चंडीगढ़। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) चंडीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत मेसर्स गुप्ता बिल्डर्स एंड प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड (मेसर्स जीबीपीपीएल) की 87.64 करोड़ की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। अस्थायी रूप से कुर्क संपत्तियों में गांव औजला, तहसील-खरड़, जिला एसएएस नगर (मोहाली) में स्थित जीबीपी कैमेलिया में अधूरे फ्लैट, दुकानें और विला शामिल हैं।
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ईडी की ओर से चंडीगढ़ और पंजाब पुलिस द्वारा जीबीपीपीएल के निदेशकों पर दर्ज एफआईआर की जांच की जा रही है। ईडी की जांच में सामने आया कि कंपनी ने खरीदारों से कुल 478 करोड़ एकत्र किए थे। उन्होंने फ्लैट/प्लॉट/व्यावसायिक स्थान देने का वादा कर खरीदारों को ठगा। हालांकि, उन्होंने न तो प्रोजेक्ट दिए और न ही उनके पैसे वापस किए। जांच के दौरान, पीएमएलए, 2002 के तहत संस्थाओं/व्यक्तियों के विभिन्न परिसरों में तलाशी भी ली गई।
इसके अलावा मेसर्स जीबीपीपीएल के निदेशकों की ओर से बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद ईडी जांच में शामिल नहीं होने के कारण ईडी की विशेष कोर्ट (पीएमएलए) ने एक अगस्त 2023 के अपने आदेश के तहत सतीश गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, विनोद गुप्ता और रमन गुप्ता को भगोड़ा घोषित कर रखा है। पीएमएलए जांच रिपार्ट के अनुसार मेसर्स जीबीपीपीएल और अन्य संबंधित लोगों के नाम पर खरीदी गई 305.51 करोड़ की अपराध आय से संबंधित विभिन्न चल और अचल संपत्तियों की पहचान की गई और ईडी द्वारा उन्हें जब्त करने की कार्रवाई की गई। ये संपत्तियां पंजाब के जीरकपुर और मोहाली में स्थित हैं। इससे पहले 21 नवंबर 2023 को पीएमएलए, 2002 के तहत अभियोजन पक्ष की शिकायत (पीसी) आरोपी मेसर्स जीबीपीपीएल, इसके निदेशकों सतीश कुमार, प्रदीप कुमार, रमन गुप्ता, विनोद गुप्ता और अन्य के खिलाफ विशेष कोर्ट (पीएमएलए) चंडीगढ़ के समक्ष दायर की गई थी। कोर्ट ने 23 फरवरी 2024 को पीसी का संज्ञान लिया और इसमें अभी जांच जारी है।