चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सोमवार को छात्रों का गुस्सा खुलकर सामने आया। रविवार को एक छात्र को दिनदहाड़े गन दिखाकर धमकाने के आरोप के बाद करीब 300 विद्यार्थी पहले वीसी कार्यालय के बाहर जमा हुए। छात्रों ने पीयू प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। इसके बाद विद्यार्थी मार्च करते हुए गेट नंबर-2 पर पहुंचे। छात्रों ने गेट के ताले तोड़कर उसे बंद कर दिया और वहीं बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब तीन घंटे तक गेट बंद रहने से कैंपस में आवाजाही प्रभावित रही।
कैंटीन के पास गन दिखाकर धमकाने का आरोप
छात्रों के मुताबिक, रविवार को पीयूडीएफ के हर्ष सैनी विद्यार्थी को जियोलॉजी विभाग की कैंटीन के पास कुछ युवकों ने कथित तौर पर गन दिखाकर धमकी दी। छात्रों का आरोप है कि आरोपियों को रोकने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इससे विद्यार्थियों में नाराजगी बढ़ गई। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सवाल उठाया कि जब विश्वविद्यालय कैंपस के सभी गेटों पर सुरक्षा कर्मी तैनात हैं, तो हथियार लेकर बाहरी लोग अंदर कैसे पहुंच रहे हैं।
आरोपियों की गाड़ी का नंबर खुद छात्रों ने नोट किया
स्टूडेंट्स फ्रंट के रमनप्रीत, पीयूडीएफ के आर्यन वर्मा और सत्थ के दर्शप्रीत सिंह ने आरोप लगाया कि विद्यार्थियों ने खुद आरोपियों की गाड़ी का नंबर नोट किया था। उन्होंने 112 नंबर पर फोन कर घटना की जानकारी भी दी। छात्रों का कहना है कि इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से एफआईआर दर्ज करवाने को लेकर तत्काल गंभीरता नहीं दिखाई गई। उनका आरोप है कि घटना के बाद छात्र का हालचाल पूछने तक के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। छात्रों ने कहा कि सबसे गंभीर बात यह है कि आरोपी जिस रास्ते से वापस गए, वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोकने या उनकी जांच करने की कोशिश नहीं की। विद्यार्थियों के मुताबिक, यह सिर्फ एक घटना नहीं बल्कि पूरे सुरक्षा सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करती है।
सीसीटीवी और वॉकी-टॉकी व्यवस्था पर सवाल
प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने दावा किया कि जिस जगह घटना हुई, वहां सीसीटीवी कैमरा तक नहीं है। छात्रों ने कहा कि कैंपस जैसे संवेदनशील स्थान पर निगरानी की व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने सुरक्षा कर्मियों के बीच वॉकी-टॉकी के प्रभावी इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए। छात्रों का कहना है कि अगर घटना की सूचना तत्काल सुरक्षा टीम तक नहीं पहुंचती और आरोपी आसानी से कैंपस से बाहर निकल जाते हैं तो सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य ही सवालों के घेरे में आ जाता है।
पुरानी घटनाओं का भी दिया हवाला
छात्रों ने कैंपस में पहले हुई घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि इससे पहले आदित्य ठाकुर की हत्या हो चुकी है। इसके अलावा कुछ महीने पहले पीयू के पूर्व छात्र पर कैंपस में गोलियां चलने की घटना भी सामने आई थी। छात्रों ने कहा कि उस समय भी गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई और छात्र भागकर बच निकला था। अब एक बार फिर हथियार दिखाकर छात्र को धमकाने की घटना सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सुरक्षा कर्मियों के निलंबन और एफआईआर की मांग
प्रदर्शन में एसएफ, यूएसओ, साखी समेत कई छात्र संगठनों के विद्यार्थी शामिल हुए। छात्रों ने गेट नंबर-2 पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों को निलंबित करने, आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने और चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर के इस्तीफे की मांग की। छात्रों ने कहा कि सुरक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी कैंपस में ऐसी घटनाओं को रोकना और घटना होने पर तत्काल कार्रवाई करना है। अगर हथियार लेकर लोग कैंपस में प्रवेश कर रहे हैं और घटना के बाद भी आसानी से बाहर निकल रहे हैं तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। छात्रों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था का तत्काल ऑडिट कराने, संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी लगाने और कैंपस में प्रवेश करने वाले वाहनों की जांच व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।










![JMA – Ninja & Deep Jandu [Official MV] Kaptaan JMA – Ninja & Deep Jandu [Official MV] Kaptaan](https://i.ytimg.com/vi/-dsfIh319s0/maxresdefault.jpg)











