चंडीगढ़। गुलमोहर वैली में 125 वर्ग गज का प्लॉट बुक कर 8.75 लाख रुपये का भुगतान करने के 5 साल बाद भी कब्जा नहीं दिया गया। उपभोक्ता आयोग ने गुलमोहर वैली कंपनी को 8.75 लाख रुपये 9 प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा 40 हजार रुपये मानसिक तनाव और अदालत खर्च के लिए देने का आदेश दिया है।
गांव मुल्लांपुर निवासी दिनेश दीप मेहता ने आयोग को बताया कि दिसंबर 2012 में उन्होंने पटियाला में 10.62 लाख में प्लॉट का सौदा किया था। उन्होंने दो लाख रुपये देकर प्लॉट की बुकिंग की थी। इसके बाद कंपनी को अलग-अलग किस्त में राशि दी। कंपनी ने पांच साल में प्लाट का कब्जा देने को कहा था लेकिन साल 2020 में पता चला कि साइट पर कोई विकास कार्य नहीं हुआ। शिकायतकर्ता ने बार-बार कंपनी से संपर्क किया लेकिन कोई समाधान नहीं मिला इससे परेशान होकर शिकायतकर्ता ने सितंबर 2022 में उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
इस पर दूसरे पक्ष ने अदालत में तर्क दिया कि विकास की जिम्मेदारी उनके पास नहीं थी, सभी भुगतान अन्य कंपनियों को किए गए थे लेकिन अदालत ने पाया कि प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक अनुमति के बिना उपभोक्ता से पैसे लेना एक स्पष्ट सेवा में कमी है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद उपभोक्ता आयोग ने पाया कि सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार के चलते शिकायतकर्ता को काफी परेशानी हुई। आयोग ने कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाया और शिकायतकर्ता से ली गई राशि का रिफंड और मुआवजा देने का आदेश दिया।


























