1 घंटे पहले
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जो बाइडन ने राष्ट्रपति उम्मदवारी की रेस में खड़े अपनी पार्टी के डीन फिलिप्स और मैरिएन विलियम्सन को हरा दिया।
अमेरिका में इस साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी में उम्मीदवारी के लिए इलेक्शन चल रहे हैं। इस दौरान रविवार सुबह (भारतीय समयानुसार) साउथ कैरोलिना राज्य के प्राइमरी चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी से राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जीत दर्ज की है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक साउथ कैरोलिना में बाइडेन को अश्वेत मतदाताओं का वोट मिला। 2020 में भी यहां के वोटर्स ने बाइडेन को राष्ट्रपति बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। डेमोक्रेटिक पार्टी के मुताबिक साउथ कैरोलिना में 2020 के मुकाबले अब बाइडेन को वोट देने वाला ब्लैक वोटर्स 13% बढ़े हैं।
साउथ कैरोलिना पहला राज्य है जहां बाइडेन ने राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन भरा। यहां उन्हें जीत मिली। इसके पहले न्यू हैम्पशायर में डेमोक्रेटिक पार्टी के चुनावों में राष्ट्रपति बाइडेन का नाम नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने भारी बहुमत के साथ जीत दर्ज की थी। जिसके बाद उन्होंने साउथ कैरोलिना से नामांकन भरा।

न्यू हैम्पशायर में कैसे प्राइमरी जीते थे बाइडेन…
दरअसल, पार्टी चुनावों की तारीखों की घोषणा के बाद बाइडेन ने न्यू हैम्पशायर में देरी से चुनाव कराने की अपील की थी।
हालांकि, पार्टी ने ऐसा करने से मना कर दिया। इस बात से नाराज होकर बाइडेन ने न्यू हैम्पशायर के इलेक्शन नहीं लड़ने का फैसला किया था। इसके बावजूद डेमोक्रेटिक पार्टी में उनके समर्थकों ने चुनाव में राइट-इन कैंपेन चलाया, जिससे बाइडेन चुनाव जीत गए।
अमेरिका में राइट-इन कैंपेन के तहत लिस्ट में नाम न होने के बावजूद मतदाता बैलेट पेपर पर अपने पसंदीदा उम्मीदवार का नाम लिखते हैं। अगर उस उम्मीदवार को बहुमत मिलता है, तो पार्टी उसे विजेता घोषित कर देती है।

बाइडेन बोले- ट्रम्प को लूजर बनाएंगे
जीन दर्ज कराने के बाद बाइडेन ने कहा- साउथ कैरोलिना के लोगों ने मेरा साथ दिया है। इस बात पर कोई संदेह नहीं है कि राष्ट्रपति चुनाव में भी जीत मेरी होगी। हम एक बार फिर डोनाल्ड ट्रम्प को हराएंगे। उन्हें लूजर बनाएंगे।
23 फरवरी को साउथ कैरोलिना में रिपब्लिकन पार्टी की प्राइमरी होगी
रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स दोनों पार्टियां प्राइमरी और कॉकस इलेक्शन के जरिए प्रेसिडेंशियल कैंडिडेट सिलेक्ट कर रही हैं। माना जा रहा है कि मार्च से जून के बीच दोनों पार्टियों के कैंडिडेट तय हो जाएंगे। 23 फरवरी को रिपब्लिकन पार्टी की साउथ कैरोलिना प्राइमरी होगी। इसमें निक्की और ट्रम्प आमने सामने होंगे।
निक्की भले ही रिपब्लिन रेस में ट्रम्प से पीछे हों, लेकिन उन्हें वापसी और जीत का भरोसा है। निक्कूी ने हाल ही में कहा था- अगर ट्रम्प ही हमारी पार्टी की तरफ से प्रेसिडेंशियल कैंडिडेट बनते हैं तो जो बाइडेन आराम से फिर चुनाव जीत जाएंगे।

न्यू हैम्पशायर की प्राइमरी में ट्रम्प ने हेली को हराया था।
कॉकस और प्राइमरी चुनाव में क्या अंतर
रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से पहला कॉकस आयोवा राज्य में हुआ था। दरअसल, प्राइमरी इलेक्शन को राज्य सरकार कराती है। वहीं, कॉकस पार्टी का अपना इवेंट होता है। प्राइमरी इलेक्शन में बिल्कुल वही वोटिंग प्रोसेस होता है, जो आम चुनाव में अपनाया जाता है। इस दौरान एक पार्टी का कार्यकर्ता दूसरी पार्टी के चुनाव में भी वोट डाल सकता है।
वहीं, कॉकस में एक रूम या हॉल में बैठकर पार्टी के प्रतिनिधि हाथ उठाकर या पर्ची डालकर वोटिंग कर सकते हैं। पार्टी की ही एक टीम ऑब्जर्वर की तरह काम करती है। आयोवा में ट्रम्प को 20, जबकि निक्की को 8 वोट मिले थे। नाम वापस ले चुके रॉन डी सेंटिस को 9 वोट मिले थे।
न्यू हैम्पशायर में चुनाव के बाद अगर किसी भी वक्त निक्की रेस छोड़ती हैं तो ऐसे में ट्रम्प ही रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति उम्मीदवार होंगे। अगर निक्की नाम वापस नहीं लेतीं तो बाकी 48 राज्यों में प्राइमरी या कॉकस की वोटिंग जून तक चलती रहेगी।
इस बीच, ट्रम्प या निक्की में से जिस किसी को 1215 पार्टी डेलिगेट्स (प्रस्तावक) के वोट पहले मिल गए, वो पार्टी का राष्ट्रपति उम्मीदवार होगा।
























