
बिक्रम सिंह मजीठिया।
– फोटो : अमर उजाला (फाइल)
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शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके एक गिफ्ट पैक खोलकर धमाकेदार बम के रूप में एक पैन-ड्राइव निकाला, लेकिन उससे कोई धमाका नहीं किया। दिवाली से पहले मजीठिया ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ सभी कैबिनेट मंत्रियों की ग्रुप फोटो शेयर करते हुए जिस दागी मंत्री का खुलासा जल्द करने का दावा किया था, उसके नाम का खुलासा उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं किया। उन्होंने कहा कि वह इस पैन-ड्राइव को मुख्यमंत्री को देंगे ताकि वह इस मामले में कार्रवाई करें।
शिअद मुख्यालय में बुधवार को मजीठिया ने पत्रकारों से कथित दागी मंत्री के बारे में इतना ही जानकारी दी कि उन्होंने एक असहाय पीड़िता का शोषण किया है। साथ ही मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि उन्होंने इस घटना के बारे में जानने के बावजूद अपने चहेते मंत्री को बचाने की कोशिश की। मजीठिया ने कहा,‘इस दरिंदे को पंजाब सरकार में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है और इसे तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए।’
मजीठिया ने मान से संपर्क करने की कोशिश करते हुए फोन मिलाया लेकिन मुख्यमंत्री आवास पर ऑपरेटर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान कार्यालय गए हैं। वहीं कार्यालय का फोन व्यस्त मोड पर था।
मजीठिया ने कहा, ‘दिवाली की पूर्व संध्या पर मैंने मुख्यमंत्री को सूचित किया था कि बधाई देने वाले कैबिनेट मंत्रियों में से वह एक से साथ हाथ नहीं मिलाना चाहेंगे, जब उन्हें उस मंत्री के गलत कामों के बारे में पता चलेगा। मैंने त्योहार के बाद मुख्यमंत्री से मिलने और उनके ‘मनपंसद’ मंत्री के घृणित कृत्यों के बारे में सबूत पेश करने के लिए समय मांगा था। मैंने इसलिए ऐसे किया क्योंकि मुख्यमंत्री अपने विरोधियों से बातचीत करने में विश्वास करते हैं, जैसा कि तब देखा गया था जब नेताओं को पंजाब के मुद्दों पर तथाकथित बहस के लिए आमंत्रित किया गया था।’
मजीठिया ने एक गिफ्ट पैक खोलकर एक पेन ड्राइव पत्रकारों को दिखाई, जिसमें दावा किया कि इसमें मंत्री की शर्मनाक हरकतें दर्ज की गई हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं इस ड्राइव की सामग्री का खुलासा नहीं कर रहा हूं, जो मुझे एक सार्वजनिक समारोह में सौंपी गई थी, क्योंकि इसमें मंत्री के बारे में बेहद अफसोसजनक सामग्री है।’ मजीठिया ने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री ने अपने कैबिनेट सहयोगी के खिलाफ सबूत लेने से इन्कार कर दिया है। जब तक मंत्री पूरी तरह बेनकाब नहीं हो जाते और उन्हें कानून के मुताबिक सजा मिल नहीं जाती, तब तक हम रुकेंगे नहीं।
मुख्यमंत्री से मिलकर सौंपेंगे सबूतः मजीठिया
मजीठिया ने कहा कि वह किसी को बदनाम नहीं करना चाहते, इसलिए वह एक-दो दिन और इंतजार करके मुख्यमंत्री से मिलने का प्रयास करेंगे और उन्हें खुद सबूत देंगे। वह उम्मीद करेंगे कि सीएम कार्रवाई करें। मजीठिया ने इस मामले में चुटकी ली- ‘उनसे बचकर रहो, सवारी अपने सामान की आप जिम्मेवार है।’


























