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आईपीएस नीलांबरी जगदले
– फोटो : फाइल
विस्तार
आईपीएस निलांबरी जगदले को लुधियाना का डीआईजी नियुक्त किया गया है। अभी वह डीआईजी इंटेलिजेंस के तौर पर तैनात थी। उससे पहले वे डीआईजी रोपड़ का कार्यभार संभाल रही थी।
बता दें कि निलांबरी जगदले चंडीगढ़ में भी एसएसपी रह चुकी हैं। वह यूटी की पहली महिला एसएसपी थी। चंडीगढ़ में लोग उन्हें लेडी सिंघम के नाम से जानते हैं। अपराधियों में उनके नाम का खौफ था। कई गैंगस्टरों पर सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी हैं।
चंडीगढ़ में छिपकर बैठे नामी गैंगस्टर दिलप्रीत उर्फ बाबा को भी नीलांबरी के नेतृत्व में ही पैर में गोली मारकर सुरक्षित पकड़ा गया था। उन्होंने खुद चंडीगढ़ के एक बड़े होटल में रेड कर 16 लाख का जुआ पकड़ा था। वह अब तक चंडीगढ़ में सबसे बड़ी जुए की रिकवरी थी। रेड के दौरान उन्होंने सभी अधिकारियों के मोबाइल स्विच ऑफ करवा दिए थे और होटल में पहुंचने के बाद अधिकारियों को रेड करने के लिए कहा था।
डीआईजी रोपड़ रहते हुए भी उन्होंने कई कुख्यात गैंगस्टरों को सलाखों के पीछे पहुंचाया। कहा जाता है कि अपराधियों को पकड़ने के लिए नीलांबरी खुद इंफॉर्मेशन जुटाती हैं और फिर पकड़ने के निर्देश देती हैं। अब लुधियाना में जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके सामने एक बड़ा चैलेंज होगा, क्योंकि लुधियाना पंजाब का सबसे बड़ा जिला है।
निलांबरी ट्रेनिंग के बाद एसएसपी फाजिल्का, डीसीपी लुधियाना, एआईजी स्टेट एंड साइबर क्राइम, डिप्टी डायरेक्टर इन पंजाब पुलिस अकादमी, फिल्लौर एसएसपी पठानकोट (पंजाब एसेंबली इलेक्शन), एसएसपी रोपड़ की पोस्ट संभाल चुकी हैं।
नीलांबरी ने देश को हिलाकर रख देने वाले ऑटो गैंगेरेप के दो केसों को सुलझाया था। रात को ऑटो सवारों ने युवती को बिठाकर अपहरण कर लिया था। इसके बाद सेक्टर 53 के जंगलों में गैंगरेप किया था और फरार हो गए थे। इन्हीं आरोपियों ने इससे पहले सेक्टर 29 के जंगल में युवती का गैंगरेप किया था।
पुलिस ने जब सेक्टर 53 के ऑटो गैंगरेप में आरोपियों को पकड़ा तो खुलासा हुआ कि सेक्टर 29 में भी उन्होंने ही गैंगरेप किया था। पुलिस ने डीएनए सैंपल लेकर जांच तो दोनों मामलों में आरोपी वही पाए गए। निलांबरी का कार्यकाल खत्म होने वाला था, लेकिन उन्होंने दोनों मामलों को सुलझाकर आरोपियों को उम्रकैद की सजा दिलवाने में अहम भूमिका निभाई।
राम रहीम को पंचकूला में दुष्कर्म के मामले पंचकूला की एक विशेष सीबीआई अदालत ने अगस्त 2017 में दोषी करार दिया था।
सजा सुनाए जाने के बाद उसके समर्थकों ने शहर में अफरा-तफरी मचा दी थी। पंचकुला में कई जगहों पर आग लगा दी थी। चंडीगढ़ के लोग डरे हुए थे। इसको लेकर समर्थकों ने चंडीगढ़ में घुसने की कोशिश की। तब निलांबरी ने खुद सड़क कर उतरकर सुरक्षा संभाली थी। अगर राम रहीम के समर्थक चंडीगढ़ में घुस जाते तो चंडीगढ़ में भी वही हाल हो सकता था जैसा पंचकुला में हुआ था। पंचकुला में पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी थी। इस दौरान राम रहीम के सुरक्षाकर्मियों को मनीमाजरा और चंडीगढ़ बॉर्डर से गिरफ्तार भी किया गया। वह चंडीगढ़ में घुसना चाहते थे।
























