
प्रतीकात्मक तस्वीर
– फोटो : अमर उजाला
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50 हजार करोड़ रुपये के पर्ल्स ऐग्रोटेक कॉरपोरेशन लिमिटेड ( पीएसीएल) केस में 3 साल से भगोड़े चल रहे तीन आरोपियों को विजिलेंस ब्यूरो द्वारा गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने गुजरात स्थित अहमदाबाद से काबू किया है। उन पर आरोप है कि रोक के बावजूद उन्होंने नियमों को ताक में रखकर मोहाली में ग्रुप की संपित्तयों की खरीदो फरोख्त का काम किया।
आरोपियों की पहचान हरकीरत सिंह निवासी गांव शमशपुर जिला फतेहगढ़ साहिब, प्रभजोत सिंह निवासी गांव गोनियाना कलां जिला बठिंडा और प्रदीप सिंह निवासी गांव जलवेड़ा जिला फतेहगढ़ साहिब के रूप में हुई है। विजिलेंस को उम्मीद है कि आरोपियों के पकड़े जाने के से केस की कई परतें खुलेंगी। मंगलवार को विजिलेंस आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी।
विजिलेंस ब्यूरो की तरफ से आरोपियों पर थाना शहरी जीरा जिला फिरोजपुर में जुलाई-2020 में धोखाधड़ी समेत कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने गांव घोलूमाजरा जिला मोहाली में पीएसीएल की तरफ-अलग संपत्तियों का गैरकानूनी तौर पर तबादला-ए-मलकीयत किया गया। इनको इस बात जानकारी थी कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही पीएसीएल को किसी भी ऐसी संपत्ति को बेचने, तबादला-ए-मलकीयत करने पर रोक लगाई हुई है। जिसमें पीएसीएल का किसी भी रूप में कोई अधिकार या हित नहीं बनता है, लेकिन बावजूद इसके इन्होंने सम्पत्तियों की खरीद-फरोख्त, तबादला-ए-मलकीयत का कार्य जारी रखा।



























