चंडीगढ़। विदेश भेजने के नाम पर 8.66 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले इमिग्रेशन कंपनी संचालक की जमानत याचिका खारिज हो गई। सेक्टर-26 थाने में दर्ज मामले में आरोपी की दायर जमानत याचिका पर कोर्ट में सुनवाई हुई। आरोपी ने कहा कि उसका शिकायतकर्ता पक्ष के साथ समझौता हो चुका है, लेकिन दूसरे पक्ष ने कहा कि कोई राजीनामा नहीं हुआ है और न ही उन्हें अभी तक पैसा या दस्तावेज वापस मिले हैं। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद गिरफ्तार इमिग्रेशन कंपनी के संचालक अद्वितीय गुजरानी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
क्या था मामला
पुलिस को दी शिकायत में पीड़ित पक्ष ने बताया था कि उन्होंने सोशल मीडिया में विज्ञापन देखने के बाद सेक्टर-7सी के ईआईसी वीजा एससीओ नंबर-17 (दूसरी मंजिल) में बातचीत की थी। कंपनी संचालक ने बताया था कि उन्हें लक्जमबर्ग देश में वर्क वीजा पर भेज दिया जाएगा। इसके एवज में 8.66 लाख रुपये भी थे। शिकायतकर्ता ने पैसे ट्रांसफर कर दिए। उसे एक वीजा दिया गया जो कि फर्जी निकला। शिकायतकर्ता ने जब फोन किया तो स्विच ऑफ निकला और जब वह कंपनी ऑफिस में पहुंचे तो यहां ताले लगे हुए थे। इसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई। सेक्टर-26 थाने में बीएनएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया था। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था जो अभी जेल में बंद है।





























