
Gurumeet ram rahim
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डेरा सिरसा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ पंजाब सरकार ने केस चलाने की मंजूरी दे दी है। इस संदर्भ में गृह विभाग के सचिव गुरकीरत कृपाल सिंह ने आदेश जारी किये हैं। पंजाब विधानसभा सत्र में भी बेअदबी का मामला प्रमुखता से उठाया गया था। आप के विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह बेअदबी के मामले पर अपनी ही सरकार को घेरते नजर आए थे। सरकार ने बेअदबी से जुड़े तीन मामलों में केस चलाने को मंजूरी दी है। राम रहीम पर फरीदकोट की अदालत में तीनों केस में ट्रायल चलेगा। धारा-295 ए के तहत मुकदमा चलाने की अनुमति दी गई है। केस के ट्रायल के दौरान जरूरत पड़ने पर राम रहीम को पूछताछ के लिए पंजाब लाया जा सकता है। राम रहीम हरियाणा की सुनारिया जेल में बंद है और फिलहाल पैरोल पर है।
चार दिन पहले ही सुप्रीमकोर्ट ने इस मामले में स्टे हटाई थी। साथ ही डेरा प्रमुख को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब-तलब किया है। गौरतलब है कि सीएम भगवंत मान ने बीते मानसून सत्र में कहा था कि जल्द ही सरकार बेअदबी के मामले में ठोस कदम उठाएगी, क्योंकि एसआईटी को केस में नए तथ्य मिले हैं।
9 साल पुराने है मामला
यह मामला नौ साल पुराना है। जून 2015 में फरीदकोट के बुर्ज जवाहर सिंह वाला गांव में एक गुरुद्वारे से गुरु ग्रंथ साहिब की एक प्रति चोरी हुई थी। इसके बाद सितंबर में, जवाहर सिंह वाला और बरगाड़ी गांवों में पवित्र ग्रंथ के खिलाफ हाथ से लिखे हुए अपवित्र पोस्टर लगाए गए। अक्टूबर में बरगाड़ी में एक गुरुद्वारे के पास पवित्र ग्रंथ के कई फटे हुए अंग बिखरे मिले थे। अक्टूबर 2015 में बहबलकलां में पुलिस फायरिंग में दो लोग मारे गए थे, जबकि कोटकपूरा कांड में कई लोग घायल हुए थे। इस मामले में एडीजीपी एसपीएस परमार की अगुआई में एसआईटी गठित की गई थी। एसआईटी ने 2022 में डेरा सिरसा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को मुख्य साजिशकर्ता बताया था।
डेरा प्रमुख ने की थी सीबीआई जांच जारी रखने की मांग
हाईकोर्ट में डेरा प्रमुख ने पंजाब सरकार की 6 सितंबर 2018 की अधिसूचना को चुनौती दी थी जिसमें सरकार ने जांच को सीबीआई को सौंपने की सहमति वापस ले ली थी। याचिका में डेरा प्रमुख ने मांग की थी कि सीबीआई को बेअदबी के मामलों की जांच जारी रखने का निर्देश दिया जाए। हाईकोर्ट ने इस याचिका को बड़ी बेंच को भेज दिया था ताकि यह पता लगाया जा सके कि सीबीआई जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा दी गई सहमति को बाद में वापस लिया जा सकता है या नहीं। इसके बाद कोर्ट ने आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। इसके बाद पंजाब सरकार ने इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।




























