
Vitamin D
– फोटो : istock
विस्तार
चंडीगढ़ पीजीआई के विशेषज्ञों ने प्राइमरी हाइपरपैराथायरायडिज्म के मरीजों के इलाज को बेहद आसान कर दिया है। इंडोक्रानोलॉजी विभाग के एक शोध के परिणाम के आधार पर नई गाइडलाइन तय की गई है।
विभाग के प्रमुख प्रोफेसर संजय भडाडा ने बताया कि ऐसे मरीजों में विटामिन डी का स्तर कम होने से कई तरह का खतरा बढ़ने लगता है। इसकी आपूर्ति के लिए छह हजार पावर की विटामिन डी की खुराक 8 हफ्ते तक देनी होती है, जिसमें प्रतिदिन मरीज को एक खुराक दी जाती है।
दूसरी ओर, पीजीआई में किए गए शोध के दौरान ऐसे 60 मरीजों को दो वर्गों में बताकर 30 को 8 हफ्ते तक हर हफ्ते दवा की एक खुराक दी गई, जबकि दूसरे वर्ग में शामिल मरीजों को 8 दिनों तक प्रतिदिन दवा की एक खुराक दी गई। तय समय अवधि पूरी होने के बाद दोनों वर्गों में शामिल मरीजों में विटामिन डी का स्तर चेक किया गया। इसमें परिणाम एक समान मिले।
इसके आधार पर यह तय हुआ कि इन मरीजों में 8 हफ्ते तक खुराक देने से हो रही देरी को कम किया जा सकता है क्योंकि ऐसे मरीजों में इलाज के लिए सर्जरी की जरूरत होती है, जो विटामिन डी को संतुलित किए बिना संभव नहीं होता। प्रोफेसर संजय ने बताया कि ऐसे मरीजों में दवा की खुराक को लेकर बनाई गई यह विश्व की पहली नई गाइडलाइन है।
























