड़ाई में भारतीय वायुसेना के पराक्रम का प्रतीक था। 11 दिसंबर 1971 को बांग्लादेश के तंगैल से करीब 8 किमी दूरी पर भारतीय सेना ने 700 जवानों को पैराशूट से नीचे उतारा था। पाकिस्तान में इसकी खबर लगते ही हलचल मच गई। दरअसल यह तस्वीर सेना के एक एक युद्धाभ्यास की थी।
सेना की झांकी में शामिल होंगे ये हथियार, एयरक्राफ्ट और मिसाइल…
1. सबसे ज्यादा ऊंचाई पर टेकऑफ करने वाला प्रचंड हेलिकॉप्टर
16,400 फीट की ऊंचाई तक हथियार लेकर उड़ान भरने वाला लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर है। इसे भारतीय सेना ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी HAL के साथ मिलकर तैयार किया है।

2. 44 सेकेंड में 12 रॉकेट्स दागने वाला पिनाक रॉकेट लॉन्चर
भारत में बना पिनाक मल्टी बैरल मिसाइल लॉन्चर अपनी स्पीड की वजह से बेहद खतरनाक माना जाता है। इसका नाम भगवान शिव के धनुष ‘पिनाक’ के नाम पर रखा गया है।

3. 4 किलोमीटर दूर तक अचूक निशाना लगा सकती है नाग
नाग एक मेड इंन इंडिया एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल है। जिसे हेलिना (HELINA) भी कहते हैं। इसे DRDO ने बनाया है।

4. रूस से टेक्नोलॉजी लेकर भारत में तैयार T-90 भीष्म टैंक
भारत ने रूस से 310 T-90 टैंक खरीदने का सौदा किया था। 124 टैंक भारत ने रूस से सीधे तैयार करके मंगवाए थे, जबकि बाकी को यहां तैयार किया गया।

5. ध्रुव हेलिकॉप्टर में बैठ सकते हैं 2 पायलट और 12 जवान
एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर ध्रुव को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी HAL ने तैयार किया है। अब इस हेलिकॉप्टर में भी हथियार लगाया जा रहा है, जिससे इसका इस्तेमाल जंग के दौरान भी हो सके।

6. पहाड़ी क्षेत्रों में गेमचेंजर हो जाते हैं BMP-2 टैंक
भारत ने ये इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल रूस से मंगवाए हैं, लेकिन अब भारत इसे खुद से तेलंगाना के मेडक स्थित हथियार फैक्ट्री में बनाता है।

7. इजराइल की मदद से DRDO ने तैयार की MR-SAM मिसाइल
यह सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल है जो आर्मी वेपन सिस्टम में कमांड पोस्ट, मल्टी फंक्शन राडार, मोबाइल लॉन्चर सिस्टम से लैस है।



























