
पंजाब के अमृतसर के राजासांसी के पास स्थित गांव लोधी गुज्जर की गलियों और घरों में घुटनों तक पानी जमा है। रावी के कहर ने यहां के लोगों की जिंदगी को गहरे जख्म दिए हैं। इसके पानी ने लोगों के सपने डुबो दिए हैं। पानी का स्तर भले ही चार फीट से घटकर दो फीट पर आ गया हो लेकिन मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। बाढ़ का पानी शायद कुछ दिनों में उतर जाएगा लेकिन बर्बादी के निशान और लोगों दिलों में खौफ मिटने में वर्षों लग जाएंगे। यहां के लोगों को अब सिर्फ राहत सामग्री नहीं, बल्कि एक मजबूत सहारे की जरूरत है। गांव की टूटी सड़कें, घरों का बिखरा मलबा और दीवारों पर पानी के गहरे निशान भयावह सपने जैसा है। गांव के 70 वर्षीय जसवंत सिंह कहते हैं कि बाढ़ से सब कुछ खत्म हो गया। जब रावी का पानी घुसा तो बीएसएफ के जवानों ने हमें निकाला। कुछ लोग रिश्तेदारों के यहां चले गए पर हम अपना घर कैसे छोड़ देते। पाई-पाई जोड़कर घर बनाया था। अब घर की दीवारें गल गई हैं और सामान सड़ गया है।





























