
जागरूकता शिविर
– फोटो : संवाद
विस्तार
दिवाली के त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने रविवार को सेक्टर 44 के पार्क में जागरूकता शिविर का आयोजन किया। इस शिविर का उद्देश्य लोगों को खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान के बारे में जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान विभाग के हस्ताक्षरी अधिकारी सुखविंदर सिंह ने लोगों को मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी दी।
मिलावट की लाइव टेस्टिंग
टीम ने मौके पर लाइव परीक्षण कर लोगों को खाद्य पदार्थों में मिलावट पहचानने के तरीके बताए। पनीर, दूध और अन्य खाद्य पदार्थों की जांच कैसे करें, इसका प्रदर्शन भी किया गया।
मौसम आधारित जांच नीति
सुखविंदर सिंह ने बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने अब विभिन्न खाद्य सामग्रियों की जांच के लिए अलग-अलग महीने तय किए हैं। अप्रैल से जून तक डेयरी उत्पाद, जुलाई से सितंबर तक तेल और फैट, अक्तूबर से दिसंबर तक मिठाइयां, और जनवरी से मार्च तक दाल और आटे से बने उत्पादों की जांच की जाएगी।
कैसे करें मिलावट की पहचान
पनीर में मिलावट की पहचान
पनीर के टुकड़े को मैश करके उसमें टिंचर आयोडीन की एक चुटकी मिलाएं। यदि पनीर का रंग बदलने लगे, तो वह मिलावटी हो सकता है।
दूध की 37 सेकेंड में जांच
मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब में मात्र 37 सेकेंड में कच्चे दूध की जांच की जा सकती है।
20 रुपये में जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग की मोबाइल टेस्टिंग टीम 20 रुपये में 14 प्रकार के खाद्य पदार्थों की जांच कर रही है।
खाद्य शिकायत कैसे करें
यदि किसी को खाद्य पदार्थों में मिलावट की शिकायत करनी हो, तो 102 या 0172-2752128 नंबर पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा, Email-foodcomplaintchandigarh@gmail.com या समर्पक पोर्टल (sampark.chd.nic.in) पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।
मोबाइल टेस्टिंग वैन का शेड्यूल
केंद्र दिन
सिविल अस्पताल सेक्टर 22| सोमवार
सिविल डिस्पेंसरी सेक्टर 8 मंगलवार
सिविल डिस्पेंसरी सेक्टर 40 बुधवार
सिविल अस्पताल सेक्टर 45 वीरवार
सिविल अस्पताल मनीमाजरा शुक्रवार


























