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जयदीप अहलावत
– फोटो : अमर उजाला
Pataal Lok Season 2 Trailer: पाताल लोक 2 का ट्रेलर रिलीज, केस सुलझाने के लिए नागालैंड पहुंचे ‘हाथीराम चौधरी’

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पाताल लोक में जयदीप अहलावत
– फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
हाथीराम चौधरी वैसे तो शास्त्रों का लिखा भी व्हाट्सएप पर ही पढ़ता रहा है, अब पांच साल बाद उसका क्या नया धमाका है?
‘पाताल लोक’ सीरीज के रचयिता सुदीप शर्मा का बचपन गुवाहाटी में बीता है। इस बार सीरीज की कहानी उधर का रुख कर रही है। पिछली बार हाथीराम को दिल्ली से चित्रकूट तक ही जाना था तो वहां का भूगोल, वहां के इंसान जाने पहचाने से थे। भाषा की भी चुनौती नहीं थी। लेकिन, जब आप बिल्कुल अनजान जगह पर होते हैं तो ज्यादा रुआब चलता नहीं है। हाथीराम अब भी सच के पीछे ही है लेकिन इस बार उसके लिए परिस्थितियां बहुत विपरीत हैं।

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जयदीप अहलावत
– फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
पांच साल बाद ‘पाताल लोक’ का दूसरी सीजन आ रहा है, और इन पांच साल में जयदीप अहलावत का मनोरंजन जगत में ओहदा ही बदल गया है, तब के और अब के हाथीराम में क्या कुछ फर्क आया है?
ये किरदार जो है वो कागजों से निकला हुआ है। कागज पर ये इतना सुंदर लिखा गया है कि अगर ये पटकथा मैं आपके सामने लाकर रख दूं तो आपको भी इसे निभाने में बहुत ज्यादा मेहनत नहीं करनी होगी। हाथीराम का किरदार किसी भी कलाकार को बिरले मिलने वाला मौका है।

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जयदीप अहलावत और इश्वाक सिंह
– फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
और, इस बार आपका जूनियर अब आपका सीनियर बन चुका है…
ऐसा होता है कई बार। यहां अंसारी और हाथीराम का जो रिश्ता है वह अंदरूनी रिश्ता है। बाहर की दुनिया में उनके समीकरण बदल चुके हैं। वह दिखता भी है ट्रेलर में। हाथीराम कोशिश भी करता है कि अंसारी को उसके नए ओहदे के हिसाब से इज्जत दे सके। लेकिन, ये इंसानी रिश्ते ऐसे होते हैं कि दुनिया के सामने निभाने बहुत मुश्किल होते हैं।

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पाताल लोक सीजन 2 स्टाकास्ट की ग्रुप फोटो
– फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
इस किरदार के नाम में ही कुछ अलग आकर्षण है, हाथी राम चौधरी! पहली बार जब आपने अपने किरदार का ये नाम सुना तो क्या प्रतिक्रिया थी?
यही कि बहुत कमाल का नाम है। अब ये सीरीज रचने वालों के दिमाग में कहां से आया, मुझे याद नहीं है। पता भी नहीं है। लेकिन, हां इस नाम पर टीम के बीच खूब चर्चा हुई थी, इतना मुझे अच्छी तरह से याद है। मैंने बहुत पहले अपनी मां से सुना था कि हाथी को भगवान ने आंखें बहुत छोटी दीं और कान बहुत बड़े बड़े ताकि वह अपना शरीर न देख पाए। अगर हाथी को ये पता चल जाए कि उसका शरीर कितना बड़ा है तो उसे संभालना बहुत मुश्किल होगा।





























