पंजाब में बारिश से हाहाकार मचा हुआ है। अमृतसर में बारिश से हलका बाबा बकाला में पड़ते गांव सठियाला में एक घर की छत गिर गई। छत के मलबे के नीचे दबने से एक 12 साल की बच्ची की मौत हो गई। वहीं, परिवार के अन्य सदस्य भी बुरी तरह से जख्मी हो गए। जख्मी हालत में सभी को अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल जख्मी हुए लोगों का इलाज चल रहा है।
गांव में राजविंदर सिंह नाम का व्यक्ति मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता है। उनके घर की छत काफी जर्जर हो चुकी थी और लगातार हो रही बारिश के कारण कमजोर हो गई थी। मंगलवार को राजविंदर सिंह का परिवार घर में मौजूद था कि इसी दौरान हो रही तेज बारिश के कारण छत नीचे गिर गई और सभी मलबे के नीचे दब गए। लोगों ने सभी को मलबे से निकाला और अस्पताल ले गए लेकिन वहां पर बच्ची को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर विधायक दलबीर सिंह टौंग अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि इस दुख की घड़ी में सीएम मान की सरकार हरसंभव आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।
फरीदकोट में छत गिरने से मलबे में दबे परिवार को पड़ोसियों ने बचाया
फिरोजपुर के सादिक के गांव दीप सिंह वाला में मंगलवार सुबह बारिश के कारण एक मकान की छत गिर गई। छत गिरने से एक ही परिवार के तीन सदस्य मलबे में दब गए। आसपास के लोगों ने कड़ी मेहनत कर तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे में सभी को मामूली चोटें आईं। फरीदकोट इलाके में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश से कई घरों को नुकसान पहुंच रहा है। कई मकानों की छतें गिर रही हैं। पीड़ित परिवार ने सरकार से आर्थिक मदद की मांग की है। नौजवान भारत सभा के नेता नौनिहाल सिंह ने कहा कि बारिश और बाढ़ ने पूरे पंजाब को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने समय पर गरीब परिवारों को पक्की छत बनाने में मदद की होती, तो यह स्थिति नहीं बनती। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवार के लिए तत्काल मदद की मांग की है।