-हाईकोर्ट ने सरकार को गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को लेकर रुख स्पष्ट करने का दिया आदेश
-हाईकोर्ट ने मुख्य याचिका का निपटारा करते हुए सर्वे का दिया था आदेश, अब दाखिल हुई अर्जी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में बड़े पैमाने पर चल रहे गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों पर अब कार्रवाई की तलवार लटक गई है। स्कूलों को लेकर दाखिल अर्जी पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को कार्रवाई का ब्योरा सौंपने का आदेश दिया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने इन स्कूलों को लेकर स्थिति स्पष्ट करने का आदेश दिया है।
फरीदाबाद के मनोज कुमार जायसवाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया था कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर गैर मान्यता प्राप्त स्कूल चल रहे हैं। इस प्रकार के स्कूल छात्रों के भविष्य को संकट में डाल सकते हैं। अकेले फरीदाबाद में 550 से अधिक स्कूल गैर-मान्यता प्राप्त हैं और सरकार इन पर कार्रवाई नहीं कर रही है। जबकि आरटीई एक्ट 2009 एवं हरियाणा एजुकेशन एक्ट के तहत इस तरह के स्कूलों के खिलाफ राज्य के शिक्षा निदेशक कार्रवाई कर सकते हैं। हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए हरियाणा सरकार को निर्देश दिए थे कि चार महीनों में सर्वे कर राज्य में मौजूद गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची बनाई जाए। इस सूची को तैयार करने के बाद नियमों के अनुसार इन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस मामले में अब एक अर्जी दायर करते हुए हाईकोर्ट को बताया गया कि आदेश के एक दशक बाद भी स्कूलों पर कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में अब हाईकोर्ट से अपील की गई कि इन स्कूलों पर कार्रवाई का निर्देश जारी किया जाए। हाईकोर्ट ने याचिका पर अब हरियाणा सरकार को स्कूलों पर कार्रवाई का ब्योरा सौंपने का आदेश दिया है।




























