कोटपूतली में 6 दिन से चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन में टीम अब भी चेतना (3) तक नहीं पहुंच सकी है। पाइलिंग मशीन से बोरवेल के पैरलल करीब 170 फीट का गड्ढा खोदा गया है।
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बताया जा रहा है कि रैट माइनर्स पाइप के जरिए इस गड्ढे में उतरेंगे। इसके बाद वे गड्ढे से बोरवेल तक 20 फीट की सुरंग खोदेंगे। इस पूरे ऑपरेशन में जिला प्रशासन के अब तक सभी प्लान फेल रहे हैं। दो दिन हुई बारिश से भी मुश्किलें बढ़ी हैं।
किरतपुरा के बड़ियाली की ढाणी की चेतना सोमवार (23 दिसंबर) को 700 फीट गहरे बोरवेल में 150 फीट पर फंस गई थी। देसी जुगाड़ से उसे रेस्क्यू टीमें केवल 30 फीट ऊपर ला सकी थीं।
बीते तीन दिन से मासूम 120 फीट की गहराई में अटकी है। करीब 111 घंटे से भूखी-प्यासी चेतना की कंडीशन को लेकर अधिकारी चुप हैं। वो कोई मूवमेंट नहीं कर रही है।


बारिश ने रेस्क्यू ऑपरेशन में बढ़ाई मुश्किलें
एनडीआरएफ इंचार्ज योगेश कुमार मीणा ने बताया- गुरुवार रात से ही बारिश की वजह से बार-बार रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ रहा है। हमने जो 5 पाइप अंदर डाले हैं, उनको वेल्ड कर रहे थे, लेकिन बारिश की वजह से परेशानी हो रही है। अभी 5 पाइपों को वेल्ड किया जा चुका है।
इसके साथ पाइप का वजन काफी ज्यादा है, पहले वाली मशीन वजन सहन नहीं कर पा रही थी। हमें 100 टन क्षमता की हाइड्रा मशीन मंगवानी पड़ी है। एक बार वेल्डिंग का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद ही टीम नीचे उतरेगी और खुदाई शुरू की जाएगी। इसमें भी समय लग सकता है।
अब देखिए रेस्क्यू से जुड़े PHOTOS…

शुक्रवार देर रात तक जोरदार बारिश हुई। इस वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन रुका रहा।

शुक्रवार को कई बार हुई बारिश की वजह से कई बार रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा।

शुक्रवार रात करीब 8 बजे आखिरी पाइप पर वेल्डिंग का काम पूरा हुआ।

मैनुअल खुदाई के लिए इस्तेमाल करने वाले औजारों को चेक करते हुए रेस्क्यू टीमें।






























