7 मिनट पहले
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इजराइली PM नेतन्याहू ने UNGA में 2 नक्शे दिखाए। इनमें से एक में सऊदी, मिस्र और सूडान को क्षेत्र के लिए वरदान बताया गया था।
इजराइल और हिजबुल्लाह में जारी टकराव के बीच इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने UN की महासभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वे इस बार UNGA में भाषण नहीं देना चाहते थे। लेकिन इजराइल को लेकर फैलाए जा रहे झूठ ने उन्हें अपने देश का पक्ष रखने पर मजबूर कर दिया।
नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल शांति चाहता है। हम शांति लाए हैं और आगे भी लाते रहेंगे। मैंने पिछले साल जब इस असेंबली को संबोधित किया था तब हम सऊदी अरब के साथ ऐतिहासिक डील करने वाले थे। लेकिन हमास ने हमला कर इस डील को रुकवा दिया।
इजराइली PM ने कहा, “मैंने पिछले बार एक मैप दिखाया था, यह नक्शा इजराइल और उसके साथी अरब देशों को दिखाता है। ये एशिया को यूरोप से जोड़ते हैं, हिंद महासागर को भूमध्य सागर से जोड़ते हैं। इस इलाके में हम रेल लाइन, एनर्जी लाइन्स, फाइबर ऑप्टिक बिछाते जिससे 200 करोड़ लोगों का फायदा होता।
अब इस दूसरे नक्शे को देखिए, यह आतंक का नक्शा है। नेतन्याहू ने दोनों नक्शों का हाथ में उठाकर कहा- एक तरफ भविष्य की उम्मीद है तो दूसरी तरफ भविष्य का अंधकार। इसके बाद इजराइली PM ने इराक, सीरिया और ईरान को इलाके के लिए श्राप बताया।”

नेतन्याहू ने 2 मैप में मिडिल ईस्ट और अफ्रीका के लिए वरदान और श्राप वाले देशों को दिखाया।
नेतन्याहू के संबोधन की 10 बड़ी बातें…
- ईरान में ऐसी कोई जगह नहीं है, जहां तक हम नहीं पहुंच सकते हैं। मैं तेहरान के तानाशाहों को कहना चाहता हूं- अगर तुमने हम पर हमले किए तो हम पलटवार जरूरी करेंगे।
- हमारे दुश्मन न सिर्फ हमें मिटाना चाहते हैं। बल्कि वे हमें डार्क एज की तरफ धकेलना चाहते हैं।
- जंग के बाद हम गाजा को हमास के हवाले नहीं करेंगे। नहीं तो यह ऐसा होगा कि सेकेंड वर्ल्ड वॉर के बाद नाजियों को राज करने दिया होता।
- हम एक और 7 अक्टूबर नहीं होने दे सकते हैं। हमने हमास की 24 बटालियन में से 23 बटालियन को मिटा दिया है।
- हम तब तक चुप नहीं बैठेंगे जब तक हम अपने सभी नागरिकों को हमास की कैद से नहीं छुड़ा लाते।
- हमास के लोगों ने बच्चों को जिंदा, जलाया, महिलाओं से रेप किया। लोगों का सिर काट दिया, परिवारों को मार डाला। हमास 250 लोगों को बंधक बना ले गया।
- हिजबुल्लाह अंतर्राष्ट्रीय कानूनों को उल्लंघन करता है। स्कूल, अस्पतालों, रसोई घरों से हम पर रॉकेट दागता है।
- हमारी जंग लेबनान के लोगों के साथ नहीं हिजबुल्लाह के साथ है। हिजबुल्लाह ने इजराइल के एक हिस्से को घोस्ट टाउन में बदल दिया है।
- अगर अमेरिका के सैन डिऐगो के साथ ऐसा कर दिया जाए तो क्या अमेरिकी सरकार इसे बर्दाश्त करेगी।
हिजबुल्लाह-इजराइल में 10 दिन से टकराव नेतन्याहू का यह भाषण ऐसे समय हो रहा है, जब पिछले 10 दिन से हिजबुल्लाह और इजराइल के बीच टकराव जारी है। दरअसल, लेबनान में 17 सितंबर को पेजर अटैक हुआ था। इसके ठीक एक दिन बाद वॉकी-टॉकी और सोलर एनर्जी सिस्टम में भी विस्फोट हुए। हिजबुल्लाह और लेबनान ने इजराइल को इन हमलों का जिम्मेदार माना था।
इसके बाद दोनों देशों के बीच टकराव छिड़ गया। इजराइल बीते 7 दिनों से लेबनान में मिसाइल हमले कर रहा है। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, इन हमलों में लेबनान के 620 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। इसके अलावा 5 लाख से ज्यादा लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है। इजराइल ने लेबनान में चलाए जा रहे ऑपरेशन को “नॉर्दर्न एरोज” नाम दिया है।
इजराइली डिफेंस फोर्स (IDF) ने 23 सितंबर को लेबनान पर सबसे बड़ा हमला किया था। IDF ने हिजबुल्लाह के 1600 ठिकानों को निशाना बनाते हुए एयर स्ट्राइक की थी। इनमें 10 हजार रॉकेट बर्बाद करने का दावा किया गया। इस हमले में 569 लोगों की मौत हुई।





























