वाशिंगटन1 घंटे पहले
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13 जुलाई को एक रैली के दौरान ट्रम्प पर जानलेवा हमला हुआ था। इस हमले में ट्रम्प के कान में गोली लगी थी।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प गुरुवार को जांच एजेंसी FBI के सामने पेश होंगे। ट्रम्प ने सोमवार को एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में इसकी जानकारी दी है। FBI ट्रम्प से उनपर हुए हमले के बारे में पूछताछ करेगी।
FBI से जुड़े एक अधिकारी ने बताया था कि डोनाल्ड ट्रम्प पूछताछ के लिए तैयार हो गए हैं। हमले को लेकर ट्रम्प से होने वाली पूछताछ के बारे में FBI के स्पेशल एजेंट केविन रोजेक ने बताया कि हम ट्रम्प पर हुए हमले को लेकर उनका पक्ष जानना चाहते है कि उन्होंने उस दौरान क्या देखा और समझा।
दरअसल FBI ट्रम्प पर हुए हमले को लेकर सबूतों की जांच में जुटी हुई है। 13 जुलाई को हुए हमले के 17 दिन बाद भी हमले के मकसद का पता नहीं चल पाया है।

सीक्रेट सर्विस डायरेक्टर दे चुकी हैं इस्तीफा
ट्रम्प पर हमले के 10 दिन बाद ही सीक्रेट सर्विस की डायरेक्टर किम्बर्ली चीटल ने 23 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन पर अपनी जिम्मेदारी ठीक से न निभाने का आरोप लग रहा था। इसी सिलसिले में चीटल 22 जुलाई को संसद की कमेटी के सामने पेश हुई थीं।
चीटल ने कमेटी से कहा था, ‘ट्रम्प की सुरक्षा में चूक हुई है। एजेंसी ने अपना काम ठीक से नहीं किया। मैं इसकी पूरी जिम्मेदारी लेती हूं।’ हालांकि उन्होंने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था। लेकिन इसके एक दिन बाद ही चीटल ने इस्तीफे दे दिया।
ट्रम्प के हमलावर ने जिस वेयर हाउस की छत से गोली चलाई थी, उसे सीक्रेट सर्विस ने सिक्योरिटी जोन में शामिल नहीं किया था। ये वेयर हाउस ट्रम्प के मंच से सिर्फ 400 फीट की दूरी पर था। चीटल से जब पूछा गया कि सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स वहां पर तैनात क्यों नहीं थे, इस पर उन्होंने कुछ नहीं बताया।

चीटल सितंबर 2022 से सीक्रेट सर्विस चीफ के पद पर थीं।
रैली के दौरान ट्रम्प पर हुआ था हमला
13 जुलाई को अमेरिकी राज्य पेंसिलवेनिया के बटलर शहर में डोनाल्ड ट्रम्प पर जानलेवा हमला था। ट्रम्प यहां एक चुनावी रैली को संबोधित करने आए थे। 20 साल के हमलावार थॉमस मैथ्यू क्रूक्स ने असॉल्ट राइफल से डोनाल्ड ट्रम्प पर एक बाद एक 8 राउंड फायर किए थे।
इनमें से एक राउंड डोनाल्ड के दाहिने कान को चीरते हुए निकल गया था। ट्रम्प गोली लगते ही मंच पर झुक गए थे। इसके बाद सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स ने मौके पर हमलावार को ढेर कर दिया था।
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पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर गोली लगने से 1 घंटे पहले ही सीक्रेट सर्विस को हमलावर संदिग्ध लगा था। BBC की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सांसदों को जांच कर रही एजेंसियों ने इसकी जानकारी दी है। बंद दरवाजों के पीछे हुई ब्रीफिंग्स में बताया गया है कि भीड़ में संदिग्ध लगने के बाद वह हमलावर खो गया था।
अमेरिकी चैनल फॉक्स न्यूज के मुताबिक, सीक्रेट सर्विस को हमलावर मैथ्यू रेंजफाइंडर और बैक-पैक के साथ दिखा था। रेंजफाइंडर दूरी मापने का एक यंत्र होता है। मैथ्यू ने ट्रम्प पर हमला करने से पहले घटना स्थल की जगह का दौरा किया था। इसके लिए उसने फोन पर हमले को कैसे अंजाम दिया जाए देखा था। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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अमेरिका में 13 जुलाई को पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर एक चुनावी रैली में गोलियां चलीं। 20 साल के हमलावर ने 400 फीट दूर से 8 राउंड गोलियां फायर कीं। इनमें से एक गोली ट्रम्प के दाहिने कान को चीरते हुए निकल गई। पूर्व राष्ट्रपति का चेहरा खून से सना था, फिर भी वे अपनी मुट्ठी भींचे हुए फाइट-फाइट चिल्लाते रहे। आरोपी को सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स ने मौके पर ही ढेर कर दिया।
अमेरिका में चुनावी माहौल के बीच हुए इस हमले पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। एक तरफ ट्रम्प की पार्टी बाइडेन और डेमोक्रेट्स पर हमला करवाने के आरोप लगा रही है। वहीं, सोशल मीडिया पर कई लोगों का कहना है कि ये हमला खुद ट्रम्प ने ही करवाया है। पूरी खबर यहां पढ़ें..

























