1 मिनट पहले
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लेबनान की राजधानी बेरूत के साथ कई शहरों में बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी धमाके हुए। इस बार ब्लास्ट के लिए वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल किया। इसमें कम से कम 20 लोग मारे गए और 450 से ज्यादा घायल हो गए। मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।
इसके एक दिन पहले 17 सितंबर को हजारों पेजर विस्फोट में कम से कम 12 लोग मारे गए थे और 2,800 से ज्यादा घायल हुए थे। इस तरह 2 दिन में लेबनान में 32 लोगों की जान चली गई।
लेबनान में ईरान के समर्थन वाले संगठन हिजबुल्लाह के लड़ाके एक-दूसरे से बातचीत के लिए पेजर और वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल करते हैं। हिजबुल्लाह ने इन हमलों के पीछे इजराइल का हाथ बताया है। उधर, इस मामले पर यूएन सुरक्षा परिषद ने आपात बैठक शुक्रवार को बुलाई है।
लेबनान में हुए पेजर और वॉकी टॉकी ब्लास्ट की तस्वीरें…

बुधवार को वॉकी टॉकी ब्लास्ट से एक कार में आग लग गई।

बुधवार को एक इमारत में आग लग गई। बताया गया कि यहां भी वॉकी टॉकी में ब्लॉस्ट हुआ।

बेरूत को मंगलवार को रोजमर्रा के काम करने के दौरान लोगों के पेजर्स में ब्लास्ट हुए।
आगे क्या… तनाव फैलेगा, ईरान पर जवाबी हमले का दबाव बढ़ रहा इजराइल के इस आक्रामक रवैये से ईरान की पश्चिम एशिया में साख पर चोट पहुंची है। इजराइल ने ईरान समर्थक लेबनान के हिजबुल्ला को निशाने पर लिया है। ऐसा कर इजराइल अब ईरान को भड़का रहा है, जिससे ईरान मजबूर होकर जवाब दे। हिजबुल्ला का पूरा नेटवर्क ईरान के समर्थन से ही चलता है।
हिजबुल्लाह ने कहा कि वे इसका बदला लेंगे और इजराइल को अनोखी सजा देंगे। हिजबुल्लाह के लीडर हसन नसरल्लाह गुरुवार को लोगों को संबोधित करेंगे।

पेजर ब्लास्ट में हिजबुल्लाह के एक सांसद के बेटे की मौत हो गई है। शवयात्रा के वक्त एम्बुलेंस में वॉकी-टॉकी से धमाका किया गया। ब्लॉस्ट के बाद धुआं उठता देखा गया।
बेरूत में घरेलू सोलर सिस्टम को भी निशाना बनाया बेरूत समेत कई शहरों में घरों के सोलर सिस्टम में भी धमाके हुए। बताया जा रहा है कि बुधवार दोपहर अचानक हुए इन धमाकों के बाद लोग घबरा कर सड़कों पर जमा हो गए। लेबनान के टायरे शहर में सोलर सिस्टम में धमाके से एक परिवार के पांच लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। लेबनान सरकार ने सड़कों पर सिविल डिफेंस के सदस्यों को उतारा है। धमाकों से क्षतिग्रस्त हुए घरों के लोगों को शिफ्ट किया जा रहा है।
UNGA में फिलिस्तीन से जुड़े प्रस्ताव पर वोटिंग, भारत ने नहीं लिया हिस्सा संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में फिलिस्तीन से जुड़े प्रस्ताव पर वोटिंग हुई। हालांकि, भारत ने इसमें हिस्सा नहीं लिया। प्रस्ताव में मांग की गई थी कि इजराइल, कब्जे वाले फिलिस्तीनी इलाके में अपनी अवैध मौजूदगी को 12 महीने के भीतर हटाए।
इस प्रस्ताव के पक्ष में 124 देशों ने वोटिंग की। अमेरिका, अर्जेंटीना, हंगरी समेत 14 देशों ने विरोध में मतदान किया। वहीं, भारत, यूक्रेन, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया समेत 43 देशों ने इसमें हिस्सा नहीं लिया।

वॉकी टॉकी बनाने वाली जापानी कंपनी ने जांच शुरू की जिन वॉकी टॉकी में धमाके हुए हैं, उस पर ICOM V 82 लिखा है जो कि जापान में बनती हैं। इसे बनाने वाली कंपनी आईकॉम इंक ने कहा कि वे इस दावे की जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही उन्हें इस बारे में साफ जानकारी मिलती है वे इस बारे में बताएंगे।
हिजबुल्लाह ने सदस्यों को दिए थे पेजर्स रिपोर्ट्स के मुताबिक जिन पेजर्स में विस्फोट हुआ, उन्हें हाल ही में हिजबुल्लाह ने अपने सदस्यों को इस्तेमाल करने को दिया था। गाजा जंग शुरू होने के बाद हिजबुल्लाह ने अपने सदस्यों को मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने को मना किया था। इजराइल के किसी संभावित हमले से बचने के लिए यह सलाह दी गई थी।
जुलाई में हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह ने लोगों से मोबाइल डिवाइस और सीसीटीवी का इस्तेमाल बंद करने को कहा था, क्योंकि उन्हें डर था कि इजराइली एजेंसी इन्हें हैक कर सकती है।
क्या है हिजबुल्लाह हिजबुल्लाह शब्द का अर्थ पार्टी ऑफ गॉड है। यह संगठन खुद को शिया इस्लामिक पॉलिटिकिल, मिलिट्री और सोशल आर्गनाइजेशन बताता है। हिजबुल्लाह लेबनान का ताकतवर ग्रुप है। अमेरिका और कई देशों ने इसे आतंकी संगठन घोषित किया हुआ है।
1980 की शुरुआत में लेबनान पर इजराइल के कब्जे के दौरान इसे ईरान की मदद से बनाया गया था। 1960-70 के दशक में लेबनान में इस्लाम की वापसी के दौरान इसने धीरे-धीरे जड़ें जमानी शुरू कर दी थीं।
ऐसे तो हमास सुन्नी फिलिस्तीनी संगठन है, जबकि ईरान के सपोर्ट वाला हिजबुल्लाह शिया लेबनानी पार्टी है, लेकिन इजराइल के मुद्दे पर दोनों संगठन एकजुट रहते हैं। 2020 और 2023 के बीच, दोनों गुटों ने इजराइल के साथ UAE और बहरीन के बीच समझौते का विरोध किया था।




























