जम्मू7 मिनट पहले
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महबूबा ने कहा कांग्रेस पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस की जेब में है।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अगली सरकार धर्मनिरपेक्ष होगी। हमारी पार्टी के समर्थन के बिना यहां कोई सरकार नहीं बनेगी। पहले फेज के चुनाव में PDP नंबर एक पार्टी के तौर पर उभरी है।
महबूबा ने मंगलवार को जम्मू की बाहु विधानसभा सीट से पार्टी प्रत्याशी वरिंदर सिंह के लिए वोट मांगे। उन्होंने कहा कि जब नेशनल कॉन्फ्रेंस ने पाकिस्तान में शामिल होने की बात की थी, तो मुफ्ती मोहम्मद सईद ही थे जिन्होंने कश्मीर में भारतीय झंडे को ऊंचा किया था।
महबूबा ने कहा- क्या बीजेपी भूल गई कि राम माधव ने दो महीने तक हमारे दरवाजे खटखटाए, हमारे साथ सरकार बनाने के लिए कहा और कहा कि हम कोई भी शर्त रख सकते हैं। हमने उन शर्तों पर सरकार बनाई।
महबूबा ने कहा कि चुनाव जम्मू-कश्मीर के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं और उन्होंने लोगों से सावधानी से मतदान करने की बात कही।

भाजपा के बड़े नेता यहां आते हैं। प्रधानमंत्री आते हैं, गृह मंत्री आते हैं, लेकिन वे केवल हमारा विरोध करते हैं। उनके पास लोगों को देने के लिए कुछ नहीं है। वे किसका विरोध कर रहे हैं? मुफ्ती मोहम्मद सईद की पार्टी ने 1960 के दशक से कश्मीर में भारत का झंडा ऊंचा किया है।

राम माधव ने दो महीने तक हमारे दरवाजे खटखटाए महबूबा ने कहा- जब नेशनल कॉन्फ्रेंस ने आजादी के लिए अभियान चलाया और पाकिस्तान जाने की बात की, तो मुफ्ती साहब ने ही कश्मीर में भारतीय झंडा थामा और फहराया। और अब वे (भाजपा नेता) उनकी पार्टी को राष्ट्र-विरोधी कहते हैं।

क्या वे भूल गए हैं कि राम माधव ने दो महीने तक हमारे दरवाजे खटखटाए, हमारे साथ सरकार बनाने के लिए कहा और कहा कि हम कोई भी शर्त रख सकते हैं। हमने उन शर्तों पर सरकार बनाई।


महबूबा की स्पीच की 7 बातें…
- मुफ्ती साहब ने जम्मू-कश्मीर में तीन साल से अधिक समय तक सरकार चलाई। उस दौर को स्वर्णिम काल कहा जाता है। हमने जम्मू को एक सांसद दिया, हमने जम्मू को एक MLC दिया, हमने जम्मू को एक विधायक दिया। ऐसा किस पार्टी ने किया है।
- बीजेपी जम्मू क्षेत्र से मुख्यमंत्री देने के वादे के साथ लोगों से वोट मांग रही है। ये खोखले वादे हैं। इनके झांसे में न आएं। मुझे बताएं उनके पास राज्यपाल का पद था, उन्होंने जम्मू से राज्यपाल क्यों नहीं नियुक्त किया?
- भाजपा बाहर से राज्यपाल क्यों लाई। भाजपा आपको (जनता) गुमराह करने की कोशिश कर रही है। अगर जम्मू से राज्यपाल होता तो कश्मीरी भी उनका इस क्षेत्र से होने के कारण सम्मान करते और कोई विरोध नहीं होता।
- जम्मू से एक भी सलाहकार क्यों नहीं है? हमारे समय में DGP जम्मू से थे, चीफ सेक्रेटरी जम्मू से थे। इनके अलावा कई अधिकारी अधिकारी जम्मू से थे।
- आज भाजपा कहती है कि हमें वोट दो और हम तुम्हें हिंदू मुख्यमंत्री देंगे। क्या भारत का प्रधानमंत्री मुसलमान है? क्या यहां राज्यपाल हिंदू नहीं है? वहां आपका प्रधानमंत्री और यहां आपका राज्यपाल। तो आपने इतने सालों में क्या हासिल किया।
- बीते 6 साल में बीजेपी सरकार ने क्या किया है। जम्मू-कश्मीर बेरोजगारी के मामले में नंबर वन है। नशे के इस्तेमाल में भी नंबर वन है। हमारी बिजली को दूसरों को दिया जा रहा है।
- यहां स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। पैसे हमसे लेते हैं औऱ बिजली किसी और को देते हैं। रेत और बजरी के ठेके बाहरी लोगों को दिए जाते हैं। शराब के ठेके भी बाहरी लोगों को दिए जाते हैं।
जम्मू-कश्मीर में विकल्प खत्म हो गया था महबूबा ने कांग्रेस-एनसी गठबंधन पर कहा- जब 1987 में कांग्रेस ने समझौता किया था, तब डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने राजीव गांधी की पार्टी को अपनी जेब में डाल लिया था। आज भी यह पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस की जेब में है और इससे बाहर नहीं आई है।
आतंकवाद के बढ़ने के लिए NC जिम्मेदार है। जब NC और कांग्रेस साथ आए तो जम्मू-कश्मीर में विकल्प खत्म हो गया। 1987 में कश्मीर के लोगों ने कहा कि वे नया विकल्प खोजेंगे। जब चुनाव हुए तो नेशनल कॉन्फ्रेंस ने इतनी धोखाधड़ी की कि उन्होंने विकल्प बनने ही नहीं दिया। आप सभी ने इसका नतीजा देखा।
मुफ्ती ने कहा कि जब कश्मीरी युवाओं ने देखा कि उनके वोट चोरी हो रहे हैं, तो उन्होंने बंदूकें उठा लीं। इसके परिणाम सामने आए। छत्ती सिंहपुरा हुआ, कोटदारा हुआ और उसके बाद और भी हुए। अभी भी जम्मू-कश्मीर में कब्रिस्तान बनाए जा रहे हैं।
मुफ्ती साहब को जम्मू से चुनाव लड़ने की क्या जरूरत थी। क्योंकि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कश्मीर में उनके खिलाफ माहौल बनाया था। उन्होंने जम्मू से चुनाव लड़ा और आप सभी ने उनका सम्मान किया, उन्हें यहां से जिताया। जब उमर अब्दुल्ला सांसद बने, तब भाजपा कहां थी? भाजपा ने उन्हें पांच साल तक मंत्री बनाए रखा।
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