चंडीगढ़। स्टेट व डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी की ओर से सेक्टर-43 जिला अदालत में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में 1880 मामलों का निपटारा किया गया। इस दौरान जनता की भीड़ को ध्यान में रखते हुए न्यायालय के वादियों, कर्मचारियों और न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा के संदर्भ में आवश्यक निदेर्शों का पालन किया गया। इस दौरान 12 बेंच गठित की गई थीं, जिनमें 1880 केसों का निपटारा किया गया। इनमें क्रिमिनल कंपाउंडेबल, चेक बाउंस, रिकवरी, मोटर एक्सीडेंट क्लेम, मैट्रीमोनियल, म्युनिसिपल मैटर्स आदि शामिल थे। वहीं, 2793 ट्रैफिक चालानों का भी निपटारा हुआ, जिससे 23 लाख 83 हजार रुपये का रेवेन्यू इकट्ठा हुआ। इस दौरान 7.38 करोड़ से आधिक के 1552 चेक बाउंस केस, 8.34 करोड़ के 76 मोटर एक्सीडेंट केस, 30.84 लाख के सिविल व रेंट से संबंधित 73 केस, 2 करोड़ 9 हजार के एग्जीक्यूशन केसों का निपटारा हुआ। इनके अलावा 3 लाख 75 हजार 743 रुपये के 2658 केसों का निपटारा स्थायी लोक अदालत में भी हुआ। उपभोक्ता विवाद से संबंधित 5 करोड़ 42 लाख 38 हजार रुपये करीब के 60 केसों का निपटारा हुआ।
सेक्टर-43 जिला अदालत में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी की एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन जस्टिस लिसा गिल के मार्गदर्शन में की गई। जस्टिस रितु बाहरी, डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज अरुणवीर वशिष्ट, मेंबर सेक्रेटरी सुरेंद्र कुमार और डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी की सेक्रेटरी नवजीत कलेर ने कहा कि ये लोगों की अदालत है। उन्हें ज्यादा से ज्यादा केस लोक अदालत में निपटाने चाहिए।
























