इस्लामाबाद2 घंटे पहले
- कॉपी लिंक

इमरान अल-कादिर ट्रस्ट स्कैम केस में जेल में हैं। वो चुनाव भी नहीं लड़ सकेंगे। बुशरा पर भी गिरफ्तारी का खतरा मंडरा रहा है। (फाइल)
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने महज 9 करोड़ रुपए (पाकिस्तानी करंसी) देकर सरकारी खजाने (तोशाखाना) से 316 करोड़ रुपए के गिफ्ट्स अपने पास रख लिए थे। खान और उनकी पत्नी बुशरा ने मिलकर पाकिस्तान के खजाने को मोटे तौर पर 157 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया था।
पाकिस्तान के टीवी चैनल ‘जियो न्यूज’ ने यह जानकारी नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) की रिपोर्ट के हवाले से दी है। खास बात ये है कि ये सिर्फ उन गिफ्ट्स की डीटेल्स हैं, जो सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने इमरान को दी थीं। बाकी जानकारी आना बाकी है।

जिन तोहफों को इमरान ने बेचा था उनमें एक बेशकीमती घड़ी, कफलिंक का एक जोड़ा, एक महंगा पेन, एक अंगूठी और चार रोलेक्स वॉच शामिल थीं।
क्या कहती है एंटी करप्शन यूनिट NAB की रिपोर्ट
- तोशाखान गिफ्ट केस में इमरान के साथ उनकी तीसरी पत्नी बुशरा बीबी भी आरोपी हैं। इमरान को तो इस केस के एक मामले में सजा भी हो चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक- इमरान बतौर प्रधानमंत्री जब भी सऊदी अरब दौरे पर गए तो क्राउन प्रिंस और सऊदी सरकार ने उन्हें महंगे तोहफे दिए। सऊदी रॉयल फैमिली पहले भी अपने देश की ऑफिशियल विजिट पर आने वाले मेहमानों को महंगे तोहफे देती रही है।
- बहरहाल, इमरान को सिर्फ सऊदी अरब से मिले तोहफों की कीमत NAB ने 316 करोड़ पाकिस्तानी रुपए आंकी है। इमरान और बुशरा ने सरकारी नियमों को दरकिनार करके सिर्फ 9 करोड़ रुपए देकर ये गिफ्ट्स अपने पास रख लीं।
- रिपोर्ट में कहा गया- जांच में पता चला कि इन गिफ्ट्स की सही कीमत आंकने (प्रॉपट एसेट्स वैल्यूशन) का कोई प्रोसेस ही फॉलो नहीं किया। जब मार्केट वैल्यू के हिसाब से इनकी कीमत आंकी गई तो यह 316 करोड़ पाकिस्तानी रुपए निकली। सिर्फ अंदाजे से इनकी कीमत 18 करोड़ रुपए बता दी गई। करप्शन की इंतेहां देखिए कि इमरान-बुशरा ने महज 9 करोड़ देकर ये गिफ्ट्स अपने पास रख लिए।

तस्वीर जनवरी 2019 की है। सऊदी गवर्नर तबुक प्रिंस फहद बिन सुल्तान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद ने इमरान को ‘गोल्ड कलाश्निकोव’ का तोहफा और गोलियां भेंट की थीं।
रिपोर्ट में झोल
- रिपोर्ट में एक चीज बिल्कुल साफ नहीं है। दरअसल, ये रिपोर्ट कहती है कि इमरान और बुशरा ने मिलकर पाकिस्तान के सरकारी खजाने को 157 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया। सवाल ये है कि अगर 316 करोड़ रुपए के गिफ्ट्स 9 करोड़ रुपए में खरीदे गए तो नुकसान 157 करोड़ रुपए का कैसे हुआ?
- ऐसा लगता है कि रिपोर्ट में उस विवादित नियम के हिसाब से कैल्कुलेशन किया गया है, जिसके तहत टोटल वैल्यूएशन का 50% देकर प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति दूसरे देशों से मिले तोहफों को अपने पास रख सकते हैं। NAB इस बारे में जल्द ही बयान जारी कर सकती है।
- दूसरे देशों में फाइनेंशियल क्राइम की जांच करने वाली एजेंसी एफबीआर तो इन गिफ्ट्स का वैल्यूएशन ही नहीं कर पाई। उसने कहा- जिस कंपनी ने यह तोहफे तैयार किए, वो फिलहाल एक्टिव नहीं है।
- एक एक्सपर्ट इमरान बशीर ने जियो न्यूज से कहा- अगर 316 करोड़ रुपए इन गिफ्ट्स की वास्तविक कीमत है तो इमरान-बुशरा 157 करोड़ रुपए देकर ही ये तोहफे अपने पास रख सकते थे। लेकिन, उन्होंने सिर्फ 9 करोड़ ही चुकाए।
- NAB की रिपोर्ट में कहा गया- तोशाखाना के किसी अफसर या कर्मचारी को दोषी ठहराने का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी के आदेश का वो विरोध नहीं कर सकते थे।

