गाजा21 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

गाजा के 22 लाख लोग भुखमरी की कगार पर हैं। इनमें 11 लाख बच्चे हैं।
7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुई इजराइल-हमास जंग में अब तक 29 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है। न्यूज एजेंसी AFP की रिपोर्ट में कहा गया कि गाजा में रहने वाले एक पिता ने अपने बच्चों को घोड़े का मांस खिलाया।
जबालिया रिफ्यूजी कैंप में रहने वाले 60 साल के अबू जिब्रील ने AFP से कहा- गाजा के हालात बेहद खराब हैं। खाने को कुछ नहीं मिल रहा है। बच्चे भूख से तड़प रहे थे। मेरे पास घोड़े को मारकर उसका मांस खिलाने के अलावा कोई रास्ता नहीं था। भूख हमारी जान ले रही है इसलिए मैंने दो घोड़ों को मार दिया। परिवार से छिपते-छिपाते घोड़ों का मांस पकाया और चावल के साथ बच्चों और अन्य परिजनों को दे दिया।

इजराइल-हमास जंग में कई जानवर भी मारे गए हैं। हालांकि कितने जानवरों की मौत हुई है, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं हुआ है।
घरवालों को नहीं पता कि उन्होंने घोड़े का मांस खाया
अबू जिब्रील ने कहा- मैं नहीं जानता था कि परिवार वाले घोड़ों का मांस पकाकर खाने पर कैसी प्रतिक्रिया देंगे इसलिए मैंने उन्हें कुछ नहीं बताया। वो नहीं जानते थे कि वो घोड़े का मांस खा रहे हैं। हम लोग एक बार के लिए भूखे सो सकते हैं। लेकिन 4-5 साल के बच्चों को कैसे सुलाएं। उन्हें भूख लगती है तो वो रोने लगते हैं।
AFP की रिपोर्ट में कहा गया कि लोग पेट भरने के लिए खराब मकई के टुकड़ों भी खा रहे हैं। कुछ लोग जानवरों को दिया जाने वाला चारा और पत्तियां भी खा रहे हैं।

गाजा की लगभग पूरी आबादी भुखमरी की कगार पर है। यहां करीब 23 लाख लोग रहते हैं।
गाजा में भुखमरी के हाल…
1. 8 साल की बच्ची की भूख से मौत
यूरो मेड ह्यूमन राइट्स मॉनिटर के मुताबिक 17 फरवरी को गाजा में हनिन जुम्मा नाम की एक 8 साल की बच्ची ने भूख से दम तोड़ दिया। बच्ची के पिता सालेह के मुताबिक जिस रात उसकी मौत हुई, उसने भूखा होने की बात कही थी।
कोई गाड़ी नहीं होने के चलते बच्ची को गधा गाड़ी से अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टर ने बताया कि उसकी भूख और प्यास से मौत हो गई है। सालेह ने कहा- उन्हें रोज खाना नहीं मिल पा रहा है। UN की मदद उन तक कई दिनों के बाद पहुंचती है।

गाजा तक राहत सामग्री नहीं पहुंच पा रही है। यहां माताएं बच्चों का पेट भरने के उन्हें रोटी के टुकड़े करके देती हैं, जिससे खाना ज्यादा दिखे।
2. खाने के लिए लाइन में 10 घंटे तक इंतजार
जंग की शुरुआत से इजराइल पर आरोप लग रहे हैं कि वो गाजा तक मदद नहीं पहुंचने दे रहा है। वो गाजा तक पहुंचने वाले रास्ते बंद कर रहा है। ऐसे में बेहद कम मदद फिलिस्तीनियों तक पहुंच रही है। अल जजीरा की एक रिपोर्ट में कहा गया कि फिलिस्तीनी लोगों को खाने के लिए लाइन में लगना पड़ रहा है। करीब 10 घंटे के इंतजार के बाद उन्हें खाना मिल रहा है।
3. खाना चुरा रहे हमास आतंकी
इजराइल का कहना है कि हमास आतंकी जरूरत का सामान गाजा के लोगों तक पहुंचने नहीं दे रहे हैं। वो खाना चुरा रहे हैं। जरूरत का सामान लेने पहुंचे लोगों से मारपीट करने के बाद आतंकी ये सामान लेकर भाग रहे हैं।
इजराइली सेना ने इसका एक वीडियो जारी किया। इसमें हमास आतंकी राहत सामग्री चोरी करते दिखे। सेना ने वीडियो के साथ लिखा- गाजा के लोगों की जरूरतों से ज्यादा जरूरी आतंकवादियों की जरूरतें हैं।

इजराइली डिफेंस फोर्स (IDF) ने यह वीडियो जारी किया। इसमें हमास के आतंकी लोगों के साथ मारपीट करके जरूरत का सामान लेकर पहुंची गाड़ियों को ले जाते दिख रहे हैं।
4. 22 लाख फिलिस्तीनी भुखमरी की कगार पर
UN का कहना है कि गाजा के 22 लाख लोग भुखमरी की कगार पर हैं। इधर, UN के वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के डिप्टी डायरेक्टर कार्ल स्काउ ने कहा है कि वो इतने सामान का प्रबंध कर रहे हैं, जिससे एक महीने के लिए गाजा के लोगों की भूख मिटाई जा सके।
जंग से नुकसान…
- 29,313 फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है। इसमें 12,300 बच्चे, 8,400 महिलाएं हैं।
- 69,333 फिलिस्तीनी घायल हैं, करीब 7 हजार लोग लापता हैं।
- 3 लाख 60 हजार से ज्यादा इमारतें तबाह हुईं।
- 267 मस्जिद और 392 स्कूल-कॉलेज तबाह हुए।
जंग की तस्वीरें…

गाजा में लोगों के पास रहने के लिए जगह नहीं बची है। इजराइली सेना नॉर्थ के साथ साउथ गाजा में भी हमले कर रही है। पहले इजराइल ने फिलिस्तीनियों से जान बचाने के लिए साउथ गाजा जाने को कहा था।

राफा बॉर्डर के पास खाना लेने के लिए लाइन में लगे फिलिस्तीनी।

गाजा में 15 लाख लोग बेघर हुए हैं। ये लोग टेंट में रहने को मजबूर हैं।

फिलिस्तीनी बच्ची की यह तस्वीर साउथ गाजा के राफा की है। वो इजराइली बमबारी से बचकर टेंट में रह रही है। उसके पास ही एक घोड़े को देखा जा सकता है।
‘अल-अक्सा फ्लड’ के खिलाफ इजराइल का ऑपरेशन ‘सोर्ड्स ऑफ आयरन’
हमास ने इजराइल पर 7 अक्टूबर को हमला किया था। उसने इजराइल के खिलाफ अपने ऑपरेशन को ‘अल-अक्सा फ्लड’ नाम दिया। इसके जवाब में इजराइल की सेना ने हमास के खिलाफ ‘सोर्ड्स ऑफ आयरन’ ऑपरेशन शुरू किया। हमास के सैन्य कमांडर मोहम्मद दीफ ने कहा था- ये हमला यरुशलम में अल-अक्सा मस्जिद को इजराइल की तरफ से अपवित्र करने का बदला है। दरअसल, इजराइली पुलिस ने अप्रैल 2023 में अल-अक्सा मस्जिद में ग्रेनेड फेंके थे।
वहीं, हमास के प्रवक्ता गाजी हामद ने अल जजीरा से कहा था- ये कार्रवाई उन अरब देशों को हमारा जवाब है, जो इजराइल के साथ करीबी बढ़ा रहे हैं। हाल ही के दिनों में मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि अमेरिका की पहल पर सऊदी अरब इजराइल को देश के तौर पर मान्यता दे सकता है।


