इमरान खान पत्नी बुशरा बीबी के साथ। तोशाखाना केस में बुशरा भी आरोपी हैं। हालांकि, वो जांच एजेंसी की पूछताछ में ही शामिल नहीं हुईं। (फाइल)
अब तोशाखाना केस को बारीकी समझिए
- चुनाव आयोग के सामने सत्ताधारी पाकिस्तानी डेमोक्रेटिक मूवमेंट ने तोशाखाना गिफ्ट मामला उठाया था। कहा था कि इमरान ने अपने कार्यकाल के दौरान विभिन्न देशों से मिले गिफ्ट को बेच दिया था। इमरान ने चुनाव आयोग को बताया था कि उन्होंने तोशाखाने से इन सभी गिफ्ट्स को 2.15 करोड़ रुपए में खरीदा था, बेचने पर उन्हें 5.8 करोड़ रुपए मिले थे। बाद में खुलासा हुआ कि यह रकम 20 करोड़ से ज्यादा थी। अब NAB की रिपोर्ट में ये तमाम आंकड़े भी झूठ साबित हो गए हैं।
- करीब 3 साल पहले अबरार खालिद नाम के एक पाकिस्तानी शख्स ने इन्फॉर्मेशन कमीशन में एक अर्जी दायर की थी। कहा- इमरान को दूसरे देशों से मिले गिफ्ट्स की जानकारी दी जाए। जवाब मिला- गिफ्ट्स की जानकारी नहीं दी जा सकती। खालिद भी जिद्दी निकले। उन्होंने इस्लामाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी।
- इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इमरान से पूछा था- आप तोहफों की जानकारी क्यों नहीं देते? इस पर खान के वकील का जवाब था- इससे मुल्क की सलामती यानी सुरक्षा को खतरा है। दूसरे देशों से रिश्ते खराब हो सकते हैं। इसलिए अवाम को दूसरे देशों से मिले तोहफों की जानकारी नहीं दे सकते।

तोशाखाना का नियम क्या है
- पाकिस्तान की पत्रकार आलिया शाह के मुताबिक पाकिस्तान में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति या दूसरे पद पर रहने वालों को मिले तोहफों की जानकारी नेशनल आर्काइव को देनी होती है। इन्हें तोशाखाना में जमा कराना होता है। अगर तोहफा 10 हजार पाकिस्तानी रुपए की कीमत वाला होता है तो बिना कोई पैसा चुकाए इसे संबंधित व्यक्ति रख सकता है।
- तोहफे की अनुमानित कीमत अगर 10 हजार से ज्यादा है तो 20% कीमत देकर गिफ्ट अपने पास रखा जा सकता है। अगर 4 लाख से ज्यादा का गिफ्ट है तो इसे सिर्फ वजीर-ए-आजम (प्रधानमंत्री) या सदर-ए-रियासत (राष्ट्रपति) ही खरीद सकता है। अगर कोई नहीं खरीदता तो नीलामी होती है।
- इमरान ने यहां भी खेल कर दिया। 2 करोड़ का तोहफा कहीं 5 लाख तो कहीं 7 लाख का बता दिया। इसी कीमत पर इन्हें खरीदा और फिर ओरिजिनल कीमत से भी कई गुना ज्यादा पर बेच दिया। यह काम जुल्फी बुखारी और बुशरा बीबी की दोस्त फराह खान उर्फ फराह गोगी ने किया था।
- एक और खास बात यह है कि फराह गोगी उसी दिन (10 अप्रैल 2022) पाकिस्तान से एक प्राइवेट जेट से फरार होकर दुबई पहुंच गई थीं, जिस दिन इमरान खान की सरकार गिरी थी।

बुशरा बीबी ने इमरान खान सरकार में मंत्री रहे एक नेता के जरिए डायमंड रिस्ट वॉच दुबई में बेचने भेजी थी। इसका एक ऑडियो भी लीक हो चुका है। (फाइल)
डायमंड रिस्ट वॉच केस में हर झूठ बेनकाब
- जब इमरान पर सरकारी खजाने (तोशाखाना) के गिफ्ट्स बेचने के आरोप लगे तो उनकी पार्टी ने बचाव में फर्जी सबूत पेश किए। कहा- तमाम गिफ्ट्स नियमों के मुताबिक, तोशाखाना से खरीदे गए थे। एक घड़ी इस्लामाबाद के एक शोरूम में बेची गई थी। इसके बिल भी मौजूद हैं।
- खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने जो बिल मीडिया को दिखाया। वो दरअसल, हाथ से लिखा एक कागज था। मजे की बात यह है कि जिस दुकान का यह बिल था, उसके मालिक ने वीडियो जारी करके साफ कर दिया कि यह फर्जी बिल है। अशफाक नाम के शोरूम मालिक ने कहा था- हम प्रॉपर बिल देते हैं। जो बिल दिखाया जा रहा है, वो जाली है। न तो वो हैंडराइटिंग मेरी है और न सिग्नेचर। मैं PTI पर केस दायर कर रहा हूं।
- खान एक और जगह फंस गए। दरअसल, उन्होंने दावा किया कि घड़ी इस्लामाबाद में बेची गई थी। लेकिन, दुबई के एक अमीर कारोबारी ने वीडियो जारी करके उनके झूठ की कलई खोल दी। पाकिस्तानी मूल के इस बिजनेसमैन ने कहा- इमरान की पत्नी बुशरा की दोस्त फराह गोगी ने मुझे सऊदी क्राउन प्रिंस की घड़ी और एक गिफ्ट सेट 2 लाख डॉलर में बेचा। मैंने इसका कैश पेमेंट किया। इसके सबूत मेरे पास मौजूद हैं।
- कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि सऊदी सरकार ने इस बिजनेसमैन से यह घड़ी और गिफ्ट आयटम्स वापस खरीद लिए हैं।










![JMA – Ninja & Deep Jandu [Official MV] Kaptaan JMA – Ninja & Deep Jandu [Official MV] Kaptaan](https://i.ytimg.com/vi/-dsfIh319s0/maxresdefault.jpg)











